
पटना। बिहार में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार मौसम का मिजाज बदला हुआ है। कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से काफी राहत मिली है। इसी बीच मौसम विभाग ने बुधवार के लिए बिहार के 24 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर नहीं जाने की सलाह दी है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार को उत्तर और उत्तर-पूर्वी बिहार के साथ-साथ कुछ मध्य जिलों में मानसूनी गतिविधियां अधिक प्रभावी रहेंगी। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने, कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में तेज वर्षा होने की संभावना है। गरज-चमक के साथ बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा, इसलिए विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
विभाग द्वारा जारी येलो अलर्ट के तहत पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई जिले शामिल हैं। इन जिलों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इन क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है और कुछ स्थानों पर अल्प अवधि में अधिक वर्षा भी दर्ज की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने के कारण वातावरण में नमी का स्तर काफी अधिक है। बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है, जिससे गरज-चमक और तेज बारिश की स्थिति बन रही है। आने वाले कुछ दिनों तक यही स्थिति बनी रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने किसानों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खेतों में काम कर रहे किसानों से अपील की गई है कि यदि आकाश में बिजली चमकने लगे या तेज गर्जना सुनाई दे तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। खुले खेतों, ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखना आवश्यक है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन आकाशीय बिजली और तेज हवाएं नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।
वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। तेज बारिश के दौरान दृश्यता कम होने और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बनने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में अनावश्यक यात्रा से बचने और वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है। जिन क्षेत्रों में तेज हवा चलने की संभावना है, वहां दोपहिया वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में मानसून की सक्रियता अभी कुछ दिनों तक बनी रहेगी। 10 जुलाई के आसपास उत्तर-पूर्वी बिहार के कुछ जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। यदि यह स्थिति बनी रहती है तो निचले इलाकों में जलजमाव और छोटी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। प्रशासन भी संभावित स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
पिछले 24 घंटों के दौरान भी बिहार के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। कटिहार, मधुबनी, पटना, सासाराम, बेतिया, औरंगाबाद सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा हुई। सबसे अधिक 54.2 मिलीमीटर बारिश गया जिले में दर्ज की गई। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान में एक से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है।
हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। विशेष रूप से उत्तर बिहार के नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है। यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह वर्षा जारी रहती है तो निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय प्रशासन को भी आवश्यक तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने 9 जुलाई के लिए भी लगभग इसी तरह का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग का कहना है कि राज्य के कई जिलों में रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहेंगी। वहीं 10 जुलाई को अधिकांश जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी रहने की संभावना है। विशेष रूप से मधुबनी और सुपौल जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके बाद 11 जुलाई को लगभग पूरे बिहार में बारिश और आंधी को लेकर अलर्ट जारी रहने की संभावना व्यक्त की गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून का यह चरण कृषि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धान की रोपाई और खरीफ फसलों के लिए यह बारिश काफी उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि अत्यधिक वर्षा की स्थिति में जलनिकासी की व्यवस्था भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी, ताकि खेतों में जलभराव से फसलों को नुकसान न पहुंचे।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और बिजली चमकने के समय पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें। तेज हवा और बारिश के दौरान खुले मैदान, नदी-तालाब के किनारे तथा बिजली के खंभों के पास जाने से भी परहेज करें। साथ ही मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करते रहें।
फिलहाल पूरे बिहार में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं और अगले तीन से चार दिनों तक मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। ऐसे में राज्य के लोगों को बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं तथा समय-समय पर आवश्यक चेतावनी और सलाह जारी कर रहे हैं।


