
पटना, 21 मई 2026। बिहार में सुशासन, कानून व्यवस्था और पुलिस कल्याण को लेकर राज्य सरकार ने एक बार फिर बड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को पटना स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय के सरदार पटेल भवन में आयोजित “बैंक ऑफ बड़ौदा बिहार पुलिस सैलरी पैकेज दिवंगत पुलिसकर्मी बीमा लाभ वितरण कार्यक्रम” में हिस्सा लिया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने 61 दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजनों को कुल 37 करोड़ 50 लाख रुपये की बीमा राशि का सांकेतिक चेक प्रदान किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की भूमिका को बिहार में सुशासन की रीढ़ बताते हुए कहा कि राज्य में विकास और समृद्धि का रास्ता मजबूत कानून व्यवस्था और सुशासन से होकर गुजरता है। उन्होंने साफ कहा कि बिहार पुलिस की मेहनत और समर्पण की वजह से ही राज्य में सुशासन कायम है और सरकार पुलिसकर्मियों तथा उनके परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
नेहरू पथ स्थित बिहार पुलिस मुख्यालय के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री का स्वागत अपर पुलिस महानिदेशक (बजट, अपील एवं कल्याण) श्री संजय सिंह ने प्रतीक चिह्न भेंटकर किया, जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक श्री सुब्रत कुमार स्वाई ने पौधा भेंट कर उनका अभिनंदन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि किसी व्यक्ति के जीवन की भरपाई धन से नहीं की जा सकती, लेकिन कठिन समय में आर्थिक सहयोग परिवार को आगे बढ़ने का सहारा देता है। उन्होंने कहा कि दिवंगत पुलिसकर्मियों ने अपने जीवन को समाज और राज्य की सुरक्षा के लिए समर्पित किया था, इसलिए सरकार और समाज की जिम्मेदारी बनती है कि उनके परिवारों को हर संभव सहायता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस बल को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार निवेश कर रही है और आने वाले समय में इसे और बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब पुलिस मजबूत होगी तभी सुशासन मजबूत होगा और जब सुशासन मजबूत होगा तभी बिहार में उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अपराध और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पुलिस कार्रवाई और एनकाउंटर पर सवाल उठाते हैं तथा इसे जाति से जोड़ने की कोशिश करते हैं, जबकि पुलिस अपराधी की जाति नहीं देखती। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि कोई पुलिस को चुनौती देगा तो बिहार पुलिस 48 घंटे के भीतर उसी भाषा में जवाब देने की क्षमता रखती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और सरकार अपराध मुक्त बिहार बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने पुलिसकर्मियों के कल्याण को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। उन्होंने कहा कि बिहार के सभी 40 पुलिस लाइनों में पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए जल्द ही गुणवत्तापूर्ण स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना चाहती है जहां मंत्री और अधिकारी भी अपने बच्चों के नामांकन के लिए प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि बिहार ज्ञान और संस्कृति की भूमि है और यहां से विश्व को शांति और शिक्षा का संदेश मिला है। ऐसे में राज्य के बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित की जाएगी और इसके लिए आवश्यक राशि सरकार उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि सरकार हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 के बाद बिहार में जो सुशासन स्थापित हुआ है, उसमें पुलिस बल की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बिहार में महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ती भागीदारी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में बिहार पुलिस में 30 हजार से अधिक महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो पूरे देश में सबसे अधिक है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण और कानून व्यवस्था दोनों के लिए सकारात्मक उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने राज्य के आर्थिक विकास और निवेश के मुद्दे पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य 20 नवंबर 2026 तक राज्य में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना है। इसके लिए उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार में सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है ताकि निवेशकों को बेहतर माहौल मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बाजार की बड़ी संभावनाएं हैं और राज्य को औद्योगिक विकास की नई दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बैंकिंग व्यवस्था और सीडी रेशियो का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा का सीडी रेशियो 28 प्रतिशत से बढ़कर 59 प्रतिशत तक पहुंचा है, लेकिन इसे 100 प्रतिशत तक ले जाने की जरूरत है ताकि बिहार के लोगों का पैसा बिहार के विकास में उपयोग हो सके।
कार्यक्रम में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अरविंद कुमार चौधरी, पुलिस महानिदेशक श्री विनय कुमार, पुलिस महानिदेशक (बजट, अपील एवं कल्याण) श्री संजय सिंह तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के महाप्रबंधक श्री सुब्रत कुमार स्वाई ने भी अपने विचार रखे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह, महानिदेशक निगरानी श्री जितेंद्र सिंह गंगवार, महानिदेशक बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस श्री जितेंद्र कुमार, महानिदेशक अभियान श्री कुंदन कृष्णन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, पुलिसकर्मी और दिवंगत पुलिसकर्मियों के परिजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के जरिए राज्य सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया कि बिहार में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के साथ-साथ पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के कल्याण को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।


