बिहार पुलिस ने साइबर ठगी के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, छह गिरफ्तार

पटना, 21 जुलाई 2025: बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की साइबर विंग ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए इसके मास्टरमाइंड सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह SIM बॉक्स तकनीक के जरिये देशभर में साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। इस कार्रवाई में सुपौल और वैशाली पुलिस का भी सक्रिय सहयोग रहा।

SIM बॉक्स के जरिये चल रहा था फर्जी कॉल का रैकेट

EOU की विशेष टीम ने सुपौल जिले के गौसपुर से 21 वर्षीय हर्षित कुमार को गिरफ्तार किया, जो इस गिरोह का मास्टरमाइंड है। हर्षित के पास से 8 SIM बॉक्स डिवाइस, सैकड़ों वैध-अवैध सिम कार्ड, पासबुक, ATM और क्रेडिट कार्ड जब्त किए गए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हर्षित फेसबुक और टेलीग्राम के माध्यम से वियतनाम, चीन, कंबोडिया जैसे देशों के साइबर अपराधियों से जुड़ा था। उन्हें SIM बॉक्स के संचालन का प्रशिक्षण और उपकरण विदेशों से मिले थे।

SIM बॉक्स के जरिए अंतरराष्ट्रीय VOIP कॉल्स को देशी GSM कॉल में बदलकर भारत के नागरिकों से धोखाधड़ी की जा रही थी। प्रतिदिन 10,000 से अधिक कॉल इसी सिस्टम से की जाती थीं, जिससे भारत सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा था।

SIM कार्ड आपूर्ति का जाल

हर्षित को SIM की आपूर्ति झारखंड के पाकुड़ निवासी सुमित शाह और हाजीपुर निवासी मोहम्मद सुल्तान ने की थी। सुल्तान एक CSC संचालक है जो गांवों में फर्जी सरकारी योजनाओं के नाम पर कैंप लगाकर आम लोगों का बायोमेट्रिक डेटा जुटाता था। इस डेटा का उपयोग टेलीकॉम डिस्ट्रीब्यूटर्स की मिलीभगत से सैकड़ों सिम कार्ड जारी कराने में होता था।

गिरफ्तार आरोपी और जांच की दिशा

अब तक गिरफ्तार आरोपी:

  1. हर्षित कुमार – मास्टरमाइंड
  2. मोहम्मद सुल्तान – CSC संचालक
  3. सुमित शाह – SIM सप्लायर (वर्तमान में न्यायिक हिरासत में)
  4. चार अन्य POS संचालनकर्ता

जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह भारत के अलावा चीन, थाईलैंड, कंबोडिया, UAE, वियतनाम, हांगकांग, जर्मनी, UK सहित कई देशों से जुड़ा है। गिरोह के खिलाफ अब तक 18 मामले NCRP पोर्टल पर दर्ज पाए गए हैं।

क्रिप्टो लेन-देन और वित्तीय जांच

पुलिस को भारी मात्रा में क्रिप्टो करेंसी के ट्रांजेक्शन के साक्ष्य मिले हैं। दो क्रिप्टो एक्सचेंजों पर आरोपी के अकाउंट चिन्हित किए गए हैं। साथ ही, आरोपियों के पैन, आधार, बैंक खातों की जानकारी लेकर संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी गई है।

बिहार पुलिस की सख्ती और आगे की कार्रवाई

बिहार पुलिस ने इस कार्रवाई को साइबर अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है। अन्य संलिप्त व्यक्तियों, CSC संचालकों और टेलीकॉम डिस्ट्रीब्यूटर्स की भूमिका की भी जांच की जा रही है। देशभर में इस नेटवर्क के विस्तार को देखते हुए अन्य राज्यों में भी कार्रवाई की संभावनाएं जताई गई हैं।


 

  • ये भी पढ़े..

    भरत तिवारी एनकाउंटर केस: जांच आयोग के सामने फूट पड़ा मां का दर्द, STF को देखकर बोलीं- “मेरे बेटे के हत्यारों को फांसी हो”

    Share Add as a preferred…

    बिहार में AI क्रांति की तैयारी! गूगल, माइक्रोसॉफ्ट समेत 4 बड़ी कंपनियों के साथ होगा समझौता, कैबिनेट से मिली मंजूरी

    Share Add as a preferred…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *