पटना, 25 अगस्त।बिहार अब सचमुच पुलों का प्रदेश बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 2005 में सत्ता संभालने के बाद से पुल निर्माण में ऐतिहासिक तेजी आई है। पिछले दो दशकों में गंगा, सोन, गंडक और कोसी नदियों पर 15 बड़े पुल बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 21 पुलों का निर्माण कार्य जारी है।
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा नदी पर बने 6 लेन वाले औंटा-सिमरिया पुल का उद्घाटन किया। यह पुल देश का सबसे चौड़ा पुल (8.15 किमी लंबा) है। इसके शुरू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क और मजबूत हुआ है।
गंगा नदी पर पुलों का विस्तार
- अब तक 8 पुल चालू हैं
- 9 पुल निर्माणाधीन
- 3 नए पुलों की योजना पर काम जारी
- औंटा-सिमरिया पुल को राज्य की जीवनरेखा माना जा रहा है
सोन नदी पर सातवां पुल बनने की तैयारी
- अब तक 5 पुल बन चुके
- 1 पुल निर्माणाधीन
- 2 पुलों को मंजूरी
- नया सातवां पुल बिंदौल–कोशीहान के बीच बनेगा
- छठा पंडुका घाट पुल डेहरी ऑन सोन को अकबरपुर–सदुनाथपुर मार्ग से जोड़ेगा
- इससे उत्तर प्रदेश के लोगों को भी लाभ मिलेगा
गंडक नदी पर लंबी छलांग
- 7 पुल तैयार
- 3 पुल निर्माणाधीन
- 4 नए प्रस्तावित
कोसी नदी पर देश का सबसे लंबा पुल
- अब तक 4 पुल तैयार
- 3 निर्माणाधीन
- मधुबनी (भेजा) से सुपौल (बकौर) तक बनने वाला 10.02 किमी लंबा पुल देश का सबसे लंबा होगा
- यह पुल भारतमाला परियोजना के तहत लगभग 1200 करोड़ की लागत से बन रहा है
- इसके शुरू होने से मधुबनी–सुपौल की दूरी 30 किमी घट जाएगी
विकास की नई राह
बिहार में पुलों का यह विस्तार न सिर्फ परिवहन व्यवस्था को सुगम बना रहा है, बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की नई राह खोल रहा है। आने वाले वर्षों में जब सभी निर्माणाधीन पुल पूरे हो जाएंगे, तब तीन घंटे में पटना पहुँचने का सपना हकीकत बन जाएगा।


