​बिहार के इन 3 प्रखंडों में पहली बार खुलेंगे डिग्री कॉलेज: ‘सात निश्चय-3’ के तहत मिली मंजूरी, 132 पदों पर होगी बहाली

पटना। बिहार में उच्च शिक्षा के ढांचे को सुदृढ़ करने और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को उनके घर के पास ही स्नातक की पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सम्राट सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। 13 मई 2026 को आयोजित कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के तीन महत्वपूर्ण प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना और उनके संचालन के लिए पदों के सृजन को अपनी ‘स्वीकृति’ प्रदान कर दी है। यह निर्णय राज्य सरकार के ‘सात निश्चय-3 (2025-30)’ के चौथे संकल्प “उन्नत शिक्षा-उज्ज्वल भविष्य” के तहत लिया गया है। इस फैसले से न केवल शिक्षा का स्तर सुधरेगा, बल्कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय असमानता भी कम होगी।

पिपरासी, भीतहा और टेटिया बम्बर को मिली उच्च शिक्षा की सौगात

​कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, राज्य के उन प्रखंडों को प्राथमिकता दी गई है जहाँ अब तक एक भी डिग्री कॉलेज मौजूद नहीं था। इन महाविद्यालयों को संबंधित क्षेत्रीय राज्य विश्वविद्यालयों की अंगीभूत इकाई (Constituent Unit) के रूप में मान्यता दी जाएगी।

नए कॉलेजों के स्थापना स्थल:

  • पश्चिम चम्पारण जिला: पिपरासी एवं भीतहा प्रखंड (डिग्री महाविद्यालय रहित अवशेष प्रखंड)।
  • मुंगेर जिला: टेटिया बम्बर प्रखंड।

​इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पहले स्नातक की पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय कर जिला मुख्यालय या अन्य शहरों में जाना पड़ता था, जिससे विशेषकर लड़कियों की उच्च शिक्षा बीच में ही छूट जाने का खतरा बना रहता था। अब स्थानीय स्तर पर कॉलेज खुलने से इस समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा।

132 नए पदों का सृजन: शिक्षक और कर्मियों की होगी सीधी बहाली

​सिर्फ कॉलेज खोलना ही नहीं, बल्कि उनके गुणवत्तापूर्ण संचालन के लिए सरकार ने मानव संसाधन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। कैबिनेट ने इन तीनों महाविद्यालयों के औपबंधिक संचालन के लिए नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है।

पदों का विवरण:

  • प्रति कॉलेज पद: 44 शैक्षणिक (शिक्षक) और शिक्षकेत्तर (Staff) कर्मियों के पद।
  • कुल सृजित पद: 132 (एक सौ बत्तीस) पद।

​इन पदों पर बहाली होने से राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार का लक्ष्य है कि आधारभूत संरचना के निर्माण के साथ-साथ पर्याप्त स्टाफ की तैनाती कर जल्द से जल्द इन कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की जाए।

208 महाविद्यालयों के नामकरण में होगा परिमार्जन

​उच्च शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव में एक और महत्वपूर्ण प्रशासनिक सुधार शामिल है। संकल्प संख्या-633, दिनांक 30.04.2026 के माध्यम से राज्य में पूर्व से स्थापित 208 महाविद्यालयों के नामकरण संबंधी कंडिका में परिमार्जन (संशोधन) को भी स्वीकृत किया गया है। इसका उद्देश्य महाविद्यालयों की पहचान और उनके प्रशासनिक रिकॉर्ड को और अधिक सुसंगत और स्पष्ट बनाना है।

‘सात निश्चय-3’ का असर: बदल रही बिहार की तस्वीर

​सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार ‘सात निश्चय-3’ के लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रही है। शिक्षा के साथ-साथ इस कैबिनेट बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम के लिए ₹209 करोड़ के प्रोजेक्ट और सुरक्षा के लिए 5 रूरल एसपी के पदों को मंजूरी देना यह दर्शाता है कि सरकार आधुनिक बिहार की नींव रख रही है।

​ग्रामीण क्षेत्रों में डिग्री कॉलेजों की यह श्रृंखला आने वाले वर्षों में बिहार के ‘ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो’ (GER) को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • ये भी पढ़े..

    आज का राशिफल और पंचांग: 13 जून 2026 का दिन किस राशि के लिए रहेगा शुभ, जानें सभी 12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल

    Share Add as a preferred…

    भागलपुर में गैस, पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य, प्रशासन ने अफवाहों से बचने की अपील की

    Share Add as a preferred…