पटना, 16 अगस्त: बिहार सरकार ने देश की रक्षा में योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के लिए सभी कल्याणकारी योजनाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत सैनिकों को निदेशालय के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी।
मुख्य बिंदु:
- राज्य में सभी कल्याणकारी योजनाओं, जैसे शिक्षा अनुदान, वैवाहिक अनुदान, प्रधानमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति, आदि को ऑनलाइन किया जाएगा।
- ऑनलाइन सेवाओं के लिए स्टेट एक्स सर्विस मैन बेनेवोलेंट फंड से 20 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है।
- पटना जिला सैनिक कल्याण पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
- बिहार में 5,000 पूर्व सैनिकों को ERSS डायल-112 में वाहन चालक के पद पर नियुक्ति दी गई है।
- राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में पूर्व सैनिकों को गार्ड के पद पर नियुक्ति बड़े पैमाने पर की जाएगी।
- स्नातक (BA HRM) की पढ़ाई और प्रमाणपत्र भी पूर्व सैनिकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
इंटिग्रेटेड सैनिक काम्प्लेक्स का निर्माण:
- राज्य के 20 जिलों में निर्माण कार्य प्रगति पर है।
- पहले से दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सिवान, बक्सर, रोहतास और भागलपुर में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय कार्यरत हैं।
- नालंदा, बेगूसराय, सीतामढ़ी, मधुबनी, समस्तीपुर, कैमूर, औरंगाबाद, जहानाबाद, कटिहार, सहरसा, पश्चिमी चंपारण और गोपालगंज में इंटिग्रेटेड सैनिक काम्प्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है।
विशेष जानकारी:
यह पहल पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के सशक्तिकरण, पुनर्नियोजन और कल्याण के लिए अहम साबित होगी। सरकार का उद्देश्य है कि सभी पूर्व सैनिक सम्मान और सुविधा के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ सकें।


