
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए बिहार सरकार सतर्क हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निर्देश पर राज्य सरकार ने खाड़ी देशों में फंसे बिहारी मजदूरों की सहायता के लिए अहम कदम उठाया है। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी करने के साथ-साथ राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है, ताकि जरूरतमंद लोग तुरंत संपर्क कर मदद प्राप्त कर सकें।
यह फैसला सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई क्राइसिस मैनेजमेंट बैठक में लिया गया, जिसमें स्थिति की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई पर जोर दिया गया।
फोन और व्हाट्सऐप से मिलेगी सहायता
श्रम संसाधन विभाग द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम के लिए फोन नंबर 0612-2520053 और व्हाट्सऐप नंबर 7368855002 जारी किए गए हैं। यहां नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। मिडिल ईस्ट या अन्य राज्यों में फंसे श्रमिक इन नंबरों पर संपर्क कर अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं और जरूरी मदद हासिल कर सकते हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव
फिलहाल मिडिल ईस्ट में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं और स्थिति क्षेत्रीय युद्ध की ओर बढ़ती नजर आ रही है। हाल ही में अमेरिका की ओर से ईरान को 7 अप्रैल 2026 तक की सख्त चेतावनी दी गई है कि यदि शांति समझौते और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति नहीं बनी, तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस बढ़ते तनाव को देखते हुए बिहार सरकार भी सक्रिय हो गई है।
2 लाख से अधिक बिहारी मजदूर प्रभावित
रिपोर्ट्स के अनुसार, खाड़ी देशों में बिहार के करीब 2 लाख से अधिक लोग काम करते हैं। अचानक हालात बिगड़ने से ये मजदूर वहीं फंस गए हैं। दुबई, ओमान और अन्य इलाकों में रह रहे मजदूरों में डर का माहौल है।
पूर्णिया के करीब 10 मजदूर दुबई में फंसे होने की सूचना है, जिन्हें सुरक्षा कारणों से कंपनी ने कमरों में रहने को कहा है। वहीं, सीवान और बेगूसराय के मजदूर बमबारी और मिसाइल हमलों के बीच बंकरों या सुरक्षित स्थानों में शरण लिए हुए हैं।
सरकार ने भरोसा दिलाया है कि हर जरूरतमंद तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाई जाएगी।


