
बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री Samrat Choudhary की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न वेतनमानों के तहत महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
इस फैसले के बाद सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, पुलिसकर्मियों और पेंशनभोगियों की आय में बढ़ोतरी होगी। सरकार का कहना है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए कर्मचारियों के हित में यह निर्णय लिया गया है।
छठवें वेतनमान वालों का DA बढ़कर 262 प्रतिशत
वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, छठवें केंद्रीय वेतनमान के अंतर्गत आने वाले सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता एवं राहत की दर 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दी गई है।
यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। वित्त विभाग की उप सचिव (व्यय) रचना पाटिल द्वारा जारी आदेश में इसकी जानकारी दी गई है।
पांचवें वेतनमान वालों को भी राहत
पंचम केंद्रीय वेतनमान के तहत वेतन और पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारियों तथा पारिवारिक पेंशनभोगियों के लिए भी सरकार ने राहत दी है।
इनके लिए महंगाई भत्ता एवं राहत की दर 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दी गई है। यह फैसला भी 1 जनवरी 2026 से लागू होगा।
सातवें वेतनमान के तहत DA हुआ 60 प्रतिशत
सप्तम केंद्रीय पुनरीक्षित वेतन संरचना के अंतर्गत आने वाले सरकारी सेवकों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।
सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में राज्यकर्मियों और पेंशनरों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में होगा इजाफा
कैबिनेट के फैसले के बाद कर्मचारियों के वेतन में न्यूनतम 390 रुपए से लेकर अधिकतम 4500 रुपए प्रतिमाह तक की बढ़ोतरी होगी।
- 19 हजार रुपए मूल वेतन पाने वाले कर्मचारियों को करीब 390 रुपए प्रतिमाह अतिरिक्त मिलेंगे।
- वहीं 2.25 लाख रुपए मूल वेतन पाने वाले वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को लगभग 4500 रुपए अतिरिक्त मिलेंगे।
इसी तरह पेंशनरों की मासिक पेंशन में भी 250 रुपए से लेकर 2200 रुपए तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है।


