बिहार में भ्रष्टाचार पर बड़ा एक्शन: 14 अंचल अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई, कई निलंबित तो कई का वेतन रोका गया

पटना। बिहार सरकार ने भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही के आरोपों को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में तैनात अंचल अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। राज्य सरकार ने एक साथ 14 अंचल अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई का फैसला लिया है। इनमें कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया है, जबकि कई अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार की इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दिलीप जायसवाल ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत के दौरान इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन अधिकारियों पर भ्रष्ट आचरण, लापरवाही या पद के दुरुपयोग के आरोप मिले हैं, उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जा रही है।

मंत्री के अनुसार, राज्य के अलग-अलग जिलों में तैनात अंचल अधिकारियों के खिलाफ जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई है। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अधिकृत जांच टीमों ने रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें कई गंभीर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया।

जानकारी के मुताबिक जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे पटना, सारण, सुपौल, भागलपुर और बेगूसराय समेत कई जिलों में विभिन्न अनुमंडलों में तैनात हैं। विभागीय स्तर पर इन अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा लंबे समय से चल रही थी। जांच के दौरान भूमि संबंधित मामलों के निष्पादन में देरी, राजस्व कार्यों में अनियमितता, शिकायतों की अनदेखी और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोप सामने आए थे।

सरकार की इस कार्रवाई को प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। बिहार में जमीन विवाद, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि मापी और अन्य राजस्व मामलों को लेकर लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। आम लोगों का आरोप रहा है कि कई अंचल कार्यालयों में काम कराने के लिए अवैध वसूली और अनावश्यक देरी की जाती है। ऐसे में सरकार की यह कार्रवाई प्रशासनिक व्यवस्था को सख्त संदेश देने के तौर पर देखी जा रही है।

दिलीप जायसवाल ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता के काम में लापरवाही करने वाले या भ्रष्ट गतिविधियों में शामिल अधिकारियों को किसी भी सूरत में नहीं छोड़ा जाएगा। मंत्री ने यह भी कहा कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि ईमानदारी और बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सभी अंचल अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा लगातार की जा रही है। जो अधिकारी जनता के काम को प्राथमिकता दे रहे हैं और पारदर्शी तरीके से जिम्मेदारी निभा रहे हैं, उन्हें सम्मानित और पुरस्कृत करने की योजना भी बनाई जा रही है। सरकार चाहती है कि राजस्व विभाग में जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों मजबूत हों।

सूत्रों के अनुसार जिन अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है, उनमें से कुछ के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जबकि कुछ के खिलाफ विभागीय जांच जारी है। कई अधिकारियों की वेतन वृद्धि पर रोक लगाने और सेवा अभिलेख में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज करने जैसी कार्रवाई भी की जा रही है। विभागीय स्तर पर आगे और भी अधिकारियों की जांच हो सकती है।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि हाल के महीनों में भूमि विवाद और अंचल कार्यालयों से जुड़ी शिकायतों की संख्या में बढ़ोतरी हुई थी। कई मामलों में आम लोगों ने अधिकारियों पर रिश्वत मांगने, फाइल लंबित रखने और नियमों के विपरीत काम करने के आरोप लगाए थे। इन शिकायतों के बाद सरकार ने गंभीरता से जांच शुरू कराई थी।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार आगामी चुनावों से पहले प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और जनता के बीच साफ संदेश देने की कोशिश कर रही है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती दिखाकर सरकार आम लोगों का भरोसा मजबूत करना चाहती है। वहीं विपक्ष भी लंबे समय से राजस्व विभाग में फैले भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाता रहा है।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग बिहार सरकार का एक महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है। जमीन से जुड़े मामलों में सीधे जनता का संपर्क अंचल कार्यालयों से होता है। ऐसे में यहां पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना सरकार के लिए बड़ी चुनौती रहती है। कई बार छोटे-छोटे काम के लिए लोगों को महीनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे नाराजगी बढ़ती है।

सरकार अब डिजिटल निगरानी और ऑनलाइन प्रक्रियाओं को भी मजबूत करने की तैयारी में है, ताकि भ्रष्टाचार की संभावना को कम किया जा सके। विभागीय सूत्रों के अनुसार भूमि संबंधित कई सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन करने की दिशा में भी काम चल रहा है। इससे आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के बीच सतर्कता बढ़ गई है। कई जिलों में अधिकारी लंबित मामलों के निपटारे और कार्यालय व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। विभागीय स्तर पर यह संकेत दिया गया है कि आने वाले समय में और भी सख्त फैसले लिए जा सकते हैं।

फिलहाल सरकार की इस कार्रवाई को बिहार प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा संदेश माना जा रहा है। जनता की नजर अब इस बात पर टिकी है कि जांच के बाद दोषी अधिकारियों पर आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या इससे आम लोगों को सरकारी कार्यालयों में राहत मिल पाएगी।

  • ये भी पढ़े..

    बिहार के लाल झंडू कुमार ने ग्लासगो में रचा इतिहास, ई-रिक्शा बेचकर जुटाए थे डाइट के पैसे; अब देश को दिलाया कांस्य पदक

    Share Add as a preferred…

    बिहार बंद के दौरान कई जिलों में उग्र प्रदर्शन, पटना समेत आठ जगहों पर हिंसा; पुलिस कार्रवाई में कई घायल

    Share Add as a preferred…