
पटना, 3 जून 2026। बिहार में भीषण गर्मी और बढ़ती बिजली मांग के बीच ऊर्जा विभाग ने निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाया है। ऊर्जा विभाग के सचिव एवं बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अजय यादव ने राज्यभर में बिजली आपूर्ति की स्थिति और ट्रिपिंग की घटनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में ऊर्जा सचिव ने स्पष्ट कहा कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए फील्ड स्तर पर लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
SOP के अनुसार होगा हर कार्य
बैठक के दौरान अजय यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली आपूर्ति से जुड़े सभी कार्य निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार किए जाएं।
उन्होंने कहा कि कहीं भी बिजली बाधित होने या ट्रिपिंग की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। किसी भी समस्या के समाधान में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और उपभोक्ताओं को न्यूनतम असुविधा हो, यह सुनिश्चित किया जाए।
ट्रांसफॉर्मर और बिजली लाइनों की होगी नियमित जांच
ऊर्जा सचिव ने वितरण प्रणाली को और मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर (डीटी), बिजली के पोल, विद्युत लाइन और अन्य अवसंरचनाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी उपकरणों का समयबद्ध रखरखाव सुनिश्चित किया जाए ताकि तकनीकी खराबियों के कारण बिजली आपूर्ति प्रभावित न हो।
शिकायतों के त्वरित निपटारे पर जोर
बैठक में उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। अजय यादव ने कहा कि फील्ड स्तर पर प्राप्त शिकायतों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाए और किसी भी समस्या के समाधान में लापरवाही न बरती जाए।
बढ़ती मांग को देखते हुए विशेष तैयारी
ऊर्जा सचिव ने कहा कि राज्य में पड़ रही भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में विभाग को पहले से पूरी तैयारी रखनी होगी।
उन्होंने सभी वितरण कंपनियों को आवश्यक संसाधनों, उपकरणों और मानवबल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि किसी भी स्थिति में बिजली आपूर्ति बाधित न हो।
आपात स्थिति से निपटने के निर्देश
बैठक में अधिकारियों को संभावित आपात स्थितियों के लिए भी तैयार रहने को कहा गया। ऊर्जा सचिव ने निर्देश दिया कि किसी बड़े तकनीकी दोष, ट्रिपिंग या अन्य आकस्मिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी स्तरों पर तैयारी रखी जाए।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव रहता है, इसलिए हर परिस्थिति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र तैयार होना चाहिए।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
समीक्षा बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) के प्रबंध निदेशक राहुल कुमार सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में राज्यभर में बिजली आपूर्ति की वर्तमान स्थिति, ट्रिपिंग की घटनाओं, रखरखाव कार्यों और उपभोक्ता शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई।
उपभोक्ताओं को राहत देने पर फोकस
ऊर्जा विभाग का मानना है कि गर्मी के मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सभी अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया है।
विभाग की कोशिश है कि आने वाले दिनों में बिजली कटौती, ट्रिपिंग और तकनीकी बाधाओं को न्यूनतम स्तर पर रखा जाए, ताकि राज्य के करोड़ों उपभोक्ताओं को गर्मी के मौसम में राहत मिल सके।


