बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं देने की तैयारी तेज: ऊर्जा मंत्री ने 1912 कॉल सेंटर का किया निरीक्षण, उपभोक्ताओं से सीधे बात कर लिया फीडबैक

पटना। बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर, पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ऊर्जा विभाग लगातार तकनीकी सुधार और आधुनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करने में जुटा है। इसी क्रम में ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने पटना स्थित स्काडा भवन पहुंचकर विभाग के आधुनिक 1912 टॉल-फ्री कस्टमर केयर सेंटर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल उपभोक्ता शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा की, बल्कि राज्य के विभिन्न जिलों के बिजली उपभोक्ताओं से सीधे बातचीत कर सेवाओं की गुणवत्ता और शिकायतों के समाधान की वास्तविक स्थिति का भी जायजा लिया।

ऊर्जा मंत्री का यह दौरा विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा उपभोक्ताओं की समस्याओं को जमीनी स्तर पर समझने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को कई आवश्यक निर्देश भी दिए और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सेवाओं से संबंधित शिकायत निवारण प्रणाली को और मजबूत करने पर जोर दिया।

स्काडा भवन पहुंचकर लिया व्यवस्थाओं का जायजा

सोमवार को आयोजित इस निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री ने स्काडा भवन में संचालित विभिन्न तकनीकी व्यवस्थाओं और उपभोक्ता सेवा प्रणालियों का अवलोकन किया। उन्होंने 1912 टॉल-फ्री कस्टमर केयर सेंटर के संचालन, शिकायतों के पंजीकरण, समाधान प्रक्रिया तथा तकनीकी निगरानी व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि 1912 सेवा के माध्यम से राज्यभर के लाखों बिजली उपभोक्ता अपनी शिकायतें दर्ज कराते हैं और विभाग द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर उनके समाधान का प्रयास किया जाता है।

मंत्री ने कॉल सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायतों के निष्पादन की गति और उपभोक्ताओं से संवाद की गुणवत्ता को लेकर विशेष रुचि दिखाई।

उपभोक्ताओं से की सीधी बातचीत

निरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा वह रहा जब ऊर्जा मंत्री ने 1912 टॉल-फ्री सेवा के माध्यम से सीधे बिजली उपभोक्ताओं से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भागलपुर, दरभंगा, बांका, नवगछिया, पूर्णिया सहित विभिन्न जिलों के उपभोक्ताओं से संपर्क किया और उनकी समस्याओं तथा अनुभवों के बारे में जानकारी ली।

मंत्री ने उपभोक्ताओं से पूछा कि उनकी शिकायतों का समाधान कितनी तेजी से किया गया, विभागीय कर्मचारियों का व्यवहार कैसा रहा और क्या उन्हें सेवा से संतुष्टि मिली है।

प्रत्यक्ष संवाद के दौरान कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उनकी शिकायतों का अपेक्षाकृत कम समय में समाधान किया गया। कुछ उपभोक्ताओं ने विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की सराहना करते हुए ऊर्जा विभाग और मंत्री का आभार भी व्यक्त किया।

शिकायत निवारण व्यवस्था की हुई समीक्षा

ऊर्जा मंत्री ने हाल के दिनों में दर्ज की गई शिकायतों के रिकॉर्ड का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यह जानने का प्रयास किया कि किस प्रकार की शिकायतें सबसे अधिक आ रही हैं और उनके समाधान में कितना समय लग रहा है।

अधिकारियों ने मंत्री को बताया कि बिजली आपूर्ति, ट्रांसफॉर्मर खराबी, लाइन फॉल्ट, बिलिंग संबंधी समस्याएं और अन्य तकनीकी शिकायतें 1912 सेवा के माध्यम से प्राप्त होती हैं, जिनका लगातार निस्तारण किया जाता है।

मंत्री ने निर्देश दिया कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को और अधिक तेज तथा प्रभावी बनाया जाए ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।

ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़े 1912 सेवा का प्रचार

निरीक्षण के बाद ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 1912 टॉल-फ्री सेवा के बारे में व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले अनेक उपभोक्ता अभी भी इस सुविधा के बारे में पूरी जानकारी नहीं रखते। यदि उन्हें इस सेवा की जानकारी होगी तो वे अपनी समस्याएं सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे और समय पर समाधान प्राप्त कर सकेंगे।

मंत्री ने कहा कि बिजली सेवाओं का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए सूचना एवं जागरूकता अत्यंत आवश्यक है।

ड्रॉप कॉल्स कम करने पर विशेष जोर

निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने कॉल सेंटर में आने वाली कॉल्स के आंकड़ों की भी समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से उन कॉल्स पर चिंता व्यक्त की जो तकनीकी कारणों से पूरी नहीं हो पातीं या बीच में कट जाती हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ड्रॉप कॉल्स की संख्या को कम करने के लिए आवश्यक तकनीकी सुधार किए जाएं। उनका कहना था कि यदि कोई उपभोक्ता शिकायत दर्ज कराने के लिए कॉल करता है तो उसे बिना बाधा अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ता सेवा प्रणाली की सफलता इसी बात पर निर्भर करती है कि लोग आसानी से विभाग तक अपनी बात पहुंचा सकें।

डेटा मॉनिटरिंग व्यवस्था की सराहना

ऊर्जा मंत्री ने स्काडा केंद्र में प्रत्येक मिनट के आधार पर किए जा रहे डेटा संग्रहण और निगरानी तंत्र की भी समीक्षा की। उन्होंने इस व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक का उपयोग बिजली सेवाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार कॉल सेंटर और तकनीकी निगरानी प्रणाली से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति, शिकायतों की संख्या और समाधान की गति का आकलन किया जाता है।

मंत्री ने कहा कि डेटा आधारित निर्णय लेने से उपभोक्ताओं को अधिक प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।

सहयोग हेल्पलाइन 1100 का भी किया निरीक्षण

1912 कॉल सेंटर के अलावा ऊर्जा मंत्री ने हाल ही में शुरू की गई सहयोग टॉल-फ्री हेल्पलाइन 1100 का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें इस नई सेवा की कार्यप्रणाली और उद्देश्यों की जानकारी दी।

मंत्री ने हेल्पलाइन के माध्यम से उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया और आवश्यक सुझाव भी दिए।

उन्होंने कहा कि नई हेल्पलाइन सेवाओं का उद्देश्य उपभोक्ताओं को और अधिक सुविधा प्रदान करना है तथा शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को सरल बनाना है।

प्रशिक्षण केंद्र में दिए महत्वपूर्ण सुझाव

निरीक्षण के दौरान ऊर्जा मंत्री ने 1912 सेवा से जुड़े ऑपरेटरों के प्रशिक्षण हॉल का भी दौरा किया। यहां उन्होंने कॉल सेंटर एजेंटों को दिए जा रहे प्रशिक्षण की जानकारी प्राप्त की।

मंत्री ने कहा कि किसी भी कॉल सेंटर की सफलता उसके कर्मचारियों की संवाद क्षमता और व्यवहार पर निर्भर करती है। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा एजेंटों की संचार दक्षता बढ़ाने पर जोर दिया।

उन्होंने यह भी कहा कि उपभोक्ताओं से विनम्र और सकारात्मक संवाद विभाग की छवि को मजबूत करता है और शिकायत समाधान प्रक्रिया को आसान बनाता है।

उपभोक्ता हित सर्वोपरि: ऊर्जा मंत्री

निरीक्षण के बाद ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि राज्य सरकार बिजली उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण सेवा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना विभाग की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है और इस दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आधुनिक तकनीक, प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली और बेहतर निगरानी व्यवस्था के माध्यम से बिजली सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है।

ऊर्जा विभाग की इस पहल को राज्य में उपभोक्ता सेवा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी निगरानी, त्वरित शिकायत समाधान और उपभोक्ताओं से सीधे संवाद की व्यवस्था आने वाले समय में बिजली सेवाओं को और अधिक पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने में मदद करेगी।

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