पटना:बिहार सरकार जिला अस्पतालों को आधुनिक और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं से लैस करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि राज्य के सभी जिला अस्पतालों में 19 प्रकार की सुनिश्चित क्लिनिकल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम लोगों को बेहतर इलाज के लिए बड़े शहरों या मेडिकल कॉलेजों का रुख न करना पड़े और उन्हें अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार ही नहीं कर रही, बल्कि उनकी गुणवत्ता, उपलब्धता और पहुंच को भी बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। आने वाले समय में जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, बेहतर जांच सुविधाएं और आवश्यक संसाधनों को और मजबूत किया जाएगा।
हर जिले में मिलेगा बेहतर इलाज
निशांत कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बिहार का प्रत्येक नागरिक अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण और समय पर उपचार प्राप्त कर सके। इसी उद्देश्य से जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ‘स्वस्थ बिहार’ के संकल्प को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
एक ही परिसर में मिलेंगी कई सुविधाएं
स्वास्थ्य मंत्री के अनुसार जिला अस्पतालों में मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, आधुनिक जांच, आवश्यक दवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, आपातकालीन चिकित्सा, टीकाकरण, गैर-संचारी रोगों की जांच सहित कुल 19 प्रकार की क्लिनिकल स्वास्थ्य सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इससे मरीजों को विभिन्न अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और समय व खर्च दोनों की बचत होगी।
स्वास्थ्य ढांचे को किया जाएगा और मजबूत
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के उपयोग पर भी विशेष जोर दे रहा है। अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की नियमित आपूर्ति, बेहतर प्रबंधन और मरीजों के लिए सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आम लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का मानना है कि जिला अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा, रेफरल का दबाव कम होगा और मेडिकल कॉलेजों पर भी भार घटेगा। इससे ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष लाभ मिलेगा तथा पूरे राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।


