पटना, 17 जुलाई 2025: बिहार में अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के बयान लगातार विवादों में बने हुए हैं। गुरुवार को एडीजी (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन के उस बयान ने खासा विवाद खड़ा किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “अप्रैल, मई और जून के महीनों में किसान खाली रहते हैं, इसलिए हत्या की घटनाएं बढ़ जाती हैं।” इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। अब बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार ने एडीजी के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि “अपराध पर मौसम का प्रभाव पड़ता है और यह एक विश्लेषण आधारित तथ्य है।”
DGP ने बताया अपराध और मौसम का संबंध
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में DGP विनय कुमार ने कहा कि पिछले कई वर्षों के आंकड़ों के आधार पर यह स्पष्ट होता है कि गर्मियों में खास तौर पर जून-जुलाई के महीनों में हत्या की घटनाएं बढ़ती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पिछले साल जुलाई में हत्या के 49 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि इस साल अब तक जुलाई में 28 हत्याएं हुई हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि “गर्मियों के महीनों में जमीन संबंधी विवाद बढ़ते हैं, जिससे हत्या और अन्य आपराधिक घटनाओं में वृद्धि होती है। वहीं सर्दियों में विशेष रूप से दिसंबर के महीने में डकैती की घटनाएं अधिक होती हैं।”
तेजस्वी यादव और चिराग पासवान ने जताई तीखी आपत्ति
ADG कुंदन कृष्णन के किसानों को लेकर दिए बयान पर विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि “बिहार पुलिस अपराध रोकने के बजाय मौसम का बहाना बना रही है। कभी गर्मी, कभी ठंड और कभी बरसात को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यह पूरी तरह से लाचार प्रशासन का संकेत है।”
वहीं लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी कहा कि “किसानों को अप्रत्यक्ष रूप से हत्यारा बताना बेहद शर्मनाक है। यह हमारे अन्नदाता का अपमान है। बिहार पुलिस अपराधियों पर शिकंजा कसने के बजाय बेतुके बयान दे रही है।”
सरकार के अंदर भी उठे सवाल
इस मामले पर बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “किसानों को अपराध से जोड़ना कतई उचित नहीं है। किसान अन्नदाता हैं, उन्हें इस प्रकार के बयानों से जोड़ना गलत है।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि “राज्य सरकार अपराध नियंत्रण के लिए पूरी तरह सतर्क है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है।”
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
ADG और अब DGP के बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कई लोगों ने इन बयानों को “बेतुका और संवेदनहीन” बताया है, तो कुछ ने इसे “सांख्यिकीय विश्लेषण” कहकर सही ठहराया।
कांग्रेस नेता गौरव पांधी ने ट्वीट करते हुए कहा – “क्या यह किसानों को हत्यारा बताने का अप्रत्यक्ष तरीका है? पुलिस प्रशासन अगर अपराध नहीं रोक सकता तो कम से कम अपमानजनक तर्क न दे।”
जहां एक ओर बिहार पुलिस का यह तर्क है कि मौसम और सामाजिक गतिविधियों का अपराध पर असर पड़ता है, वहीं दूसरी ओर यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवाद का कारण बनता जा रहा है। किसानों को लेकर दिया गया बयान सरकार के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है, खासकर जब राज्य में विधानसभा चुनाव का माहौल बनने लगा है।


