
पटना। बिहार की सत्ता में एक नए सूर्योदय के साथ ही गुरुवार, 07 मई 2026 को राज्य की प्रशासनिक मशीनरी को उसके नए सारथी मिल गए हैं। ऐतिहासिक गांधी मैदान में शपथ ग्रहण के कुछ ही घंटों के भीतर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी कैबिनेट के सहयोगियों के बीच विभागों का आधिकारिक वितरण कर दिया है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस सरकार का केंद्र बिंदु ‘कमांड एंड कंट्रोल’ के साथ-साथ ‘विशेषज्ञता’ पर आधारित है। जहाँ पुराने और अनुभवी दिग्गजों को राज्य की आर्थिक और बुनियादी व्यवस्था संभालने का जिम्मा मिला है, वहीं नए और तकनीकी रूप से दक्ष चेहरों को भविष्य के बिहार के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं।
01. कोर कमांड: सत्ता का केंद्र
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की सुरक्षा और नीतिगत नियंत्रण को अपने सीधे अधिकार क्षेत्र में रखा है। गृह और सामान्य प्रशासन जैसे विभागों के जरिए वे राज्य की कानून-व्यवस्था पर पैनी नजर रखेंगे।
- सम्राट चौधरी (मुख्यमंत्री): सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, सिविल विमानन और वे सभी विभाग जो किसी को आवंटित नहीं हैं।
- बिजेंद्र प्रसाद यादव: वित्त और वाणिज्य-कर (बिहार की तिजोरी की चाबी)।
- विजय कुमार चौधरी: जल संसाधन और संसदीय कार्य।
02. बुनियादी ढांचा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
बिहार जैसे राज्य के लिए कृषि और सड़कें विकास की प्राथमिक शर्तें हैं। इस ब्लॉक में अनुभवी और ‘इंजीनियर’ नेतृत्व को तरजीह दी गई है।
- विजय कुमार सिन्हा: कृषि विभाग (किसानों के कल्याण और एमएसपी की जिम्मेदारी)।
- कुमार शैलेंद्र (ई. शैलेंद्र): पथ निर्माण विभाग।
- लेशी सिंह: भवन निर्माण विभाग।
- सुनील कुमार: ग्रामीण कार्य।
- श्रवण कुमार: ग्रामीण विकास तथा सूचना एवं जन-संपर्क।
- दिलीप कुमार जायसवाल: राजस्व एवं भूमि सुधार।
03. भविष्य की नींव: स्वास्थ्य, शिक्षा और तकनीक
नई पीढ़ी के नेतृत्व को उन विभागों में आजमाया गया है जहाँ सुधार और नवाचार की सबसे अधिक आवश्यकता है।
- निशांत कुमार: स्वास्थ्य विभाग (राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं के कायाकल्प का जिम्मा)।
- मिथलेश तिवारी: शिक्षा विभाग (प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा)।
- संजय सिंह ‘टाईगर’: उच्च शिक्षा और विधि।
- नीतीश मिश्रा: नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रावैधिकी (IT)।
- शीला कुमारी: विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा।
04. ऊर्जा, उद्योग और पंचायती राज
- शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल: ऊर्जा विभाग।
- श्रेयसी सिंह: उद्योग और खेल (युवाओं और निवेश पर केंद्रित)।
- दीपक प्रकाश: पंचायती राज (ग्राम स्वराज का आधुनिक चेहरा)।
- संतोष कुमार सुमन: लघु जल संसाधन।
05. सामाजिक न्याय और जन कल्याण
- श्वेता गुप्ता: समाज कल्याण।
- रमा निषाद: पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण।
- लखेन्द्र कुमार रौशन: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण।
- जमा खान: अल्पसंख्यक कल्याण।
- मदन सहनी: मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन।
- अशोक चौधरी: खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण।
त्वरित संदर्भ तालिका: कौन, कहाँ?
श्रेणी | माननीय मंत्री | प्रमुख विभाग |
|---|---|---|
प्रशासन | सम्राट चौधरी | गृह, सामान्य प्रशासन, निगरानी |
आर्थिक | बिजेंद्र प्रसाद यादव | वित्त, वाणिज्य-कर |
कृषि/भूमि | विजय कुमार सिन्हा | कृषि |
स्वास्थ्य | निशांत | स्वास्थ्य |
शिक्षा | मिथलेश तिवारी | शिक्षा |
ऊर्जा | बुलो मंडल | ऊर्जा |
सड़क/पुल | कुमार शैलेंद्र | पथ निर्माण |
खेल/उद्योग | श्रेयसी सिंह | उद्योग, खेल |
पंचायती राज | दीपक प्रकाश | पंचायती राज |
परिवहन | दामोदर रावत | परिवहन |
रणनीतिक विश्लेषण: ‘मिशन 2029’ की तैयारी
इस विभागीय वितरण को राजनैतिक पंडित आगामी विधानसभा चुनावों के ‘ब्लूप्रिंट’ के रूप में देख रहे हैं।
- अनुभव का सम्मान: बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी जैसे दिग्गजों को पुराने विभागों में बनाए रखकर निरंतरता सुनिश्चित की गई है।
- युवाओं को अवसर: निशांत (स्वास्थ्य), श्रेयसी सिंह (खेल) और दीपक प्रकाश (पंचायती राज) के जरिए युवा मतदाताओं को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की गई है।
- क्षेत्रीय संतुलन: भागलपुर (अंग) और कोसी क्षेत्र को पथ निर्माण और ऊर्जा जैसे शक्तिशाली विभाग देकर क्षेत्रीय विकास की राह प्रशस्त की गई है।
नोट: सभी मंत्रियों के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती अपनी कार्यक्षमता साबित करने की होगी। सचिवालय में 9 मई से फाइलों की रफ़्तार यह तय करेगी कि ‘सम्राट की टीम’ बिहार की जनता की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है।


