​बिहार कैबिनेट का बड़ा तोहफा: सरकारी कर्मियों का भत्ता बढ़ा, पांच जिलों को मिलेंगे नए रूरल SP और सूबे में शुरू होगा ‘बिहार AI मिशन’

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के विकास, सुरक्षा और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण की दिशा में 13 मई 2026 को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि से लेकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए पुलिस पदों के सृजन और भविष्य की तकनीक के लिए ‘बिहार AI मिशन’ जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर मुहर लगाई गई है। इन फैसलों का सीधा असर राज्य की आर्थिक स्थिति, शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर पड़ेगा। विशेष रूप से तकनीकी क्षेत्र में सिंगापुर के साथ हुई भागीदारी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने वाली नई नीति बिहार को विकास के नए पायदान पर ले जाने के लिए तैयार है।

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के भत्ते में भारी वृद्धि

​वित्त विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। यह वृद्धि 1 जनवरी 2026 के प्रभाव से लागू मानी जाएगी, जिससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

विभिन्न वेतन आयोगों के तहत नई दरें:

  • सातवां वेतनमान: डीए की दर 58% से बढ़ाकर 60% कर दी गई है।
  • छठा वेतनमान: डीए की दर को 257% से बढ़ाकर 262% किया गया है।
  • पांचवां वेतनमान: इसमें सबसे अधिक उछाल देखा गया है, जिसे 474% से बढ़ाकर 483% कर दिया गया है।

​इसके अतिरिक्त, बिहार नगर नियोजन सेवा संवर्ग के कर्मचारियों के लिए भी राहत की खबर है। कैबिनेट ने उनके लिए ‘लेवल 6’ और ‘लेवल 7’ के तहत एक नई वेतन संरचना को मंजूरी दी है, जो नगर निकायों में कार्यरत कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाला कदम है।

सुरक्षा का नया घेरा: 5 जिलों में तैनात होंगे रूरल SP

​राज्य के संवेदनशील और बड़े जिलों में कानून-व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए गृह विभाग ने पुलिस ढांचे में विस्तार किया है। कैबिनेट ने पांच प्रमुख जिलों के लिए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक (Rural SP) के नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी है। ये पद पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, मधुबनी, वैशाली और सीवान जिलों के लिए होंगे। इन अधिकारियों की तैनाती से ग्रामीण इलाकों में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने और पुलिस की पहुँच को आम जनता तक सुलभ बनाने में मदद मिलेगी।

​इसके साथ ही, सीमावर्ती और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण किशनगंज जिले में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना के लिए 110.12 एकड़ जमीन गृह मंत्रालय को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया है। यह केंद्र न केवल सुरक्षा की दृष्टि से बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी लाभकारी होगा।

तकनीकी क्रांति: सिंगापुर के साथ ‘बिहार AI मिशन’ और नए कॉलेज

​बिहार अब भविष्य की तकनीक यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। सरकार ने ग्लोबल फाइनेंस एंड टेक्नोलॉजी नेटवर्क (GFTN), सिंगापुर के साथ एक विशेष साझेदारी की है।

AI मिशन की मुख्य बातें:

  • 7,000 छात्रों को प्रशिक्षण: अगले 5 वर्षों के दौरान राज्य के सात हजार विद्यार्थियों को एआई और उन्नत तकनीक में प्रशिक्षित किया जाएगा।
  • आर्यभट्ट टेक्नोलॉजी ऑब्जर्वेटरी: सूबे में एक डिजिटल सैंडबॉक्स बनाया जाएगा, जिसका नाम ‘आर्यभट्ट टेक्नोलॉजी ऑब्जर्वेटरी’ होगा।
  • स्टार्टअप को बढ़ावा: इस मिशन के तहत 100 से अधिक नए स्टार्टअप्स को तकनीकी और प्रशासनिक सहायता प्रदान की जाएगी।

​शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय असमानता को दूर करने के लिए ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के अंतर्गत तीन नए डिग्री कॉलेजों की स्थापना को हरी झंडी दी गई है। ये कॉलेज पिपरासी और भीताहा (पश्चिम चंपारण) तथा टेटिया बंबर (मुंगेर) में खोले जाएंगे। इन संस्थानों के सुचारू संचालन के लिए कुल 132 नए पदों (44 प्रति कॉलेज) का सृजन किया गया है।

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) नीति और पर्यावरण संरक्षण

​बढ़ते प्रदूषण को कम करने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बिहार पर्यावरण अनुकूल परिवहन रोजगार योजना’ को मंजूरी दी है। इस योजना का लक्ष्य वर्ष 2030 तक राज्य में कुल वाहनों की बिक्री में 30% हिस्सा इलेक्ट्रिक वाहनों का सुनिश्चित करना है

  • प्रोत्साहन राशि: व्यावसायिक थ्री-व्हीलर्स और महिलाओं के लिए गैर-व्यावसायिक वाहनों की खरीद पर DBT के माध्यम से नकद प्रोत्साहन दिया जाएगा।
  • चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए भी सरकार द्वारा विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा।

औद्योगिक निवेश और आर्थिक ढांचा

​बिहार को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 की अवधि को 30 जून 2026 तक विस्तार दे दिया गया है। इसमें ‘मेगा यूनिट्स’ (200 से 500 करोड़ रुपये के निवेश) के लिए नियमों में ढील दी गई है और भूमि आवंटन की अवधि को सरल बनाया गया है।

आर्थिक मोर्चे पर अन्य बड़े फैसले:

  • बिहटा क्लस्टर (पटना): मैसर्स नीफ प्राइवेट लिमिटेड (Neef Pvt Ltd) द्वारा 97.17 करोड़ रुपये के निवेश से एक विशाल डेयरी प्लांट लगाया जाएगा, जिससे 170 प्रत्यक्ष रोजगार पैदा होंगे।
  • MSME का विस्तार: मुख्यमंत्री सूक्ष्म और लघु उद्योग क्लस्टर विकास योजना में अब ‘मध्यम’ (Medium) उद्योगों को भी शामिल किया गया है। बियाडा (BIADA) को कॉमन फैसिलिटी सेंटर बनाने के लिए नोडल एजेंसी बनाया गया है।
  • NIFTEM वैशाली: वैशाली जिले में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) की स्थापना के लिए 100 एकड़ जमीन के हस्तांतरण को मंजूरी दी गई है।
  • राज्य ऋण: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने कुल 72,901.31 करोड़ रुपये के ऋण संग्रहण (बाजार ऋण सहित) का लक्ष्य निर्धारित किया है।

प्रशासनिक अनुशासन और डिजिटल गवर्नेंस

​कैबिनेट ने प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। शिक्षा विभाग के पूर्व जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (भोजपुर) मोहम्मद इर्शाद अंसारी को वित्तीय अनियमितता और गबन के आरोपों की पुष्टि के बाद सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। यह फैसला अधिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश है कि भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा।

​साथ ही, वाणिज्य कर विभाग के ‘VATMIS’ एप्लीकेशन के वार्षिक रखरखाव (AMC) के लिए TCS को 1.31 करोड़ रुपये का भुगतान करने की स्वीकृति दी गई है, ताकि कर प्रणाली का डिजिटल ढांचा अगस्त 2026 तक सुचारू रूप से कार्य करता रहे।

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