
पटना। बिहार की सत्ता के गलियारों में पिछले कुछ दिनों से जारी राजनैतिक गहमागहमी और कयासों के दौर पर शुक्रवार को विराम लग गया। विधानसभा के भीतर शक्ति परीक्षण में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी एकजुटता और संख्या बल का प्रदर्शन करते हुए विश्वासमत हासिल कर लिया है। इस बड़ी विधायी सफलता के बाद एनडीए खेमे में भारी उत्साह का माहौल है और भविष्य की रणनीतियों को लेकर नेताओं के बयान सामने आने लगे हैं। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में विश्वासमत हासिल करने के लिए पूरे एनडीए परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। विजय कुमार सिन्हा ने इस जीत को बिहार की जनता के भरोसे और विकास के प्रति सरकार की अटूट प्रतिबद्धता की जीत बताया है। शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को पटना में मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने वर्तमान प्रशासनिक नेतृत्व और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कार्यशैली पर गहरा विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार अब ‘डबल इंजन’ की ताकत के साथ एक ऐसे मार्ग पर अग्रसर है जहाँ विकास केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देगा।
डबल इंजन सरकार: केंद्र और राज्य का सामंजस्य
विजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में ‘डबल इंजन’ सरकार की अवधारणा पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार में विकास की गति को जो नई ऊर्जा मिली है, उसके पीछे केंद्र सरकार और राज्य सरकार का आपसी सामंजस्य है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी मार्गदर्शन और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दशकों लंबे प्रशासनिक अनुभव का लाभ आज प्रदेश को मिल रहा है।
सिन्हा के अनुसार, केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और राज्य सरकार की स्थानीय प्राथमिकताओं के बीच जो सेतु बना है, उसका सीधा लाभ बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पहुँच रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का बिहार के प्रति विशेष लगाव और यहाँ की बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने की उनकी नीति ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों को मज़बूत किया है। यह जुगलबंदी ही वह मुख्य शक्ति है जो विपक्ष के तमाम दावों और अड़चनों के बावजूद बिहार को विकास के पायदान पर ऊपर ले जा रही है।
सम्राट चौधरी का नेतृत्व: दृढ़ संकल्प और स्पष्ट विजन
बिहार के वर्तमान राजनैतिक परिदृश्य में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एक ऐसी धुरी बनकर उभरे हैं, जो आक्रामकता और विकासवाद का एक अनूठा मेल प्रस्तुत करते हैं। विजय कुमार सिन्हा ने सम्राट चौधरी की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे एनडीए के सभी घटक दलों को साथ लेकर एक दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। उनके नेतृत्व में सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है और हाल ही में उनके द्वारा प्रखंडों व थानों की निगरानी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से करने का फैसला इस बात का प्रमाण है कि वे व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन लाना चाहते हैं।
सिन्हा ने कहा कि सम्राट चौधरी की कार्यशैली में वह जज्बा दिखता है जो बिहार को पिछड़ेपन की बेड़ियों से मुक्त करने के लिए अनिवार्य है। वे एनडीए के भीतर एक मजबूत समन्वय स्थापित कर रहे हैं, जिससे न केवल शासन व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है, बल्कि कार्यकर्ताओं में भी यह संदेश गया है कि उनकी सरकार उनके हितों और बिहार के गौरव के लिए पूरी तरह समर्पित है।
ऐतिहासिक निरंतरता: 2005 से 2026 तक का सफर
विजय कुमार सिन्हा ने बिहार के राजनैतिक इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि एनडीए की सरकार 2005 से अब तक जिस मजबूती और ईमानदारी के साथ कार्य कर रही है, उसी जज्बे के साथ आगे भी काम करती रहेगी। उन्होंने याद दिलाया कि 2005 से पहले बिहार की जो स्थिति थी, वह किसी से छिपी नहीं है। अराजकता, पलायन और प्रशासनिक पंगुता के उस दौर से निकालकर बिहार को विकास की पटरी पर लाने का श्रेय एनडीए को ही जाता है।
उन्होंने कहा कि 2005 में शुरू हुआ ‘न्याय के साथ विकास’ का सफर आज 2026 में एक नए और आधुनिक स्वरूप में हमारे सामने है। इन दो दशकों में बिहार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली जैसे बुनियादी क्षेत्रों में जो प्रगति की है, वह अतुलनीय है। सिन्हा ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बिहार औद्योगिक क्रांति और रोजगार सृजन के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों की सूची में शामिल होगा। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो लोग विकास के नाम पर केवल राजनीति करते रहे, उन्हें जनता ने नकार दिया है और अब बिहार केवल सकारात्मकता और प्रगति की बात करेगा।
हर क्षेत्र में तेज गति से प्रगति: बदलते बिहार की तस्वीर
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में हो रहे विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिहार आज हर क्षेत्र में तेज गति से प्रगति कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर चर्चा की:
- आधारभूत संरचना: सड़कों और पुलों का जाल बिछने से बिहार के गाँव अब मुख्य शहरों से जुड़ चुके हैं, जिससे व्यापार और आवाजाही आसान हुई है।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: राज्य में नए मेडिकल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की स्थापना ने बिहार के युवाओं को शिक्षा के लिए बाहर जाने की मजबूरी से राहत दी है।
- डिजिटल गवर्नेंस: सरकारी सेवाओं का ऑनलाइन होना और मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधी निगरानी की व्यवस्था ने भ्रष्टाचार की जड़ों को हिलाकर रख दिया है।
- कानून व्यवस्था: थानों की कार्यप्रणाली में सुधार और अपराधियों पर नकेल कसने से आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव बढ़ा है।
विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार अब निवेश के लिए एक ‘हॉटस्पॉट’ बन रहा है और सरकार की नीतियां उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल बनाई गई हैं।
राजनैतिक एकजुटता और विपक्ष को संदेश
विधानसभा में विश्वासमत की जीत पर चर्चा करते हुए विजय कुमार सिन्हा ने इसे एनडीए के एकजुट परिवार की जीत बताया। उन्होंने कहा कि घटक दलों के बीच जो अटूट विश्वास है, वह बिहार के विकास की सबसे बड़ी गारंटी है। उन्होंने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि व्यक्तिगत हमलों और नकारात्मक राजनीति के बजाय उन्हें राज्य के हित में सकारात्मक सुझाव देने चाहिए। सिन्हा ने सम्राट चौधरी के उस बयान का समर्थन किया जिसमें उन्होंने सदन में विपक्ष के आरोपों का बेबाकी से जवाब दिया था।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास ही सबसे बड़ा प्रमाणपत्र होता है और विश्वासमत जीतकर एनडीए ने यह सिद्ध कर दिया है कि बिहार की जनता सम्राट चौधरी और एनडीए की नीतियों के साथ खड़ी है। सम्राट चौधरी का संकल्प ही बिहार के उज्ज्वल भविष्य की नींव है और एनडीए का हर सिपाही इस संकल्प को पूरा करने के लिए जी-जान से जुटा रहेगा।
विकसित बिहार का दृढ़ संकल्प
अंततः, विजय कुमार सिन्हा के ये विचार बिहार की राजनीति में एक नए आत्मविश्वास को रेखांकित करते हैं। विश्वासमत की सफलता ने न केवल सरकार को स्थिरता प्रदान की है, बल्कि इसे एक नया जनादेश भी दिया है कि वे अपने अधूरे कार्यों को पूर्णता की ओर ले जाएं। सम्राट चौधरी के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ की यह सरकार प्रधानमंत्री मोदी के ‘विकसित भारत’ के सपने में ‘विकसित बिहार’ का रंग भरने के लिए तैयार है।
विजय कुमार सिन्हा की बधाई और एनडीए की यह एकजुटता यह संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में बिहार में कई और बड़े प्रशासनिक और राजनैतिक फैसले देखने को मिल सकते हैं, जिनका एकमात्र लक्ष्य जन-कल्याण होगा। बिहार अब रुकने वाला नहीं है; वह सम्राट के संकल्पों और एनडीए के अनुभव की शक्ति से हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करने की दिशा में दृढ़ संकल्पित होकर आगे बढ़ रहा है।


