
पटना, 29 अप्रैल 2026। बिहार सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सारण से गोपालगंज को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण ग्रीनफील्ड सड़क परियोजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस परियोजना सहित कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी।
यह नई सड़क परियोजना राज्य के परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
73.51 किलोमीटर लंबी होगी फोरलेन सड़क
कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, सारण जिले के दरिहारा (कोन्हुआ) से गोपालगंज जिले के डुमरिया घाट तक 73.51 किलोमीटर लंबी फोरलेन ग्रीनफील्ड सड़क का निर्माण किया जाएगा।
ग्रीनफील्ड सड़क का मतलब है कि यह सड़क पूरी तरह नए मार्ग पर विकसित की जाएगी, जिससे यातायात दबाव कम होगा और यात्रा अधिक तेज एवं सुरक्षित बनेगी।
PPP मॉडल पर होगा निर्माण
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को PPP (Public Private Partnership) के DBFOT (Design, Build, Finance, Operate and Transfer) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा।
इसका कार्यान्वयन के माध्यम से किया जाएगा।
इसके साथ ही DPR (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करने और ट्रांजैक्शन एडवाइजर की सेवाएं लेने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।
क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
इस सड़क के निर्माण से सारण, गोपालगंज और आसपास के जिलों के बीच आवागमन और सुगम हो जाएगा।
इसके अलावा, यह मार्ग व्यापार, कृषि और स्थानीय उद्योगों के लिए भी नई संभावनाएं खोलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि परिवहन लागत में भी कमी आएगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिलेगा।
अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए
कैबिनेट बैठक में सड़क परियोजना के अलावा कई अन्य अहम निर्णय भी लिए गए—
- पटना में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) के लिए भूमि आवंटन
- साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए भवन निर्माण हेतु 51 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति
- वित्त विभाग में साइबर कोषागार के गठन और 23 पदों के सृजन की मंजूरी
- बिहार आकस्मिकता निधि को 350 करोड़ से बढ़ाकर 13,900 करोड़ रुपये करने का निर्णय
- बक्सर-आरा-मनेर गंगा पथ (लगभग 90 किमी) को PPP मॉडल पर विकसित करने की स्वीकृति
पटना जू का नामकरण
कैबिनेट ने पटना के प्रसिद्ध संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर “पटना जू” करने का भी निर्णय लिया है।
इसके साथ ही इसके संचालन से जुड़ी समिति का नाम भी परिवर्तित किया जाएगा।
इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर सरकार का फोकस
राज्य सरकार लगातार बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दे रही है।
नई सड़कें, एक्सप्रेसवे और शहरी विकास परियोजनाएं राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
ग्रीनफील्ड सड़क परियोजनाएं खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं और ट्रैफिक दबाव को संतुलित करती हैं।
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना के निर्माण से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि निजी निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।
PPP मॉडल के जरिए सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर परियोजना को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा करेंगे।
सारण से गोपालगंज के बीच बनने वाली यह 73.51 किलोमीटर लंबी ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह परियोजना न सिर्फ आवागमन को आसान बनाएगी, बल्कि राज्य के आर्थिक विकास को भी नई गति देगी।
सरकार के इस फैसले से यह साफ है कि बिहार में आधुनिक और मजबूत सड़क नेटवर्क विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक स्थिति दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है।


