पटना/भागलपुर | 25 फरवरी, 2026: भागलपुर और पूर्वी बिहार के लोगों के लिए हवाई सफर का सपना अब हकीकत के करीब पहुँच रहा है। सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को लेकर बिहार सरकार ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी है। नागरिक उड्डयन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए कंसल्टेंट चुनने का टेंडर जारी कर दिया है। इसे बिहार में हवाई बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
टेंडर की प्रक्रिया: पारदर्शिता के साथ ‘टू-एनवेलप’ सिस्टम
विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए ‘टू-एनवेलप सिस्टम’ अपनाया है। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- डेडलाइन: इच्छुक एजेंसियां 27 फरवरी 2026 को दोपहर 3:00 बजे तक अपना प्रस्ताव (RFP) जमा कर सकती हैं।
- तकनीकी जांच: तकनीकी बिड 10 मार्च 2026 को खोली जाएगी।
- प्रेजेंटेशन: सफल एजेंसियों को 17 मार्च 2026 को अपनी तकनीकी प्रस्तुति (Presentation) देनी होगी।
- प्री-बिड मीटिंग: पटना स्थित नागरिक उड्डयन विभाग के कॉन्फ्रेंस हॉल में कंपनियों के सवालों और सुझावों के लिए बैठक भी रखी गई है।
DPR में क्या होगा खास? ‘इम्पैक्ट स्टडी’ पर जोर
सरकार केवल एयरपोर्ट बनाना नहीं चाहती, बल्कि इसकी दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करना चाहती है। कंसल्टेंट को इन पहलुओं पर विस्तृत रिपोर्ट देनी होगी:
- तकनीकी व्यवहार्यता (Technical Feasibility): क्या जमीन और हवा की स्थिति बड़े विमानों के लिए अनुकूल है?
- आर्थिक प्रभाव (Economic Impact): इस एयरपोर्ट से कितना राजस्व और निवेश आएगा?
- पर्यावरण अध्ययन (Environmental Study): निर्माण से पारिस्थितिकी तंत्र पर क्या प्रभाव पड़ेगा और उसे कैसे कम किया जा सकता है?
विकास की नई उड़ान: पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बूस्ट
अजगैवीनाथ धाम (सुल्तानगंज) न केवल धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भागलपुर के सिल्क उद्योग और मुंगेर के औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी केंद्र बिंदु है।
- पर्यटन: श्रावणी मेला और अजगैवीनाथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह एक बड़ी सौगात होगी।
- निवेश और रोजगार: एयरपोर्ट बनने से लॉजिस्टिक्स, होटल इंडस्ट्री और रिटेल सेक्टर में हजारों नौकरियों के अवसर पैदा होंगे।
- कनेक्टिविटी: इससे उत्तर और पूर्वी बिहार की हवाई कनेक्टिविटी सीधे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों से जुड़ सकेगी।
VOB का नजरिया: कागजों से रनवे तक का लंबा सफर
भागलपुर लंबे समय से एक मुकम्मल एयरपोर्ट की मांग कर रहा है। कभी हवाई पट्टी के विस्तार की बात होती है, तो कभी नए एयरपोर्ट की। अब ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के लिए DPR का टेंडर निकलना यह दर्शाता है कि सरकार इस बार ‘मेगा प्लान’ के साथ मैदान में है। हालांकि, जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) और फंड आवंटन जैसी चुनौतियां अभी भी सामने हैं, लेकिन शुरुआत सकारात्मक है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


