बिहार में शिक्षक भर्ती को लेकर बड़ी राहत, टीआरई-4 की रिक्तियां 15 जनवरी तक BPSC को भेजी जाएंगी

बिहार में नए साल में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया है कि टीआरई-4 (शिक्षक भर्ती परीक्षा-4) के तहत स्कूलों में होने वाली शिक्षक बहाली की रिक्तियां 15 जनवरी तक बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी जाएंगी।

सोमवार को पटना स्थित सूचना भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गंभीर है और लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सभी जिलों से रिक्तियों का ब्योरा लगभग जुट चुका है और अब केवल औपचारिक प्रक्रिया शेष है।

पुस्तकालयाध्यक्ष के 5.5 हजार पदों पर बहाली की तैयारी

शिक्षा मंत्री ने संकेत दिया कि राज्य के स्कूलों में लगभग 5.5 हजार पुस्तकालयाध्यक्षों की बहाली की जा सकती है। इससे स्कूलों की पुस्तकालय व्यवस्था मजबूत होगी और पुस्तकालय विज्ञान से जुड़े युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

दिव्यांग बच्चों के लिए 7 हजार विशेष शिक्षक

समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार दिव्यांग बच्चों के लिए करीब 7 हजार विशेष शिक्षकों की बहाली करने जा रही है। इससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सहयोग मिल सकेगा।

विश्वविद्यालयों में भी होगी शिक्षक नियुक्ति

उच्च शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों से शिक्षकों के रिक्त पदों की जानकारी मांगी है। मंत्री ने कहा कि आंकड़े मिलते ही विश्वविद्यालयों में भी नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

रील्स बनाने वाले शिक्षकों पर सख्त रुख

प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि पढ़ाने के बजाय सोशल मीडिया पर रील्स बनाने वाले शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शिक्षक का मूल दायित्व विद्यार्थियों को शिक्षा देना है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

मंत्री ने बताया कि बेतिया और किशनगंज में जिला शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई की गई है। आगे भी किसी स्तर पर गड़बड़ी पाए जाने पर कड़े कदम उठाए जाएंगे।

अभ्यर्थियों में जगी नई उम्मीद

टीआरई-4, पुस्तकालयाध्यक्ष और विशेष शिक्षकों की संभावित बहाली से बिहार के लाखों युवाओं में नई उम्मीद जगी है। यदि तय समयसीमा के भीतर प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो आने वाले महीनों में राज्य को हजारों नए शिक्षक मिल सकते हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।


 

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