
HIGHLIGHTS:
- बड़ा एक्शन: खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने पटना में स्थापित किया स्टेट लेवल ‘कंट्रोल रूम’।
- सीधा समाधान: एलपीजी की किल्लत, डिलेवरी में देरी या कालाबाजारी की शिकायत अब एक कॉल पर।
- समय: सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक तैनात रहेंगे अधिकारी।
- हेल्पलाइन: विभाग ने जारी किया नंबर — 0612-2233050।
रसोई की किल्लत पर ‘सुपरफास्ट’ एक्शन: अब सरकार सुनेगी आपकी बात!
पटना: बिहार में पिछले कुछ दिनों से जारी रसोई गैस की किल्लत और वितरण में हो रही धांधली को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में आ गई है। आम जनता की बढ़ती शिकायतों और सड़कों पर उतरते गुस्से को शांत करने के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आज एक बड़ा फैसला लिया है। राजधानी पटना में एक समर्पित कंट्रोल रूम (नियंत्रण कक्ष) खोल दिया गया है, जिसका मकसद केवल एक है— आपकी रसोई तक सिलेंडर की सुरक्षित और समय पर पहुँच सुनिश्चित करना।
[कंट्रोल रूम की ‘डायरेक्टरी’: कब और कैसे करें संपर्क?]
अगर आपके इलाके में गैस नहीं मिल रही है, या कोई वेंडर आपसे ज्यादा पैसे वसूल रहा है, तो आप नीचे दिए गए समय और नंबर पर संपर्क कर सकते हैं:
विवरण | जानकारी |
|---|---|
हेल्पलाइन नंबर | 0612-2233050 |
कार्यरत समय | प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक |
शिकायत का विषय | उपलब्धता, वितरण में देरी, अवैध वसूली, या कालाबाजारी |
कार्रवाई का दावा | विभाग द्वारा शिकायतों पर ‘त्वरित संज्ञान’ और ‘स्पॉट एक्शन’ |
अनावश्यक भ्रम से बचें, सीधे विभाग को फोन करें!
विभाग ने प्रेस रिलीज जारी कर आम उपभोक्ताओं से एक विशेष अपील भी की है। सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया या गलियों में चल रही अफवाहों से भ्रमित होने के बजाय, सीधे कंट्रोल रूम से संपर्क करें।
- त्वरित निदान: कंट्रोल रूम में तैनात टीम सीधे संबंधित जिले के आपूर्ति पदाधिकारी (DSMO) और गैस कंपनियों के अधिकारियों से संपर्क कर आपकी समस्या का हल निकालेगी।
- निगरानी: यह कंट्रोल रूम न केवल शिकायतें दर्ज करेगा, बल्कि राज्य भर में एलपीजी की आपूर्ति की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग भी करेगा।
VOB का नजरिया: नंबर तो जारी हो गया, क्या कॉल भी उठेगा?
सरकार द्वारा कंट्रोल रूम की स्थापना एक स्वागत योग्य कदम है, खासकर तब जब पटना की गलियों में सिलेंडर के लिए हाहाकार मचा है। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह हेल्पलाइन नंबर वाकई ‘हेल्प’ करेगा या सिर्फ ‘लाइन’ बनकर रह जाएगा? अक्सर सरकारी हेल्पलाइन पर ‘वेटिंग’ या ‘नंबर व्यस्त’ की समस्या आती है। उम्मीद है कि 14 घंटे चलने वाला यह कंट्रोल रूम बिहार की गृहणियों को उस मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाएगा, जो वे पिछले एक हफ्ते से गैस की अनिश्चितता के कारण झेल रही हैं।


