बिहार सरकार ने दिव्यांग युवाओं के लिए प्रशासनिक सेवाओं का रास्ता आसान बनाने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री दिव्यांगजन सशक्तिकरण छात्र योजना—‘सम्बल’ के अंतर्गत नई दिव्यांगजन सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दे दी गई है। यह कदम दिव्यांग उम्मीदवारों को आर्थिक सहारे के माध्यम से मुख्यधारा में शामिल करने का महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
पहली बार सामान्य, EWS और पिछड़ा वर्ग के पुरुष दिव्यांग भी शामिल
अब तक यह प्रोत्साहन योजना सीमित श्रेणियों तक ही लागू थी, लेकिन सरकार ने दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और पिछड़ा वर्ग के पुरुष दिव्यांग उम्मीदवारों को भी लाभार्थी सूची में शामिल कर लिया है। इससे दिव्यांग युवाओं का दायरा बढ़ेगा और ज्यादा अभ्यर्थी प्रशासनिक सेवाओं की तैयारी बिना आर्थिक दबाव के कर सकेंगे।
BPSC और UPSC प्रीलिम्स पास करते ही मिलेगी आर्थिक सहायता
नई व्यवस्था के तहत:
- BPSC प्रीलिम्स उत्तीर्ण करने पर — ₹50,000
- UPSC प्रीलिम्स पास करने पर — ₹1,00,000
राज्य सरकार की ओर से दिया जाएगा।
यह राशि अभ्यर्थियों को मेन्स और इंटरव्यू की तैयारी के लिए आर्थिक सहारा प्रदान करेगी, ताकि बेहतर संसाधनों और मार्गदर्शन की कमी कारण किसी प्रतिभा का नुकसान न हो।
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह प्रोत्साहन राशि केवल एक बार मिलेगी, चाहे अभ्यर्थी दोनों परीक्षाएं ही क्यों न उत्तीर्ण कर ले।
समाज कल्याण विभाग का दावा—“समावेशी विकास की दिशा में ऐतिहासिक फैसला”
विभाग के अनुसार नई नीति यह सुनिश्चित करेगी कि दिव्यांग उम्मीदवारों के सामने आने वाली आर्थिक बाधाएं दूर हों और वे भी अन्य उम्मीदवारों की तरह समान अवसर प्राप्त कर सकें। सरकार का लक्ष्य यह भी है कि सिविल सेवाओं में दिव्यांगों की भागीदारी बढ़े, जिससे प्रशासनिक ढांचे में विविधता और समावेश को मजबूती मिले।
कौन होंगे पात्र? सरकार ने जारी किए स्पष्ट मानदंड
योजना का लाभ उठाने के लिए अभ्यर्थी को निम्न शर्तें पूरी करनी होंगी:
- बिहार का स्थायी निवासी होना अनिवार्य
- 40% या उससे अधिक दिव्यांगता प्रमाण-पत्र
- किसी भी सरकारी नौकरी में कार्यरत न हों
- संबंधित वर्ग का प्रमाण-पत्र (OBC, EWS या General Category)
- मान्यता प्राप्त आयोग द्वारा आयोजित UPSC या BPSC परीक्षा का प्रीलिम्स उत्तीर्ण
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। आवेदन के समय अभ्यर्थी को फोटो, सिग्नेचर, आधार कार्ड, जाति/कोटि प्रमाण-पत्र, दिव्यांगता प्रमाण-पत्र, UDID कार्ड, एडमिट कार्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
दिव्यांग युवाओं के सपनों को नई उड़ान
सरकार के इस निर्णय को सामाजिक न्याय की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पहले से ही EBC और BC वर्ग को मिल रही सहायता को और मजबूत करते हुए राज्य ने संकेत दिया है कि वह दिव्यांग युवाओं को प्रोत्साहन और अवसर दोनों उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
नीतिगत विशेषज्ञों का मानना है कि इससे न केवल दिव्यांग प्रतिनिधित्व बढ़ेगा, बल्कि प्रशासनिक सेवाओं में अधिक संवेदनशील और विविध दृष्टिकोण भी शामिल होगा।


