सुपौल, 21 जुलाई:बिहार के सुपौल जिले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU), पटना ने साइबर फ्रॉड के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए हर्षित मिश्रा को गिरफ्तार किया है। करजाईन थाना क्षेत्र के गोसपुर गांव में शनिवार शाम से शुरू हुई लगभग 16 घंटे लंबी छापेमारी के बाद गिरफ्तारी हुई। टीम हर्षित को पूछताछ के लिए पटना ले गई है।
मुख्य तथ्य:
- गोसपुर गांव स्थित घर से हुई गिरफ्तारी
- लैपटॉप, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त
- पुलिस और EOU अधिकारियों की छापेमारी रविवार सुबह तक जारी रही
- हर्षित मिश्रा हाल ही में युवा जेडीयू के प्रदेश सचिव बनाए गए थे, अब पार्टी से निलंबित
स्थानीय पुलिस अनजान, EOU की चुप्पी
करजाईन थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्हें इस ऑपरेशन की जानकारी तक नहीं थी।
EOU टीम ने भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। छापेमारी के दौरान सुपौल एसपी शरथ आरएस और अन्य अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे।
परिवार का आरोप – राजनीतिक साजिश
हर्षित मिश्रा के पिता विकास कुमार मिश्र ने गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया। उनका कहना है कि:
“हर्षित पिछले तीन-चार वर्षों से गांव में रहकर रियल एस्टेट और राजनीति से जुड़ा था। हाल ही में युवा जेडीयू का प्रदेश सचिव बना था। उसे साजिश के तहत फंसाया गया है।”
पार्टी से पहले ही हो चुका है निलंबन
युवा जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष नीतीश पटेल ने पुष्टि की कि
“हर्षित को तीन महीने पहले प्रदेश सचिव बनाया गया था, लेकिन कुछ समय पहले अनुशासनात्मक कारणों से पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। अब उसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।”
इलाके में फैली हलचल
एक छोटे गांव में EOU टीम की मौजूदगी और लंबी छापेमारी से इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। लोग इस कार्रवाई को लेकर साइबर फ्रॉड और राजनीतिक लिंक दोनों एंगल से देख रहे हैं।


