बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: एक माह में पांच मिनी गन फैक्ट्रियों का उद्भेदन, 16 तस्कर गिरफ्तार

पटना, 5 अगस्त 2025प: अपराध और अवैध हथियार कारोबार पर रोक लगाने के लिए एसटीएफ और बिहार पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया है, जिसके तहत जुलाई महीने में पांच अवैध मिनी गन फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया गया। इन कार्रवाइयों के दौरान 16 हथियार तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में छिपाकर संचालित की जा रही ये गन फैक्ट्रियां लंबे समय से अवैध रूप से हथियारों का निर्माण कर रही थीं, जिनका उपयोग अपराधियों द्वारा विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में किया जाता रहा है।


कहां-कहां हुई कार्रवाई

संयुक्त छापेमारी अभियान के तहत पुलिस और एसटीएफ की टीम ने 28 जुलाई 2025 तक निम्नलिखित स्थानों पर कार्रवाई की:

  • भागलपुर: रतिपुर दियारा, नाथनगर
  • मधुबनी: खजौली थाना क्षेत्र अंतर्गत इनरवा गांव
  • हाजीपुर
  • मुंगेर: नयाराम नगर

इन स्थानों पर संचालित अवैध मिनी गन फैक्ट्रियों से हथियार निर्माण के उपकरण, अधबने हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं।


दियारा क्षेत्र बना था गन मैन्युफैक्चरिंग हब

छापेमारी में सामने आया है कि भागलपुर और मुंगेर के दियारा इलाके में अवैध रूप से मिनी गन फैक्ट्रियां संचालित की जा रही थीं। इन इलाकों में पुलिस की पहुंच कठिन होने के कारण अपराधी इन्हें अपने सुरक्षित अड्डे के रूप में इस्तेमाल कर रहे थे।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन फैक्ट्रियों में स्थानीय स्तर पर हथियार बनाकर उन्हें राज्य के अलग-अलग जिलों और अन्य राज्यों में भी सप्लाई किया जा रहा था।


हथियार तस्करों के खिलाफ सख्त रवैया

एसटीएफ के आर्म्स सेल की टीम लगातार राज्य के विभिन्न हिस्सों में अवैध हथियार कारोबार के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
राज्य पुलिस प्रवक्ता के अनुसार:

“बिहार पुलिस ने अवैध हथियार कारोबार को जड़ से खत्म करने की रणनीति बनाई है। इसमें आम जनता की भूमिका भी अहम है। सूचना देने वाले व्यक्तियों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”


राज्य के ये जिले हैं तस्करी के हॉटस्पॉट

  • मुंगेर
  • लखीसराय
  • खगड़िया
  • भागलपुर
  • बेगूसराय

इन जिलों के दियारा इलाकों में अवैध हथियार निर्माण और तस्करी लंबे समय से एक गंभीर समस्या रही है, जिसे खत्म करने के लिए विशेष रणनीति पर कार्य किया जा रहा है।


बिहार पुलिस और एसटीएफ की यह संयुक्त कार्रवाई अवैध हथियार नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा प्रहार मानी जा रही है। पुलिस अब ऐसे नेटवर्क की सप्लाई चेन, ग्राहकों और नेटवर्क में शामिल अन्य सहयोगियों की भी गहराई से जांच कर रही है।


 

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