- हर पंचायत से भागीदारी: श्रम संसाधन विभाग ने आयोजित किया एक दिवसीय प्रशिक्षण; जिले की प्रत्येक पंचायत से एक-एक श्रमिक हुए शामिल।
- हक की बात: न्यूनतम मजदूरी से लेकर प्रवासी मजदूर दुर्घटना योजना तक; अधिकारियों ने बताईं काम की बातें, बाल श्रम कानूनों पर भी हुई चर्चा।
- तुरंत लाभ: ट्रेनिंग के बाद खाली हाथ नहीं लौटे मजदूर; विभाग ने दिया एक दिन का पारिश्रमिक, आने-जाने का भाड़ा और भोजन।
द वॉयस ऑफ बिहार (भागलपुर/समाहरणालय)
भागलपुर (Bhagalpur) में श्रमिकों को उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग (Labor Resources Department) ने एक सराहनीय पहल की है। सोमवार, 16 फरवरी 2026 को उप श्रमायुक्त कार्यालय में एक दिवसीय ग्रामीण प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें जिले की हर पंचायत से श्रमिकों ने हिस्सा लिया।
योजनाओं का खोला पिटारा
शिविर का उद्घाटन उप श्रमायुक्त, श्रमाधीक्षक और श्रमिक प्रतिनिधियों ने दीप जलाकर किया। इसके बाद अधिकारियों ने मजदूरों के हित में चल रही योजनाओं की जानकारी दी।
- कल्याण बोर्ड: सहायक श्रमायुक्त ने बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW Board) की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
- सामाजिक सुरक्षा: श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों ने बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना और बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना योजना के लाभों से अवगत कराया।
कानून की जानकारी भी दी
मजदूरों को शोषण से बचाने के लिए उन्हें कानूनों की जानकारी दी गई। शिविर में न्यूनतम मजदूरी अधिनियम (Minimum Wages Act), समान पारिश्रमिक अधिनियम और बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
सम्मान के साथ विदाई
यह शिविर केवल भाषण तक सीमित नहीं था, बल्कि श्रमिकों के समय का पूरा सम्मान किया गया।
- भत्ता: प्रशिक्षण के बाद सभी सहभागी श्रमिकों को एक दिन का पारिश्रमिक (Daily Wage) दिया गया।
- किराया और भोजन: इसके अलावा उन्हें आने-जाने का भाड़ा और भोजन भी उपलब्ध कराया गया।
मजदूर जागरूक होंगे तो उनका शोषण बंद होगा।


