खेत जलमग्न, सड़कें डूबीं, घरों में घुसा पानी, प्रशासन से राहत की मांग तेज
भागलपुर और बांका जिले के सीमावर्ती इलाकों में चांदन नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। जगदीशपुर प्रखंड के बैजानी पंचायत के कई गांवों में नदी का पानी तेजी से घुसने लगा है, जिससे लोगों की जीवनचर्या पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुकी है।
रातोंरात चढ़ा जलस्तर, गांवों में मचा हड़कंप
शनिवार सुबह अचानक नदी के जलस्तर में वृद्धि हुई और कुछ ही घंटों में बाढ़ का पानी खेतों और घरों तक पहुंच गया। बांध या तटबंध जैसी कोई सुरक्षा व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीणों को संभलने का मौका भी नहीं मिला।
सड़कें-खेत बने दरिया, गांवों में पसरा सन्नाटा
- बैजानी पंचायत के आधा दर्जन गांवों में सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं।
- दर्जनों घरों में बाढ़ का पानी घुस चुका है।
- खेतों में लगी धान और मक्के की फसलें पूरी तरह डूब चुकी हैं।
पशुचारे की किल्लत, मवेशी भी संकट में
बाढ़ के कारण पशुओं के लिए चारे और पानी की भारी समस्या उत्पन्न हो गई है। कई ग्रामीणों ने बताया कि उनके मवेशी भूखे-प्यासे हैं और सुरक्षित स्थानों पर ले जाना अब मुश्किल हो रहा है।
पलायन शुरू, ऊंची जगहों की ओर भाग रहे लोग
दहशत का माहौल इस कदर है कि ग्रामीण झोला-बिस्तर लेकर ऊंचे स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। लोगों को डर सता रहा है कि अगर जलस्तर ऐसे ही बढ़ता रहा तो पूरे इलाके में तबाही मच सकती है।
प्रशासन से लगाई गुहार, अबतक नहीं पहुंची कोई मदद
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत शिविर, नावों की व्यवस्था और मेडिकल टीम की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोग प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर नाराज हैं।
स्थिति अभी और बिगड़ सकती है
मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटों में और बारिश की संभावना है। ऐसे में चांदन नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे आसपास के इलाकों – अमरपुर, कटोरिया और बांका सदर तक बाढ़ फैल सकती है।
अब सवाल उठता है कि क्या प्रशासन इस बार भी केवल सर्वे कर लौट जाएगा या वाकई में लोगों को राहत देने के लिए जमीन पर उतरेगा?
ग्रामीणों की ज़िंदगी दांव पर है… इंतजार अब नहीं, राहत की जरूरत है तुरंत!


