
भागलपुर। सिल्क सिटी भागलपुर और नवगछिया के बीच टूटे संपर्क को जोड़ने के लिए जिला प्रशासन अब ‘इंजीनियरिंग और गवर्नेंस’ के साझा मॉडल पर काम कर रहा है। विक्रमशिला महासेतु के क्षतिग्रस्त होने से उपजी विकट स्थिति के बीच गुरुवार, 07 मई 2026 को जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री प्रमोद कुमार यादव ने संयुक्त रूप से एक हाई-वोल्टेज समीक्षा बैठक की। समाहरणालय के सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु न केवल वर्तमान जलमार्ग की चुनौतियों को हल करना था, बल्कि सेतु पर एक ऐसी त्वरित व्यवस्था बहाल करना था जिससे आम नागरिकों की पैदल और हल्के वाहनों की आवाजाही शुरू हो सके। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने एक बड़ा तकनीकी अपडेट देते हुए बताया कि सेतु पर तत्काल राहत के तौर पर साढ़े तीन मीटर चौड़ा एक ‘स्कैफोल्डिंग ब्रिज’ तैयार किया जा रहा है। यह घोषणा उन हजारों लोगों के लिए उम्मीद की किरण है जो पिछले कई दिनों से नावों के खतरनाक सफर और लंबी कतारों से जूझ रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वैकल्पिक रास्तों पर लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है और जो भी अधिकारी या कंपनी (एसपी सिंगला) काम में ढिलाई बरतेगी, उस पर कड़ी कार्रवाई होगी।
विक्रमशिला सेतु पर ‘स्कैफोल्डिंग’ समाधान: एक बार में एक ओर से चलेगा ट्रैफिक
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा विक्रमशिला सेतु पर होने वाली अस्थायी मरम्मत को लेकर हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि सेतु पर 3 से 3.5 मीटर चौड़ा एक अस्थायी स्कैफोल्डिंग ब्रिज (Scaffolding Bridge) शीघ्र ही बनकर तैयार हो जाएगा। यह ढांचा क्षतिग्रस्त हिस्से के ऊपर एक सुरक्षित रास्ता प्रदान करेगा। हालांकि, इसकी चौड़ाई कम होने के कारण इस पर ‘ट्रैफिक रेगुलेशन’ लागू किया जाएगा।
प्रशासनिक योजना के अनुसार, इस पुल के शुरू होने पर एक समय में केवल एक ही दिशा से वाहनों (विशेषकर एम्बुलेंस, हल्के वाहन और पैदल यात्री) को गुजरने की अनुमति दी जाएगी। जब एक ओर का ट्रैफिक पार हो जाएगा, तब दूसरी ओर के वाहनों को छोड़ा जाएगा। जिलाधिकारी ने पुलिस और परिवहन विभाग के पदाधिकारियों को इस ‘वन-वे’ व्यवस्था के लिए मानसिक और प्रशासनिक रूप से तैयार रहने का निर्देश दिया है। इसके लिए सेतु के दोनों छोरों पर अतिरिक्त पुलिस बल और वायरलेस सेट के साथ जवानों की तैनाती की जाएगी ताकि समन्वय में कोई त्रुटि न हो।
जलमार्ग की सुरक्षा: डबल स्टोरी नावों पर पाबंदी और SDRF का पहरा
गंगा की लहरों पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एसएसपी प्रमोद कुमार यादव और डीएम ने सख्त तेवर अपनाए। जिलाधिकारी ने कड़ा निर्देश दिया है कि जो भी मोटर बोट या क्रूज दो मंजिला (Double Story) हैं, उनके ऊपरी हिस्से पर यात्रियों को किसी भी कीमत पर नहीं बैठाया जाएगा। ऊपरी डेक पर केवल चालक दल और क्रू मेंबर ही मौजूद रहेंगे। यदि किसी नाव संचालक ने क्षमता से अधिक या खतरनाक तरीके से यात्रियों को बैठाया, तो उसका लाइसेंस तुरंत रद्द कर एफआईआर दर्ज की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने के लिए निम्नलिखित कड़े कदम उठाए गए हैं:
- SDRF की गश्ती: एसडीआरएफ की टीम दंडाधिकारी और पुलिस बल के साथ जल मार्ग में लगातार पेट्रोलिंग करेगी।
- पहचान और बैज: घाट पर तैनात हर दंडाधिकारी और पुलिसकर्मी अनिवार्य रूप से ‘बैज’ लगाकर ड्यूटी करेंगे ताकि यात्रियों को सहायता के लिए सही व्यक्ति की पहचान हो सके।
- भीड़ नियंत्रण: क्रूज से यात्रियों के उतरने के समय होने वाली अफरा-तफरी को रोकने के लिए ‘आपदा मित्रों’ और अतिरिक्त पुलिस बल का उपयोग किया जाएगा।
लॉजिस्टिक्स और सुविधा: तीन बार सफाई और अतिरिक्त टेंट
महादेवपुर (जाह्नवी) घाट और बरारी घाट पर यात्रियों के बढ़ते दबाव को देखते हुए जिलाधिकारी ने नगर निगम को विशेष टास्क सौंपा है। नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा को निर्देश दिया गया है कि घाटों पर दिन में तीन बार गहन सफाई अभियान चलाया जाए। घाट के किनारे दुकान लगाने वाले फुटकर विक्रेताओं के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपनी दुकान के पास डस्टबिन रखें, अन्यथा उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। महादेवपुर घाट पर भीषण गर्मी और धूप से बचने के लिए अतिरिक्त टेंट और पेयजल की व्यवस्था का भी आदेश दिया गया है।
व्यवस्था का प्रकार | उत्तरदायी विभाग/एजेंसी | मुख्य निर्देश |
|---|---|---|
पहुंच मार्ग समतलीकरण | एसपी सिंगला कंपनी | घाट तक के रास्ते को दो दिनों में सुलभ बनाना |
साफ-सफाई | नगर निगम, भागलपुर | प्रतिदिन 3 बार सफाई और डस्टबिन व्यवस्था |
भीड़ नियंत्रण | थानाध्यक्ष बरारी/जीरोमाइल | सुबह-शाम विशेष सतर्कता और गश्ती |
नाविक प्रशिक्षण | पुलिस अधीक्षक, नवगछिया | नाव चालकों को आपातकालीन हैंडलिंग का प्रशिक्षण |
किराया नियंत्रण: टोटो और ऑटो की मनमानी पर ‘ब्रेक’
पुल टूटने के बाद शहर में टोटो और ऑटो चालकों द्वारा यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने किराया निर्धारण का सख्त आदेश दिया है। अनुमंडल पदाधिकारी (सदर और नवगछिया) को निर्देश दिया गया है कि वे महादेवपुर घाट से जाह्नवी चौक तक और बरारी घाट से शहर के मुख्य केंद्रों तक का किराया तय करें। यह रेट चार्ट हर ऑटो और टोटो पर चस्पा करना होगा। निर्धारित दर से अधिक पैसा वसूलने वाले चालकों के वाहन जब्त करने का निर्देश दिया गया है।
भारी वाहनों के लिए कहलगांव-तीनटंगा जलमार्ग: नया लॉजिस्टिक्स रूट
ट्रकों और बड़ी गाड़ियों के कारण भागलपुर-सुल्तानगंज-मुंगेर मार्ग पर लग रहे भीषण जाम को देखते हुए प्रशासन ने एक नया विकल्प पेश किया है। अब ट्रकों और बड़ी गाड़ियों का परिचालन कहलगांव से तीनटंगा गोपालपुर जलमार्ग के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए बड़े स्टीमरों (रो-रो वेसल) का उपयोग होगा।
अनुमंडल पदाधिकारी नवगछिया को निर्देश दिया गया है कि वे तीनटंगा से एनएच तक के मार्ग का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य तुरंत शुरू कराएं। साथ ही, सुल्तानगंज-मुंगेर फोरलेन पर बिजली के लटकते तारों और अन्य अवरोधों को दो दिनों के भीतर हटाने का अल्टीमेटम एनएचआई और बिजली विभाग को दिया गया है ताकि ऊंचे ट्रकों के आवागमन में कोई खतरा न हो।
टीम भावना और प्रशासनिक मुस्तैदी
वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बैठक के अंत में सभी थानाध्यक्षों और दंडाधिकारियों को ‘टीम भावना’ के साथ कार्य करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि सुबह और शाम के समय जब यात्रियों की भीड़ चरम पर होती है, तब बरारी और जीरोमाइल थानाध्यक्ष खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति को संभालें। एसपी नवगछिया ने नाव चालकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया ताकि किसी भी तकनीकी खराबी की स्थिति में वे घबराने के बजाय सुरक्षा मानकों का पालन कर सकें।
इस उच्चस्तरीय बैठक में नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता राकेश कुमार रंजन, कुंदन कुमार और संयुक्त निदेशक जनसंपर्क सहित तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन के इन फैसलों से यह साफ है कि भागलपुर अब केवल मरम्मत का इंतजार नहीं कर रहा, बल्कि हर उस रास्ते को सुगम बनाने में जुटा है जिससे आम आदमी की जिंदगी आसान हो सके। अगले दो दिनों में सड़कों से अवरोध हटने और स्कैफोल्डिंग ब्रिज की प्रगति भागलपुर की परिवहन व्यवस्था का नया भविष्य तय करेगी।


