
भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने प्रेम, विवाह और उसके बाद उपजे पारिवारिक कलह के दर्दनाक अंत को उजागर कर दिया है। शहर के जोगसर थाना क्षेत्र अंतर्गत आदमपुर धोबिया टोला में एक 26 वर्षीय टोटो चालक ने पारिवारिक विवाद और पत्नी की कथित प्रताड़ना से तंग आकर जहर खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। सोमवार, 27 अप्रैल 2026 की सुबह जब इस घटना की खबर इलाके में फैली, तो हर कोई सन्न रह गया। जिस युवक ने कभी प्यार के लिए गांव की सरहदें लांघी थीं, आज उसी प्यार और शादी के कड़वे अनुभवों ने उसे मौत को गले लगाने पर मजबूर कर दिया। मृतक की पहचान शिव कुमार यादव के रूप में हुई है, जो छोटू यादव का पुत्र था। इस घटना ने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है, बल्कि दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया भी हमेशा के लिए छीन लिया है।
2018 का प्रेम प्रसंग और 2020 की जबरन शादी
शिव कुमार यादव की जिंदगी की यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा जैसी शुरू हुई थी, लेकिन इसका अंत बेहद त्रासद रहा। परिजनों के अनुसार, शिव कुमार का वर्ष 2018 से ही नारायणपुर निवासी ब्यूटी कुमारी के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच प्यार इतना गहरा था कि वे एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाते थे। वर्ष 2020 में शिव कुमार अपनी प्रेमिका से मिलने उसके गांव नारायणपुर गया था। वहां ग्रामीणों को इसकी भनक लग गई और उन्होंने दोनों को पकड़ लिया।
सामाजिक दबाव और लोक-लाज के डर से ग्रामीणों ने उसी वक्त मंदिर में दोनों की जबरन शादी करवा दी। शादी के बाद शिव कुमार अपनी पत्नी ब्यूटी को लेकर आदमपुर स्थित अपने घर आ गया। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, और इस दंपति के दो बच्चे भी हुए। लेकिन शायद वह ‘जबरन’ हुई शादी की नींव ही कमजोर थी, जो समय की मार को नहीं झेल सकी।
छह महीनों का तनाव और पत्नी की बेरुखी
शादी के कुछ वर्षों बाद ही खुशियों के घर में दरारें पड़नी शुरू हो गई थीं। परिजनों का कहना है कि पिछले छह महीनों से पति-पत्नी के बीच विवाद काफी बढ़ गया था। ब्यूटी कुमारी अक्सर छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा करती थी और अंततः वह अपने पति को छोड़कर मायके चली गई। शिव कुमार अपनी पत्नी से बेहद प्यार करता था और उसे वापस लाने के लिए लगातार मिन्नतें करता रहा।
आरोप है कि ब्यूटी कुमारी न केवल मायके में रहने लगी, बल्कि उसने शिव कुमार से बात करना भी लगभग बंद कर दिया था। जब कभी शिव उसे फोन करता, तो वह बात करने से कतराती थी और यदि बात होती भी तो वह गाली-गलौज और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करती थी। शिव कुमार हर वक्त अपनी पत्नी की तस्वीर अपने पास रखता था और उसी की यादों में खोया रहता था। पत्नी की इस बेरुखी और मानसिक प्रताड़ना ने उसे गहरे अवसाद (Depression) में धकेल दिया था। वह दिन भर टोटो चलाकर अपना दुख भुलाने की कोशिश करता, लेकिन रात होते ही अकेलापन और विवाद की यादें उसे कचोटने लगती थीं।
माँ के गंभीर आरोप: रिश्तेदार से प्रेम संबंध की चर्चा
इस पूरे मामले में मृतक की माँ अंजू देवी ने अत्यंत गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। रोते-बिलखते हुए अंजू देवी ने बताया कि उनके बेटे की मौत की असली जिम्मेदार उनकी बहू ब्यूटी कुमारी ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ब्यूटी का अपने ही एक करीबी रिश्तेदार (चचेरी मौसी के बेटे) के साथ अवैध प्रेम संबंध चल रहा था।
अंजू देवी के अनुसार, यही वह मुख्य कारण था जिसकी वजह से ब्यूटी अपने पति शिव कुमार से नफरत करने लगी थी और उसे छोड़कर मायके चली गई थी। शिव को जब इस बात का अहसास हुआ, तो वह अंदर से टूट गया। माँ का कहना है कि उनका बेटा अपनी पत्नी को सुधारने और घर वापस लाने की कोशिश में लगा रहा, लेकिन उसे हर बार बेइज्जती और अपमान ही झेलना पड़ा। यह मानसिक प्रताड़ना इतनी बढ़ गई कि शिव कुमार को अपनी जान देना ही एकमात्र रास्ता नजर आया।
वारदात की रात: काम से लौटा और खा लिया जहर
घटना वाली रात भी शिव कुमार रोज की तरह अपना टोटो चलाकर घर लौटा था। चेहरे पर उदासी लिए वह सीधे अपने कमरे में चला गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। देर रात उसने कमरे में रखे किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। कुछ देर बाद जब उसके छोटे भाई ने शिव की संदिग्ध हालत देखी और उसे छटपटाते हुए पाया, तो तुरंत शोर मचाया।
परिजनों ने आनन-फानन में शिव कुमार को उठाकर मायागंज अस्पताल पहुँचाया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने उसे बचाने की काफी कोशिश की, लेकिन जहर शरीर में पूरी तरह फैल चुका था। अंततः डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के गलियारे में परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। किसी को यकीन नहीं हो रहा था कि एक मेहनती युवक अपनी पत्नी के कारण इस तरह मौत को गले लगा लेगा।
बिखरा परिवार और बच्चों का भविष्य
शिव कुमार की मौत के बाद उसके दो मासूम बच्चों का भविष्य अब अधर में लटक गया है। विडंबना देखिए कि विवाद के कारण एक बच्चा अपने पिता के साथ रहता था, जबकि दूसरा बच्चा माँ के साथ मायके में है। अब पिता की मृत्यु के बाद उन बच्चों को यह भी नहीं पता कि उनके ऊपर से सुरक्षा का सबसे बड़ा हाथ उठ गया है।
इलाके के लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पारिवारिक विवादों के कारण युवाओं का इस तरह आत्महत्या करना समाज के लिए एक चिंताजनक संकेत है। यदि पति-पत्नी के बीच कोई समस्या थी, तो उसे सामाजिक स्तर पर सुलझाने का प्रयास किया जाना चाहिए था, लेकिन यहाँ मानसिक उत्पीड़न ने एक जान ले ली।
पुलिसिया जांच और कानूनी प्रक्रिया
जोगसर थाना पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुँचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि प्राथमिक तौर पर यह मामला पारिवारिक विवाद के कारण आत्महत्या का लग रहा है, लेकिन माँ द्वारा लगाए गए आरोपों की भी गहनता से जांच की जाएगी।
पुलिस मृतक के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स (CDR) और हालिया मैसेजेस को भी खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि आत्महत्या से ठीक पहले उसकी पत्नी या किसी अन्य व्यक्ति से क्या बातचीत हुई थी। यदि प्रताड़ना के ठोस सबूत मिलते हैं, तो पुलिस पत्नी और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ (Abetment of Suicide) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करेगी।


