भागलपुर के तिलकामांझी चौक पर तेज रफ्तार टोटो का खुला पहिया: चालक समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल, निजी अस्पताल में भर्ती

भागलपुर, 24 मई 2026। भागलपुर जिले के भीतर अवस्थित गंगा नदी पर निर्मित लाइफलाइन कॉरिडोर यानी विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने की हालिया प्रशासनिक विसंगति के उपरांत, पूरे प्रक्षेत्र की यातायात सांख्यिकी में एक बहुत बड़ा और अप्रत्याशित विचलन दर्ज किया जा रहा है। पुल के संकीर्ण प्रक्षेप में आई तकनीकी दरारों के कारण भागलपुर शहर के पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों की ओर डाइवर्ट होने वाले भारी और मध्यम व्यावसायिक वाहनों के संचरण को पूरी कड़ाई के साथ म्यूट मोड पर डाल दिया गया है। इसके कारण तिलकामांझी, बरारी और जीरोमाइल जैसे व्यस्ततम अंचलों की मुख्य कंक्रीट सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में वाहनों की भौतिक आवाजाही और ट्रैफिक डेंसिटी में भारी कमी दर्ज की गई है।

​परंतु, इस खाली पड़ी सड़कों के प्रशासनिक अंतराल और सुगमता का एक अत्यंत ही गैर-जिम्मेदाराना और अनुचित लाभ अंचल के भीतर प्रचालित होने वाले बैट्री चालित ई-रिक्शा यानी टोटो चालकों द्वारा उठाया जा रहा है। इन दिनों शहर के भीतर टोटो चालकों ने अपने वाहनों की गति सीमा को पूरी तरह से बेलगाम और आक्रामक लाउड मोड पर सक्रिय कर दिया है, जिसके कारण शहर के मुख्य चौराहों पर रोजाना कतिपय गंभीर हादसे लाइव हो रहे हैं।

​इसी अनियंत्रित गति और प्रशासनिक उदासीनता की कड़ियों के बीच शुक्रवार की सुबह दिन के करीब 11:10 बजे भागलपुर के सुप्रसिद्ध और व्यस्ततम तिलकामांझी चौक के मुहाने पर एक अत्यंत ही भयावह और वीभत्स सड़क दुर्घटना दर्ज की गई। जीरोमाइल की दिशा से अत्यधिक प्रखर रफ्तार के साथ मुसाफिरों को लादकर आ रहे एक टोटो का दाहिना मुख्य पहिया अचानक चलते-चलते एक्सेल से पूरी कड़ाई के साथ बाहर की ओर खुल गया। इस अप्रत्याशित यांत्रिक विफलता के कारण तेज रफ्तार टोटो बीच सड़क पर पूरी तरह असंतुलित होकर मलबे की तरह पलट गया, जिसके भीतरी विन्यास में दबने के कारण टोटो चालक सहित तीन लोग गंभीर रूप से चोटिल और लहूलुहान हो गए।

​इस औचक हादसे के लाइव होते ही तिलकामांझी गोलंबर के आस-पास उपस्थित राहगीरों, वेंडरों और मुसाफिरों के भीतर भारी मानसिक अवसाद, अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल संधारित देखा गया। स्थानीय नागरिकों और यातायात पुलिस के कनिष्ठ जवानों ने बिना कोई लिपिकीय ढिलाई बरते त्वरित गति से रेस्क्यू प्रक्रम शुरू किया और पलटे हुए वाहन के नीचे दबे सभी घायलों को बाहर निकालकर चिकित्सा विन्यास से एकीकृत कराया।

विक्रमशिला सेतु संकट का सड़कों पर असर: खाली मार्गों पर बढ़ा टोटो चालकों का बेलगाम आतंक

​इस पूरे सड़क हादसे की पृष्ठभूमि और धरातलीय कारणों की स्क्रूटनी करने पर यह प्रामाणिक तथ्य सामने आता है कि विक्रमशिला सेतु पर बड़े वाहनों के परिचालन के ब्लॉक हो जाने से नवगछिया, कोसी और सीमांचल की ओर से भागलपुर शहरी सीमा में प्रविष्ट होने वाले ट्रैफिक का ग्राफ काफी मंद संधारित देखा जा रहा है। सामान्य दिनों में जिन मुख्य मार्गों पर वाहनों का भयंकर जाम लाइव रहता था, वे सड़कें वर्तमान समय में काफी हद तक खाली परिलक्षित हो रही हैं। इन खाली पड़े कंक्रीट और अलकतरा मार्गों को देख टोटो चालकों के भीतर कम से कम समय में अधिक से अधिक फेरे (ट्रिप्स) लगाने की एक अंधी और खतरनाक होड़ लाइव मोड पर सक्रिय हो चुकी है।

​स्थानीय नागरिकों और तिलकामांझी अंचल के दुकानदारों का स्पष्ट और कड़ा तर्क है कि टोटो चालक परिवहन विभाग के सुरक्षा नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर अनियंत्रित ढंग से वाहनों को दौड़ा रहे हैं। वे पैसेंजरों को बिठाने की आपाधापी में संकीर्ण मोड़ों और व्यस्ततम गोलंबरों पर भी अचानक गाड़ियों को डाइवर्ट कर देते हैं, जिससे पीछे से आ रहे कनिष्ठ वाहनों और दोपहिया मुसाफिरों का संतुलन पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो जाता है। इन बैट्री चालित तिपहिया वाहनों की यांत्रिक फिटनेस, लोड वहन क्षमता और ब्रेक प्रणालियों की जिला परिवहन कार्यालय (DTO) स्तर से कोई नियमित फॉरेंसिक जांच या स्क्रूटनी मुकम्मल नहीं की जा रही है, जिसके कारण शहर के भीतरी अंचलों के भीतर टोटो जनित दुर्घटनाओं की सांख्यिकी लगातार लाउड मोड पर बढ़ती जा रही है।

शुक्रवार की सुबह 11:10 बजे का वह खौफनाक मंजर: जीरोमाइल मार्ग से आ रही थी गाड़ी

​शुक्रवार की सुबह समय सारणी के अनुसार करीब 11:10 बजे तिलकामांझी चौक का प्रक्षेप हमेशा की तरह अपनी प्रशासनिक और नागरिक गतिविधियों में पूरी गतिशीलता के साथ संचरण कर रहा था। इसी दौरान, जीरोमाइल औद्योगिक क्षेत्र की दिशा से सवारियों को आकंठ बिठाकर एक टोटो अत्यधिक प्रखर और जानलेवा गति के साथ तिलकामांझी मुख्य गोलंबर की तरफ बढ़ रहा था। टोटो की रफ्तार इतनी अधिक थी कि वह सड़क पर चल रहे अन्य कनिष्ठ वाहनों और राहगीरों को कूटनीतिक रूप से ओवरटेक करने के प्रयास में संधारित था।

​जैसे ही यह टोटो तिलकामांझी चौक के मुख्य मुहाने और ट्रैफिक पोस्ट के समीप प्रविष्ट हुआ, वैसे ही अचानक टोटो के निचले यांत्रिक विन्यास से एक बहुत तेज और डरावनी आवाज लाइव हुई। अत्यधिक गति और भार के असंतुलन के कारण टोटो का दाहिना मुख्य पहिया धुरी (एक्सेल) के मुख्य नट-बोल्ट को मलबे की तरह तोड़कर चलती हुई गाड़ी से पूरी तरह अलग हो गया और लुढ़कते हुए दूर कंक्रीट पर जा गिरा।

​पहिया खुलते ही टोटो का संतुलन शत-प्रतिशत ब्लॉक हो गया और वह तीखी रगड़ खाते हुए बीच सड़क पर ही पूरी तरह से पलट गया। गाड़ी के पलटते ही उसके भीतर बैठे कनिष्ठ व वरिष्ठ मुसाफिर एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे और टोटो का भारी लोहे का ढांचा उनके शरीर के संवेदनशील अंगों को दबाते हुए स्थिर हो गया।

घायलों की प्रामाणिक पहचान: चालक सोनू समेत शेरमारी के जनार्दन और अर्पणा चोटिल

​तिलकामांझी चौक पर घटित हुए इस औचक और रूह कंपा देने वाले दृश्य को देखते ही ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिस के कप्तानों और स्थानीय दुकानदारों का एक बड़ा सांगठनिक दस्ता तुरंत घटना स्थल की ओर आक्रामक गति से दौड़ा। लोगों ने सामूहिक श्रम का परिचय देते हुए पलटे हुए टोटो के मलबे को ऊपर उठाया और उसके भीतर फंसे और कराह रहे लहूलुहान मुसाफिरों को एक-एक कर विधिक रूप से बाहर निकाला। पुलिस डायरी और घटना स्थल के विलेखों के अनुसार, इस वीभत्स यांत्रिक हादसे की जद में आकर तीन लोग गंभीर रूप से घायल संधारित पाए गए हैं, जिनकी प्रामाणिक पहचान नीचे दिए गए विवरण के अनुसार मुकम्मत की गई है:

  • सोनू कुमार (टोटो चालक): भागलपुर शहर के ही इशाकचक थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहल्ले के निवासी, जो इस दुर्घटनाग्रस्त टोटो की कप्तानी संभाल रहे थे, उनके हाथ, पैर और छाती के प्रक्षेप पर गहरे जख्म अंकित हुए हैं।
  • जनार्दन मंडल (यात्री): भागलपुर जिले के सुदूर शेरमारी अंचल के मूल निवासी, जो कतिपय व्यक्तिगत और व्यावसायिक विलेखों के संपादन हेतु भागलपुर शहर के मुख्य केंद्र आए हुए थे।
  • अर्पणा देवी (यात्री): शेरमारी निवासी, जो जनार्दन मंडल के साथ ही इस टोटो के भीतर सह-यात्री के विन्यास में सवार थीं, उन्हें सिर और रीढ़ की हड्डी में तीखी अंदरूनी चोटें आई हैं।

स्थानीय निजी अस्पताल में इमरजेंसी केयर सक्रिय: डॉक्टरों का दस्ता इलाज में मुस्तैद

​दुर्घटना स्थल से सुरक्षित बाहर निकाले जाने के उपरांत, तीनों घायलों के शरीरों से हो रहे अत्यधिक रक्तस्राव को देखते हुए पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने त्वरित रिस्पॉन्स ग्रिड सक्रिय किया। बिना किसी लिपिकीय ढिलाई या एम्बुलेंस के इंतजार के, कनिष्ठ राहगीरों ने आंशिक परिवहन साधनों के समन्वय से सभी तीनों घायलों को तुरंत तिलकामांझी चौक के समीप ही अवस्थित एक सुप्रसिद्ध निजी सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल के इमरजेंसी ट्रॉमा केयर वार्ड में लाइव प्रविष्ट कराया।

​निजी अस्पताल के ड्यूटी पर तैनात चिकित्सा कप्तानों और सर्जनों के विशेष दस्ते ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत लाइफ-सपोर्ट प्रणालियों को एक्टिव किया। डॉक्टरों ने सबसे पहले चालक सोनू कुमार, जनार्दन मंडल और अर्पणा देवी के घावों की कंक्रीट सर्जिकल ड्रेसिंग मुकम्मत की और उनके शरीर के भीतर बह रहे खून को ब्लॉक करने के प्रखर प्रयास किए।

​चिकित्सकों के अनुसार, अर्पणा देवी और जनार्दन मंडल के सिर और आंतरिक धमनियों की अवस्थिति को जांचने के वास्ते आधुनिक एक्स-रे और सीटी स्कैन प्रणालियों के फॉरेंसिक डेटा डंप कलेक्ट किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार के आंतरिक रक्तस्राव या हड्डी के टूटने की सांख्यिकी को ससमय क्रैक किया जा सके। फिलहाल सभी घायलों की स्थिति चिकित्सकीय निगरानी के तहत स्थिर संधारित बताई जा रही है, परंतु वे अभी गहरे मानसिक आघात और अवसाद के चक्रव्यूह में संधारित हैं।

शहर के भीतर अनधिकृत टोटो प्रचालन पर प्रबुद्ध नागरिकों ने उठाए कड़े विधिक सवाल

​तिलकामांझी के मुख्य गोलंबर पर दिनदहाड़े घटित हुए इस हादसे के म्यूट होने के उपरांत भागलपुर के प्रबुद्ध नागरिकों, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच शहर के भीतर सक्रिय अवैध टोटो सिंडिकेट के खिलाफ गहरा सांगठनिक असंतोष और आक्रोश लाइव मोड पर सक्रिय हो गया है। नागरिकों का कहना है कि भागलपुर नगर निगम और जिला परिवहन कार्यालय की लचर कार्यप्रणाली के कारण आज पूरे शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो चुकी है।

​अंचल की सड़कों पर बिना किसी वैध विधिक परमिट, रजिस्ट्रेशन नंबर या फिटनेस प्रमाणपत्र के हजारों की सांख्यिकी में अनधिकृत टोटो का परिचालन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इन टोटो को चलाने वाले कतिपय कनिष्ठ और नाबालिग उम्र के ड्राइवरों के पास न तो कोई वैध विधिक ड्राइविंग लाइसेंस होता है और न ही उन्हें यातायात के कड़े सिग्नलों की आंशिक समझ हस्तगत होती है।

​स्थानीय भुक्तभोगियों ने स्पष्ट किया है कि विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद से जिला पुलिस और यातायात कप्तानों का पूरा ध्यान केवल बाईपास मार्गों और बड़े मालवाहक वाहनों के रूट लेआउट को डाइवर्ट करने पर केंद्रित संधारित है, जिसके कारण शहर के भीतरी चौराहों पर टोटो चालकों की तानाशाही और गुंडागर्दी चरम पर पहुंच चुकी है। बीच सड़क पर अचानक ब्रेक मारना, क्षमता से अधिक यात्रियों को बोगियों की तरह ठंसना और मोड़ों पर गति को मंद न करना इन चालकों का दैनिक विन्यास विनिर्मित हो चुका है।

​नागरिकों ने जिला मजिस्ट्रेट और वरीय पुलिस अधीक्षक से यह कड़क मांग की है कि तिलकामांझी, स्टेशन चौक, आदमपुर और जीरोमाइल के हॉट-स्पॉट्स पर एक विशेष जासूसी विंग और चेकिंग ग्रिड सक्रिय किया जाए। जो भी टोटो यांत्रिक रूप से खोखले या बिना परमिट के सड़कों पर संचरण करते पाए जाएं, उन्हें तुरंत हाइड्रोलिक क्रेन के माध्यम से जब्त कर पुलिस थानों के विंग में लॉक किया जाए ताकि भविष्य में किसी भी बेगुनाह मुसाफिर की जान को इस प्रकार के खूनी हादसों के चक्रव्यूह में प्रविष्ट होने से पूरी कड़ाई के साथ सुरक्षित संधारित रखा जा सके। तिलकामांझी थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त टोटो को अपने विधिक कब्जे में लेकर थाने के प्रक्षेप में सुरक्षित पार्क करा दिया है और यांत्रिक खराबी के विन्यासों की विधिक जांच की जा रही है।

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