
भागलपुर, 16 मई 2026। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में हुए बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड (डबल मर्डर) मामले में न्याय और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में जिला पुलिस प्रशासन ने एक बहुत बड़ा और सख्त विधिक कदम उठाया है। सुल्तानगंज नगर परिषद के सभापति (अध्यक्ष) राजकुमार गुड्डू एवं नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (एग्जीक्यूटिव ऑफिसर) कृष्ण भूषण कुमार की सनसनीखेज हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य अभियुक्तों के खिलाफ शिकंजा कस दिया गया है।
वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय, भागलपुर द्वारा शनिवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस गंभीर कांड में शामिल और कानून की नजरों से छिपे अपराधियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए नकद पुरस्कार (इनाम) की घोषणा की गई है। यह विधिक कार्रवाई भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा समर्पित किए गए रणनीतिक प्रस्ताव के आलोक में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), पूर्वी क्षेत्र, भागलपुर के विधिक अनुमोदन के बाद क्रियान्वित की गई है। इस कार्रवाई के तहत फरार चल रहे आरोपियों में सुल्तानगंज नगर परिषद की मौजूदा उपसभापति (उपाध्यक्ष) नीलम देवी का नाम भी शामिल है, जिससे स्थानीय राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भारी खलबली मच गई है।
घोषित पुरस्कार राशि का विधिक और नामजद विवरण
पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आधिकारिक जिलादेश के अनुसार, फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले या सटीक सूचना देने वाले व्यक्तियों को प्रदान की जाने वाली इनाम राशि का वर्गीकरण उनकी संलिप्तता और गंभीरता के आधार पर किया गया है:
क्र.सं. | अभियुक्त का नाम | पद / पहचान | घोषित इनाम राशि (₹) |
|---|---|---|---|
01 | मनीष कुमार | मुख्य नामजद अभियुक्त | ₹50,000/- (पचास हजार रुपये) |
02 | अंकित कुमार | मुख्य नामजद अभियुक्त | ₹50,000/- (पचास हजार रुपये) |
03 | नीलम देवी | उपसभापति, सुल्तानगंज नगर परिषद | ₹25,000/- (पच्चीस हजार रुपये) |
एसएसपी के प्रस्ताव पर आईजी पूर्वी क्षेत्र ने लगाई विधिक मुहर
इस हाई-प्रोफाइल दोहरे हत्याकांड के बाद से ही भागलपुर पुलिस की विशेष जांच टीमें (SIT) स्थानीय स्तर पर लगातार छापेमारी कर रही थीं। हालांकि, आरोपी लगातार अपने विधिक ठिकानों को बदल रहे थे और पुलिस सर्विलांस से बचने के लिए तकनीकी रूप से भूमिगत हो गए थे। मामले की गंभीरता और स्थानीय स्तर पर पनप रहे जन-आक्रोश को देखते हुए भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक ने एक विशेष विधिक समीक्षा बैठक की।
इस बैठक के बाद अभियुक्तों पर लुकआउट नोटिस और इनाम घोषित करने की फाइल तैयार की गई, जिसे विधिक मंजूरी के लिए पुलिस महानिरीक्षक, पूर्वी क्षेत्र, भागलपुर के कार्यालय को प्रेषित किया गया। आईजी कार्यालय ने इस प्रस्ताव को लोकहित और त्वरित न्याय के सिद्धांत के तहत अनिवार्य मानते हुए तत्काल प्रभाव से अपनी विधिक स्वीकृति दे दी। पुलिस का मानना है कि इनाम की घोषणा होने से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के खुफिया नेटवर्क को सक्रिय करने में मदद मिलेगी और अभियुक्तों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बढ़ेगा।
आम जनता से सहयोग की अपील: पहचान पूरी तरह रखी जाएगी गोपनीय
पुलिस प्रशासन का आधिकारिक संदेश: > भागलपुर पुलिस प्रशासन ने आम जनता, विशेषकर सुल्तानगंज और आसपास के प्रक्षेत्रों के नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें उपरोक्त तीनों अभियुक्तों (मनीष कुमार, अंकित कुमार और उपसभापति नीलम देवी) के संभावित ठिकानों, उनके छिपने के विभावों या उनके सहयोगियों के संदर्भ में कोई भी विश्वसनीय या गुप्त सूचना प्राप्त होती है, तो वे तत्काल इसकी जानकारी वरीय पुलिस अधिकारियों या स्थानीय थानों को दें।
पुलिस ने विधिक तौर पर यह आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले किसी भी सजग नागरिक या मुखबिर की पहचान को पूरी तरह से गुप्त और सुरक्षित रखा जाएगा। उनकी निजता से किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही, जैसे ही दी गई सूचना के आधार पर अभियुक्तों की भौतिक गिरफ्तारी विधिक रूप से सुनिश्चित होगी, सूचना प्रदाता को घोषित की गई नकद पुरस्कार राशि (पचास हजार और पच्चीस हजार रुपये) से ससम्मान पुरस्कृत किया जाएगा।
एसआईटी की ताबड़तोड़ छापेमारी जारी, कुर्की-जब्ती की भी तैयारी
प्रेस विज्ञप्ति के अंतिम विधिक सत्र में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस प्रशासन इन अभियुक्तों को किसी भी प्रकार की विधिक ढील देने के मूड में नहीं है। भागलपुर एसएसपी के सीधे पर्यवेक्षण में विशेष जांच दल (SIT) और जिला पुलिस बल की टीमें बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों में भी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
कानूनी जानकारों का कहना है कि इनाम घोषित होने के बाद भी यदि ये अभियुक्त अगले कुछ दिनों के भीतर कानून और माननीय न्यायालय के समक्ष विधिक आत्मसमर्पण (सरेंडर) नहीं करते हैं, तो पुलिस प्रशासन बिना कोई समय गंवाए इनके खिलाफ न्यायालय से धारा 82 और 83 (उद्घोषणा और कुर्की-जब्ती) के तहत वारंट प्राप्त करेगी। इसके बाद आरोपियों के पैतृक और आवासीय मकानों की कुर्की-जब्ती की विधिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल, सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय और स्थानीय चौक-चौराहों पर इस घोषणा के पोस्टर चिपकाने की प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गई है।


