TRE-4 अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज के विरोध में भागलपुर में फूटा छात्रों का गुस्सा, मुख्यमंत्री का पुतला फूंका

भागलपुर: पटना में शिक्षक भर्ती की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे बेरोजगार युवाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में भागलपुर में छात्र संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। रविवार को तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर छात्रों और अभ्यर्थियों ने बिहार सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला दहन किया गया और सरकार विरोधी नारे लगाए गए।

छात्र संगठनों का आरोप है कि पटना में टीआरई-4 भर्ती विज्ञापन की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस ने बेरहमी से लाठियां बरसाईं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि रोजगार मांगने वाले युवाओं के साथ अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया, जिससे पूरे राज्य में छात्रों के बीच भारी नाराजगी है।

पटना की घटना के बाद भागलपुर में बढ़ा आक्रोश

बताया जा रहा है कि राजधानी पटना में टीआरई-4 शिक्षक भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर बड़ी संख्या में बेरोजगार अभ्यर्थी सड़क पर उतरे थे। अभ्यर्थियों का कहना था कि राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं, लेकिन सरकार नई बहाली प्रक्रिया शुरू करने में देरी कर रही है।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया। इस घटना के बाद सोशल मीडिया और छात्र संगठनों के बीच नाराजगी तेजी से फैल गई।

भागलपुर में भी इसी मुद्दे को लेकर छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। विश्वविद्यालय परिसर के बाहर छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की।

मुख्यमंत्री का पुतला दहन

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर बड़ी संख्या में छात्र जुटे। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का पुतला जलाया गया।

छात्रों ने हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बिहार में बेरोजगार युवाओं की आवाज दबाई जा रही है और नौकरी मांगने पर उन्हें पुलिस की लाठियां मिल रही हैं।

कुछ देर तक विश्वविद्यालय परिसर के बाहर माहौल काफी गर्म रहा। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

“रोजगार मांगने पर मिल रही लाठियां”

एसएसआई छात्र संगठन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष लालू यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार पूरी तरह निरंकुश हो चुकी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब बेरोजगार छात्र और युवा रोजगार की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से सड़क पर उतरते हैं, तो सरकार बातचीत करने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल करती है।

लालू यादव ने कहा कि युवाओं को नौकरी देने के बजाय उन पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। उनके मुताबिक यह केवल छात्रों पर हमला नहीं बल्कि उनके भविष्य पर हमला है।

“टीआरई-4 विज्ञापन जल्द जारी करे सरकार”

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मांग की कि सरकार जल्द से जल्द टीआरई-4 भर्ती का विज्ञापन जारी करे। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे समय से वे भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं।

छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार बहाली प्रक्रिया में देरी कर रही है, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।

अभ्यर्थियों का कहना है कि बिहार में शिक्षा व्यवस्था पहले से ही शिक्षकों की कमी से जूझ रही है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को और देर तक रोकना छात्रों और शिक्षा व्यवस्था दोनों के लिए नुकसानदायक होगा।

अभ्यर्थियों ने सुनाई आपबीती

प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थियों ने पटना में हुई घटना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। भागलपुर के अभ्यर्थी मिथुन कुमार ने कहा कि युवाओं ने केवल अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने की कोशिश की थी, लेकिन उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।

उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, फिर भी पुलिस ने बल प्रयोग किया। अभ्यर्थियों का कहना है कि इससे युवाओं के बीच सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ा है।

छात्र संगठनों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शन कर रहे छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की और पुलिस कार्रवाई पर जवाब नहीं दिया, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

छात्र नेताओं ने कहा कि आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बड़े आंदोलन किए जाएंगे। उनका कहना है कि बेरोजगार युवाओं के मुद्दे को दबाया नहीं जा सकता।

बिहार में बेरोजगारी बड़ा मुद्दा

विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में बेरोजगारी और शिक्षक बहाली का मुद्दा लगातार बड़ा होता जा रहा है। लाखों युवा सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे हैं और भर्ती प्रक्रिया में देरी को लेकर नाराजगी बढ़ रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि रोजगार का मुद्दा आने वाले समय में बिहार की राजनीति का बड़ा विषय बन सकता है। विपक्षी दल और छात्र संगठन भी लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं।

विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा बढ़ी

छात्र प्रदर्शन को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई थी। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह की हिंसा की सूचना नहीं मिली।

पुलिस और प्रशासन की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए थी ताकि माहौल बिगड़ने न पाए।

सरकार पर बढ़ा दबाव

पटना में हुई घटना के बाद राज्यभर में छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी दिखाई दे रही है। भागलपुर में हुए विरोध प्रदर्शन ने यह संकेत दिया है कि मामला अब केवल राजधानी तक सीमित नहीं रहा।

छात्र संगठनों का कहना है कि सरकार को युवाओं की मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए और बहाली प्रक्रिया को जल्द शुरू करना चाहिए।

युवाओं की नाराजगी बनी चुनौती

बिहार में लाखों युवा लंबे समय से शिक्षक भर्ती और अन्य सरकारी नौकरियों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। ऐसे में पटना की घटना और उसके बाद राज्यभर में हो रहे विरोध प्रदर्शन सरकार के लिए नई चुनौती बनते जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला तो छात्रों का आंदोलन और व्यापक हो सकता है।

फिलहाल भागलपुर में हुए पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया है कि टीआरई-4 भर्ती का मुद्दा अब युवाओं के बीच बड़ा आंदोलन बनता जा रहा है।

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