भागलपुर SSP का ‘एक्शन मोड’: थानों का औचक निरीक्षण कर जांची फाइलों की सेहत; साइबर और महिला अपराध पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

भागलपुर | 21 फरवरी, 2026: भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने आज प्रशासनिक मुस्तैदी दिखाते हुए जिले के कई महत्वपूर्ण थानों का औचक निरीक्षण किया। 21 फरवरी को हुई इस कार्रवाई के दौरान एसएसपी ने एससी/एसटी थाना, साइबर थाना और महिला थाना की कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच की। इस औचक निरीक्षण से पुलिस महकमे में दिनभर हड़कंप मचा रहा।

निरीक्षण के दौरान इन बिंदुओं पर रहा जोर

​एसएसपी ने थानों में पहुँचकर केवल फाइलों की ही जाँच नहीं की, बल्कि बुनियादी सुविधाओं और जन-सुनवाई की स्थिति को भी देखा:

  • अभिलेख और साफ-सफाई: थाना परिसर की स्वच्छता और दस्तावेजों (अभिलेखों) के रखरखाव की स्थिति का जायजा लिया गया।
  • कांडों की समीक्षा: लंबित मामलों (Pending Cases) की वर्तमान स्थिति, वारंट निष्पादन और शिकायत पंजी के अवलोकन के जरिए प्रगति की जांच की गई।
  • विशिष्ट मामलों का निपटारा: विशेष रूप से महिला अपराध और साइबर अपराध से संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण पर विस्तृत चर्चा की गई।

एसएसपी के सख्त निर्देश: “पीड़ितों के प्रति रहें संवेदनशील”

​निरीक्षण के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को स्पष्ट संदेश दिया:

  1. तेजी और समयबद्धता: अनुसंधान (Investigation) की गति को तेज करने और हर मामले में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
  2. संवेदनशीलता: थानों में आने वाले पीड़ितों, विशेषकर महिलाओं और कमजोर वर्ग के लोगों के साथ अत्यंत संवेदनशील और मानवीय व्यवहार अपनाने की हिदायत दी गई।
  3. पारदर्शिता और जवाबदेही: एसएसपी ने साफ किया कि आम जनता को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाना तथा थानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बेहतर काम पर शाबाशी, लापरवाही पर चेतावनी

​एसएसपी ने निरीक्षण के दौरान ‘पुरस्कार और दंड’ की नीति अपनाई:

  • प्रशंसा: उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की सराहना की गई और उन्हें इसी समर्पण भाव से कार्य करने हेतु प्रोत्साहित किया गया।
  • फटकार: जिन कर्मियों के कार्य में लापरवाही या कमियां पाई गईं, उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए तत्काल सुधार लाने का निर्देश दिया गया।

साइबर थाने की तत्परता को सराहा

​साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच एसएसपी ने भागलपुर साइबर थाना की तकनीकी तत्परता और जन-जागरूकता के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण तकनीकी सुझाव भी दिए।

निष्कर्ष: एसएसपी ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण नियमित रूप से जारी रहेंगे। इससे यह साफ है कि भागलपुर पुलिस अब “प्रो-एक्टिव” मोड में काम करेगी ताकि आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।

ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।

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