
पटना/भागलपुर। भागलपुर शहर के विकास और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को लेकर शुक्रवार को पटना में एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार के सभागार में हुई इस बैठक में भागलपुर स्मार्ट सिटी योजना के तहत चल रहे विभिन्न विकास कार्यों और नगर निगम क्षेत्र में प्रस्तावित नई परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में भागलपुर की महापौर ने शहर की मौजूदा समस्याओं और भविष्य की जरूरतों को मजबूती से रखते हुए कई अहम मुद्दों पर विभाग का ध्यान आकर्षित किया।
बैठक में के प्रधान सचिव, से जुड़े अधिकारी, भागलपुर के नगर आयुक्त और स्थानीय विधायक मौजूद रहे। अधिकारियों ने स्मार्ट सिटी के अंतर्गत चल रही योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और आने वाले महीनों में प्रस्तावित कार्यों को लेकर चर्चा की।
बैठक के दौरान भागलपुर शहर में तेजी से बढ़ रही आबादी, यातायात दबाव, सफाई व्यवस्था, जलजमाव और आधारभूत सुविधाओं की जरूरतों को लेकर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। महापौर ने कहा कि भागलपुर केवल एक ऐतिहासिक शहर ही नहीं, बल्कि तेजी से विकसित हो रहा शहरी केंद्र भी है। ऐसे में यहां की बुनियादी सुविधाओं को आधुनिक और व्यवस्थित बनाना बेहद जरूरी हो गया है।
सबसे प्रमुख मुद्दा शहर की सफाई व्यवस्था और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर उठा। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि शहर में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी यानी एमआरएफ को प्रभावी तरीके से संचालित करने पर जोर दिया ताकि शहर में निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जा सके। उन्होंने कहा कि यदि कचरा प्रबंधन प्रणाली को व्यवस्थित किया जाए तो शहर की साफ-सफाई में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कई इलाकों में नियमित सफाई व्यवस्था होने के बावजूद लोगों को अभी भी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा शहर के अलग-अलग हिस्सों में आधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू करने पर काम किया जा रहा है।
जलजमाव की समस्या भी बैठक का एक अहम विषय रही। महापौर ने कहा कि हर वर्ष बारिश के मौसम में शहर के कई इलाकों में पानी जमा होने से लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। उन्होंने स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की। उनका कहना था कि जब तक आधुनिक ड्रेनेज नेटवर्क तैयार नहीं होगा, तब तक शहर को स्थायी रूप से जलजमाव की समस्या से राहत नहीं मिल सकेगी।
इसके साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) की प्रगति को लेकर भी चर्चा की गई। महापौर ने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए ताकि शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके और गंदे पानी के उचित निपटारे की व्यवस्था मजबूत हो। उन्होंने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए भागलपुर में आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली विकसित करना समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुकी है।
बैठक में शहर के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विचार किया गया। महापौर ने मुख्य बाजारों और रिहाइशी इलाकों में बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि खुले बिजली तार न केवल दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ाते हैं, बल्कि शहर की सुंदरता को भी प्रभावित करते हैं। यदि अंडरग्राउंड वायरिंग की योजना लागू होती है तो इससे शहर का स्वरूप अधिक आधुनिक और सुरक्षित बन सकेगा।
भागलपुर की यातायात व्यवस्था को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। महापौर ने रिक्शाडीह इलाके में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस बस स्टैंड निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में शहर में यात्री सुविधाओं और बस संचालन व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता है। नए बस स्टैंड के निर्माण से न केवल यातायात व्यवस्था सुगम होगी, बल्कि यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हो सकेंगी।
अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित बस स्टैंड में यात्रियों के लिए वेटिंग एरिया, पार्किंग, डिजिटल सूचना प्रणाली, स्वच्छ शौचालय और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।
बैठक के दौरान प्रधान सचिव ने महापौर द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि भागलपुर स्मार्ट सिटी और नगर निगम क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए विभाग लगातार निगरानी करेगा।
प्रधान सचिव ने यह भी कहा कि योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए सात दिनों के भीतर दोबारा फॉलो-अप बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में आज लिए गए निर्णयों और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी ताकि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की देरी न हो।
शहर के विकास को लेकर हुई इस उच्च स्तरीय बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित योजनाएं समय पर पूरी होती हैं तो भागलपुर में बुनियादी ढांचे, सफाई व्यवस्था, यातायात और जल निकासी जैसी समस्याओं में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
स्थानीय लोगों को भी इस बैठक से काफी उम्मीदें हैं। लंबे समय से शहर में जलजमाव, ट्रैफिक जाम और कचरा प्रबंधन जैसी समस्याएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ऐसे में स्मार्ट सिटी योजना के तहत इन मुद्दों पर गंभीर पहल को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में भागलपुर को आधुनिक, स्वच्छ और व्यवस्थित शहर के रूप में विकसित करने की दिशा में कई नई परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। सरकार और स्थानीय प्रशासन का दावा है कि भागलपुर के विकास की रफ्तार अब और तेज होने वाली है, जिससे शहर की तस्वीर बदलने की उम्मीद बढ़ गई है।


