
भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में बढ़ते नशे के कारोबार और युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहे ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। जिले के सजौर थाना अंतर्गत पुलिस की विशेष टीम ने छापेमारी कर प्रतिबंधित ब्राउन शुगर और गांजा के साथ तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथ दबोचा है। यह पूरी कार्रवाई भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत संचालित ‘क्लीन भागलपुर’ अभियान का हिस्सा है। सजौर पुलिस की इस मुस्तैदी ने न केवल नशे के एक सक्रिय नेटवर्क को ध्वस्त किया है, बल्कि उन ‘हॉट स्पॉट्स’ पर भी अपनी पकड़ मजबूत की है जहाँ अपराधी अक्सर छिपकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं। पकड़े गए अपराधियों के पास से न केवल मादक पदार्थ मिले हैं, बल्कि नशे की पुड़िया बेचकर इकट्ठा की गई नकदी भी बरामद हुई है। पुलिस अब इन तस्करों के पूरे चेन को खंगालने में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि भागलपुर के ग्रामीण अंचलों में नशे का यह जहर कहाँ से सप्लाई हो रहा है।
एसएसपी की रणनीति और सजौर में खुफिया जाल
भागलपुर में हाल के दिनों में मादक पदार्थों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया था कि वे अपने क्षेत्रों में अवैध शराब, हथियार और नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएं। विशेष रूप से उन इलाकों में गश्ती बढ़ाने को कहा गया था जो चोरी और छिनतई के लिए बदनाम रहे हैं। इसी कड़ी में 13 अप्रैल 2026 को पुलिस को एक पुख्ता खुफिया जानकारी मिली। सूचना यह थी कि सजौर थाना अंतर्गत शीतला स्थान के पास कुछ लोग ब्राउन शुगर और गांजा की खेप लेकर पहुँचे हैं और वहां चोरी-छिपे उसकी खरीद-बिक्री की जा रही है।
सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक हाई-प्रोफाइल टीम का गठन किया गया। इस टीम की सीधी निगरानी पुलिस अधीक्षक नगर (सिटी एसपी) कर रहे थे, जबकि ऑन-ग्राउंड नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) विधि-व्यवस्था और सजौर थानाध्यक्ष राजेश रंजन कुमार के हाथों में था। पुलिस टीम ने नागरिक लिबास और सादी गाड़ियों का सहारा लिया ताकि अपराधियों को पुलिस की आहट न मिल सके और उन्हें घेरा जा सके।
शीतला स्थान पर पहली मुठभेड़ और अपराधी का पीछा
जब पुलिस की गठित टीम सजौर के शीतला स्थान पहुँची, तो वहां का नजारा संदिग्ध था। एक युवक वहां खड़ा होकर आने-जाने वालों पर नजर रख रहा था। जैसे ही उसे पुलिस के सशस्त्र बल की भनक लगी, उसने बिना पल गवाए वहां से भागने की कोशिश की। पुलिस कर्मियों ने उसे भागते देख तुरंत घेराबंदी की और उसे खदेड़ना शुरू किया। कुछ दूर तक पीछा करने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसकी जेब से 0.39 ग्राम ब्राउन शुगर की एक पुड़िया बरामद हुई। पकड़े गए इस पहले अपराधी की पहचान दिलखुश कुमार के रूप में हुई, जो सजौर के ओड़ाचक गांव का निवासी है।
दिलखुश कुमार की गिरफ्तारी पुलिस के लिए इस पूरे नेटवर्क की चाबी साबित हुई। जब थानाध्यक्ष राजेश रंजन कुमार ने मौके पर ही उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने टूटते हुए अपने दो अन्य साथियों का पता बता दिया जो थोड़े ही फासले पर नशे की बड़ी खेप के साथ किसी ग्राहक का इंतजार कर रहे थे।
दास टोला पानी टंकी पर दूसरी रेड: नशे का जखीरा बरामद
दिलखुश से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत अपना रुख सजौर के ही दास टोला की ओर किया। यहाँ पानी टंकी के पास सन्नाटा था, जिसका फायदा अपराधी नशे की डील करने में उठा रहे थे। पुलिस ने चारों ओर से पानी टंकी के आसपास के रास्तों को ब्लॉक कर दिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां से दो और युवकों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान नीरज कुमार और बाल किशोर शाह के रूप में हुई, जो झिटकिया गांव के रहने वाले हैं।
इन दोनों की तलाशी के दौरान पुलिस को जो मिला, उसने नशे के कारोबार की गंभीरता को उजागर कर दिया। इनके पास से 1.27 ग्राम ब्राउन शुगर और 37.10 ग्राम गांजा बरामद हुआ। साथ ही, इनके पास से 2930 रुपये नकद भी जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार, यह पैसा नशीले पदार्थों की बिक्री से ही अर्जित किया गया था। इन तीनों की गिरफ्तारी से सजौर इलाके में चल रहे एक बड़े ड्रग चेन के टूटने का दावा किया जा रहा है।
बरामदगी का विश्लेषण: छोटे पैकेट, बड़ा खतरा
पुलिस ने इस पूरे ऑपरेशन के दौरान कुल 1.660 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है। हालांकि यह वजन में कम लग सकता है, लेकिन नशा बाजार में ब्राउन शुगर की यह मात्रा दर्जनों युवाओं को बर्बाद करने के लिए काफी है। तस्कर इसे छोटी-छोटी पुड़ियों में बांटकर ऊंचे दामों पर बेचते हैं। वहीं बरामद 37.10 ग्राम गांजा भी ग्रामीण इलाकों में बढ़ती नशे की मांग को दर्शाता है। नकद रुपयों की बरामदगी यह साबित करती है कि यह कोई निजी उपभोग का मामला नहीं था, बल्कि यह एक व्यावसायिक तस्करी का हिस्सा था।
भागलपुर पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पकड़े गए अपराधी यह ब्राउन शुगर कहाँ से लाते थे। प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि इसके तार पड़ोसी राज्यों या जिलों के बड़े सप्लायरों से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इन तीनों के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स को भी खंगाल रही है ताकि इनके ‘व्हाट्सएप’ और कॉल संपर्कों के जरिए मुख्य सरगना तक पहुँचा जा सके।
अपराध और नशे का गहरा रिश्ता
भागलपुर पुलिस का मानना है कि जिले में होने वाली अधिकांश छिनतई और मोबाइल चोरी की घटनाओं के पीछे नशे की लत ही मुख्य कारण है। नशा करने वाले युवक अपनी दैनिक खुराक के लिए पैसे जुटाने के उद्देश्य से छोटी-छोटी वारदातों को अंजाम देते हैं। सजौर में हुई यह कार्रवाई न केवल नशे के खिलाफ है, बल्कि यह क्षेत्र में चोरी और छिनतई की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
एसएसपी के ‘हॉट स्पॉट’ प्लान के तहत सजौर के उन स्थानों को चिन्हित किया गया है जहाँ शाम के बाद असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। शीतला स्थान और पानी टंकी जैसे इलाके अब पुलिस की विशेष निगरानी में रहेंगे। पुलिस ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि वे अपने आसपास रहने वाले संदिग्ध लोगों की जानकारी गोपनीय तरीके से पुलिस को दें ताकि भागलपुर को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जा सके।
पुलिस टीम की तत्परता और छापेमारी दल का विवरण
सजौर में इस सफल अभियान को अंजाम देने वाली टीम की कार्यकुशलता की जिले के वरीय अधिकारियों ने सराहना की है। छापेमारी दल में निम्नलिखित पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे:
- राजेश रंजन कुमार (पु.अ.नि. सह थानाध्यक्ष, सजौर थाना)
- बाल्मीकि कुमार (स.अ.नि., सजौर थाना)
- अजीत कुमार (गृह रक्षक, सजौर थाना)
- उत्तम कुमार (गृह रक्षक, सजौर थाना)
- संदीप कुमार (गृह रक्षक, सजौर थाना)
इन सभी ने मिलकर एक पेशेवर टीम के रूप में काम किया, जिससे अपराधी भागने में सफल नहीं हो सके। विशेष रूप से गृह रक्षकों की मुस्तैदी ने भागते हुए अपराधियों को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई।
कानूनी कार्रवाई और भविष्य की चेतावनी
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों—दिलखुश कुमार, नीरज कुमार और बाल किशोर शाह—के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सजौर थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई अभी जारी रहेगी और क्षेत्र में किसी भी प्रकार के अवैध धंधे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भागलपुर पुलिस ने अपराधियों को कड़ी चेतावनी दी है कि वे या तो ये धंधा छोड़ दें या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें। जिले के हर कोने में पुलिस की गश्ती और मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया गया है। आने वाले दिनों में भागलपुर के अन्य थाना क्षेत्रों में भी इसी तरह की बड़ी कार्रवाइयों की उम्मीद है।


