
भागलपुर जिले के के सबौर थाना क्षेत्र में एक 13 वर्षीय किशोर के लापता होने का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। राजपुर गांव वार्ड संख्या 12 निवासी पिंकी देवी ने अपने बेटे मोनू कुमार के गायब होने को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि गांव के ही दो लोगों ने पहले किशोर के साथ बेरहमी से मारपीट की और अब उसके लापता होने के पीछे भी उन्हीं का हाथ होने की आशंका है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और स्थानीय लोगों में भी दहशत का माहौल बना हुआ है।
परिजनों के अनुसार 13 वर्षीय मोनू कुमार कुछ दिनों पहले गांव के पास स्थित एक बगीचे में गया था। इसी दौरान गांव के ही दो लोगों पर उसे नशीला पदार्थ खिलाकर मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। बताया जा रहा है कि बगीचे से शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे, जिसके बाद कथित रूप से मारपीट करने वाले लोग वहां से फरार हो गए। ग्रामीणों ने किसी तरह किशोर को बचाया था, लेकिन अब अचानक उसके लापता हो जाने से परिवार की चिंता और बढ़ गई है।
मोनू कुमार की मां पिंकी देवी ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को गांव के ही सुशील पासवान और विक्की कुमार ने पहले प्रताड़ित किया था। उन्होंने बताया कि घटना के बाद से उनका बेटा मानसिक रूप से डरा हुआ था। पिंकी देवी का कहना है कि जब उन्होंने अपने बेटे को कमरे में नहीं देखा तो उन्होंने आसपास और रिश्तेदारों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल सका।
परिजनों का आरोप है कि दोनों नामजद लोगों ने उनके बेटे को नुकसान पहुंचाने की नीयत से उसका अपहरण कर लिया है। मामले को लेकर उन्होंने सबौर थाना में लिखित शिकायत दी है और पुलिस से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मां ने कहा कि उनका बेटा अभी नाबालिग है और उसकी सुरक्षा को लेकर पूरा परिवार डरा हुआ है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द बेटे की बरामदगी की गुहार लगाई है।
घटना के बाद गांव में तनाव और भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में नशे का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है और इसका सबसे ज्यादा असर किशोरों और युवाओं पर पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक छोटे-छोटे बच्चे भी नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिससे चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है।
पिंकी देवी ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में सूखा नशा खुलेआम बिक रहा है, लेकिन इसके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि गांव के लोग डर के माहौल में जी रहे हैं और कोई भी खुलकर आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा। उनका कहना है कि यदि समय रहते नशे के कारोबार पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि राजपुर गांव और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ समय से नशे से जुड़ी गतिविधियों की चर्चा लगातार हो रही है। कई परिवार अपने बच्चों को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि किशोरों को गलत संगत और नशे की ओर धकेला जा रहा है, जिससे सामाजिक माहौल खराब हो रहा है।
घटना के बाद पुलिस भी सक्रिय हुई है। सबौर थाना पुलिस ने परिजनों से आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और किशोर की तलाश के लिए प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार गांव और आसपास के क्षेत्रों में किशोर की तलाश की जा रही है। साथ ही जिन लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, उनसे भी पूछताछ की जा सकती है। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी तक किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में बढ़ते नशे और किशोर अपराध के मुद्दे को सामने ला दिया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते युवाओं और बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया तो स्थिति और भयावह हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार नशे की लत सिर्फ एक व्यक्ति को नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में नियमित रूप से पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और नशा कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि यदि कानून का डर नहीं होगा तो अपराध और नशे का नेटवर्क लगातार फैलता जाएगा।
मोनू कुमार के लापता होने के बाद परिवार की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है। मां पिंकी देवी लगातार बेटे की सलामती की दुआ कर रही हैं। पड़ोसी और रिश्तेदार भी परिवार को ढांढस बंधाने में लगे हैं। गांव के लोगों का कहना है कि पूरा इलाका इस घटना से परेशान है और सभी लोग बच्चे के सुरक्षित लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।
घटना ने प्रशासन और पुलिस के सामने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ नाबालिग किशोर के लापता होने का मामला है, वहीं दूसरी तरफ गांव में नशे के बढ़ते नेटवर्क को लेकर लोगों की चिंता भी सामने आई है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर कब तक किशोर का पता चल पाता है और आरोपियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।


