
भागलपुर, 31 मई 2026। भागलपुर जिले के सबौर थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मृतका के मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताते हुए पति समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
यह मामला सबौर हाईस्कूल के समीप स्थित एक मोहल्ले का है, जहां रहने वाले विजय आनंद की पत्नी पायल कुमारी की मौत शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई। घटना के बाद मृतका के भाई की शिकायत पर पुलिस ने पति, देवर, सास और ससुर को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब सभी आरोपों और परिस्थितियों की बारीकी से जांच कर रही है।
परिजनों के अनुसार पायल कुमारी की शादी पिछले वर्ष 24 नवंबर को सामाजिक रीति-रिवाजों के साथ हुई थी। विवाह के समय दोनों परिवारों की सहमति से बड़े स्तर पर उपहार और घरेलू सामान भी दिए गए थे। शादी के शुरुआती दिनों में सब कुछ सामान्य बताया गया, लेकिन कुछ समय बाद रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा। मायके पक्ष का आरोप है कि विवाह के बाद से ही अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर पायल पर दबाव बनाया जाने लगा था।
मृतका के भाई गौरव कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उनकी बहन को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उनका कहना है कि कई बार पायल ने फोन पर परिवार के लोगों को अपनी परेशानी बताई थी। परिवार द्वारा पूछताछ किए जाने पर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
घटना वाले दिन परिवार को अचानक सूचना मिली कि पायल ने कथित रूप से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही परिजन सबौर पहुंचे। पायल की बड़ी बहन, जिसकी शादी भी उसी क्षेत्र में हुई है, सबसे पहले मौके पर पहुंची। उसने जो दृश्य देखा, उससे परिवार की शंकाएं और गहरा गईं।
परिजनों का दावा है कि कमरे के अंदर कुछ ऐसी परिस्थितियां थीं, जिनके आधार पर उन्हें घटना पर संदेह हुआ। उनका कहना है कि कमरे का दरवाजा खुला था और वहां कुछ ऐसे संकेत दिखाई दिए, जिनकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। इसी आधार पर परिवार ने इसे सामान्य आत्महत्या का मामला मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।
मृतका की बहन का कहना है कि वह प्रतिदिन सुबह अपनी छोटी बहन से फोन पर बातचीत करती थी। घटना वाले दिन भी उसने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब उसे घटना की जानकारी मिली तो वह तुरंत वहां पहुंच गई। परिवार का दावा है कि पायल अक्सर अपने साथ हो रहे व्यवहार को लेकर चिंता व्यक्त करती थी।
दूसरी ओर मृतका के पति विजय आनंद ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि शादी के बाद उनका वैवाहिक जीवन सामान्य रूप से चल रहा था और दोनों के बीच किसी प्रकार का गंभीर विवाद नहीं था। उन्होंने दावा किया कि घटना से कुछ दिन पहले ही उन्होंने पत्नी के लिए आभूषण खरीदे थे और दोनों भविष्य की योजनाओं पर चर्चा कर रहे थे।
पति के अनुसार घटना से कुछ दिन पहले पायल ने पटना जाकर एक धार्मिक स्थल में वीडियो शूट करने की इच्छा जताई थी। उन्होंने बताया कि इस विषय पर दोनों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ। उनका कहना है कि घटना वाले दिन जब देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो उन्होंने कई बार आवाज लगाई। कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां पत्नी को फंदे से लटका पाया गया।
पति का दावा है कि उन्होंने तुरंत उसे नीचे उतारा और इलाज के लिए अस्पताल लेकर गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। हालांकि मायके पक्ष इस दावे से सहमत नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
इस घटना ने एक बार फिर विवाह के बाद महिलाओं की सुरक्षा, दहेज प्रताड़ना और घरेलू विवादों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाजशास्त्रियों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच बेहद आवश्यक होती है ताकि वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य, परिजनों के बयान और अन्य तकनीकी तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। शादी के छह महीने के भीतर हुई इस मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर एक नवविवाहिता की जिंदगी इतनी जल्दी किस परिस्थिति में समाप्त हो गई।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं। एक तरफ मायके पक्ष इसे हत्या और प्रताड़ना का परिणाम बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ ससुराल पक्ष आरोपों को निराधार बता रहा है। ऐसे में अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने कहा है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की गहन जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी भी प्रकार की आपराधिक भूमिका सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल इस रहस्यमयी मौत ने पूरे भागलपुर जिले में चर्चा और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।


