भागलपुर के राजपुर-शिवायडीह-मुरहन मार्ग की बदहाल हालत पर उठी आवाज, सड़क निर्माण को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बढ़ी हलचल

भागलपुर जिले के सबौर क्षेत्र में लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ी राजपुर-शिवायडीह-मुरहन सड़क को लेकर अब स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने आवाज तेज कर दी है। खराब सड़क के कारण लोगों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को सर्किट हाउस भागलपुर में सवर्ण आयोग के सदस्य और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के करीबी माने जाने वाले राज कुमार बाबू से एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर सड़क की गंभीर स्थिति से अवगत कराया।

मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने सड़क की बदहाली से जुड़ी कई समस्याओं को विस्तार से रखा। लोगों ने बताया कि राजपुर से शिवायडीह होते हुए मुरहन तक जाने वाली सड़क वर्षों से जर्जर अवस्था में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे बन चुके हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को हर दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती है, जब सड़क कीचड़ और जलजमाव में तब्दील हो जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत और मांग के बावजूद अब तक इस सड़क के निर्माण या मरम्मत को लेकर कोई ठोस पहल नहीं हुई थी।

प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद राज कुमार बाबू ने मौके पर ही संबंधित इंजीनियर को फोन कर बुलाया और सड़क की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से इस मार्ग की तकनीकी स्थिति और निर्माण से जुड़ी संभावनाओं पर चर्चा की। बताया गया कि सड़क की हालत को देखते हुए जल्द ही इसे प्राथमिकता सूची में शामिल करने की पहल की जाएगी।

राज कुमार बाबू ने भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को बिहार सरकार के उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पटना जाकर संबंधित विभाग के सचिव से मुलाकात कर सड़क निर्माण की आवश्यकता को उनके संज्ञान में लाया जाएगा ताकि जल्द से जल्द निर्माण प्रक्रिया शुरू हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार ग्रामीण सड़कों और बुनियादी ढांचे को लेकर गंभीर है और ऐसे मामलों में तेजी से कार्रवाई करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

उन्होंने स्थानीय लोगों से कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि गांवों और पंचायतों को बेहतर सड़क संपर्क से जोड़ा जाए ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। उनका कहना था कि सड़क केवल आवागमन का माध्यम नहीं होती, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और सामाजिक विकास से भी सीधे जुड़ी होती है। ऐसे में खराब सड़कें किसी भी क्षेत्र के विकास में सबसे बड़ी बाधा बन जाती हैं।

इस दौरान मौजूद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी सड़क की स्थिति को लेकर चिंता जताई। लोगों ने कहा कि इस मार्ग से हर दिन सैकड़ों लोग गुजरते हैं, जिनमें छात्र, किसान, व्यापारी और मरीज शामिल होते हैं। खराब सड़क के कारण कई बार एंबुलेंस और अन्य जरूरी वाहन समय पर नहीं पहुंच पाते। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क की हालत के कारण कई छोटे-बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।

बैठक में शामिल लोगों ने कहा कि अगर सड़क का जल्द निर्माण हो जाता है तो इससे पूरे इलाके की तस्वीर बदल सकती है। सड़क बेहतर होने से गांवों का संपर्क मुख्य बाजारों और शहरी क्षेत्रों से मजबूत होगा। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। साथ ही स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को भी राहत मिलेगी।

मुलाकात के दौरान सबौर दक्षिणी क्षेत्र के जिला परिषद सदस्य आफताब आलम, व्यापार मंडल अध्यक्ष नितुन कुमार सिंह, पूर्व उपप्रमुख बहुरण मंडल, बैजलपुर पंचायत के पूर्व मुखिया बीरेंद्र सिंह, पूर्व सरपंच बशिष्ठ यादव, परघड़ी पंचायत के वार्ड सदस्य निरंजन सिंह, कुरपट के राजेश गोस्वामी, मनोरंजन पंडित, अरविंद पंडित, अमडार के लालू यादव, भाजपा नेता प्रवीण कुमार सिंह और संजय सिंह समेत कई स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में सड़क निर्माण की मांग उठाई और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की।

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क कई पंचायतों और गांवों को जोड़ती है, इसलिए इसका महत्व काफी अधिक है। सड़क खराब होने से न केवल आम लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास पर भी असर पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि परिवहन की दिक्कत के कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं और वाहन चालकों को अतिरिक्त समय और खर्च उठाना पड़ता है।

राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि सरकार समय रहते सड़क निर्माण का काम शुरू करती है तो इससे लोगों का भरोसा मजबूत होगा। वहीं, ग्रामीणों ने यह भी कहा कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जल्द जमीनी कार्रवाई देखने की जरूरत है।

क्षेत्र के कई लोगों ने यह उम्मीद जताई कि सर्किट हाउस में हुई इस मुलाकात के बाद सड़क निर्माण को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज होगी। लोगों का कहना है कि लंबे समय से उपेक्षित इस सड़क को अगर जल्द दुरुस्त किया जाता है तो हजारों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

भागलपुर और सबौर क्षेत्र में लगातार बढ़ते यातायात और ग्रामीण संपर्क को देखते हुए अब सड़क निर्माण को लेकर लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ गई हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार और संबंधित विभाग इस मांग पर कितनी तेजी से कार्रवाई करते हैं और राजपुर-शिवायडीह-मुरहन सड़क को कब तक नई पहचान मिल पाती है।

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