​पीरपैंती के खानपुर में खौफ का तांडव: पहले खेत में पत्थरबाजी, फिर घर चढ़कर युवक को लहूलुहान किया; हवाई फायरिंग से इलाके में दहशत

भागलपुर। जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र अंतर्गत खानपुर गांव में रविवार की शाम वर्चस्व और आपसी रंजिश के चलते एक युवक पर जानलेवा हमले की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। अपराधियों के बढ़ते हौसले का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पहले खेत में युवक के साथ बदसलूकी की गई और जब वह जान बचाकर घर पहुँचा, तो आरोपियों ने उसके घर पर चढ़कर हमला बोल दिया। पीड़ित युवक ने आरोपियों पर दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग करने का भी गंभीर आरोप लगाया है। इस घटना में खानपुर निवासी मोहम्मद शम्मा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनके सिर पर भारी वस्तु से प्रहार किया गया है। घटना के बाद से ही गांव में तनाव का माहौल व्याप्त है और पुलिस मामले की तहकीकात में जुट गई है। हालांकि, पुलिस ने मारपीट की घटना की पुष्टि की है, लेकिन हवाई फायरिंग के दावे को फिलहाल जांच के अधीन रखा गया है। यह घटना दर्शाती है कि ग्रामीण इलाकों में छोटी-छोटी बातों पर होने वाले विवाद अब किस तरह हिंसक मोड़ ले रहे हैं।

खेत से शुरू हुआ विवाद: पत्थरबाजी और गाली-गलौज

​रविवार की शाम खानपुर गांव के रहने वाले मोहम्मद काहिर का पुत्र मोहम्मद शम्मा अपने दो अन्य दोस्तों के साथ गांव के पास स्थित खेतों की ओर शौच के लिए गया था। शाम का वक्त था और चारों ओर खामोशी थी। पीड़ित के अनुसार, वे लोग अभी खेत के पास पहुँचे ही थे कि अचानक करीब 100 मीटर की दूरी से दो युवक उन पर पत्थर फेंकने लगे। अचानक हुए इस पथराव से शम्मा के दोस्त डर गए और उनमें से एक अपनी जान बचाकर वहां से भाग खड़ा हुआ।

​मोहम्मद शम्मा ने बताया कि वह वहीं रुक गया और यह समझने की कोशिश करने लगा कि पत्थर आखिर क्यों फेंके जा रहे हैं। इसी बीच वे दोनों युवक दौड़ते हुए शम्मा के पास पहुँच गए। वहां पहुँचते ही उन लोगों ने बिना किसी ठोस कारण के शम्मा के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी और भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे। शम्मा ने उन युवकों को समझाने और विवाद शांत करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों का तेवर आक्रामक बना रहा। किसी तरह वहां से बचकर शम्मा अपने घर की ओर भागा। उसे लगा कि घर पहुँचने के बाद मामला शांत हो जाएगा, लेकिन अपराधियों की योजना कुछ और ही थी।

घर पर हमला: सेंटरिंग के काम के बीच पहुँचे हमलावर

​घर पहुँचने के बाद मोहम्मद शम्मा ने राहत की सांस ली और स्नान करने के बाद अपने रोजमर्रा के काम में जुट गया। शम्मा पेशे से मजदूर है और वह सेंटरिंग के कार्य के लिए अपने घर के पास रखे बांस उतार रहा था। तभी अचानक वही दोनों युवक, जिन्होंने खेत में उसके साथ बदसलूकी की थी, बाइक या पैदल (जिसकी जांच जारी है) उसके घर के सामने आ धमके। शम्मा अभी कुछ समझ पाता, उससे पहले ही एक युवक ने कथित तौर पर अपनी कमर से पिस्तौल निकाली और हवा में गोली दाग दी। हवाई फायरिंग की आवाज सुनते ही आसपास के लोग सहम गए और दरवाजे बंद कर लिए।

​फायरिंग से दहशत पैदा करने के बाद आरोपियों ने शम्मा को पकड़ लिया। शम्मा ने बताया कि उसने उन लोगों से बार-बार मिन्नतें कीं कि आखिर उसकी गलती क्या है, लेकिन हमलावरों के सिर पर खून सवार था। आरोपियों में से एक ने किसी भारी वस्तु (शायद लोहे की रड या लाठी) से सीधे शम्मा के सिर पर प्रहार कर दिया। सिर पर चोट लगते ही शम्मा खून से लथपथ होकर वहीं जमीन पर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। शोर-शराबा बढ़ता देख और ग्रामीणों को एकजुट होता देख दोनों हमलावर मौके से फरार होने में सफल रहे। घायल युवक को आनन-फानन में परिजनों द्वारा स्थानीय लोगों की मदद से उठाया गया।

मजदूरी कर लौटा था पीड़ित: पुलिस को दिया गया बयान

​मोहम्मद शम्मा ने पीरपैंती थाना के सब-इंस्पेक्टर जनक सिंह को दिए अपने बयान में पूरी आपबीती सुनाई है। उसने बताया कि वह बिहार से बाहर किसी अन्य प्रदेश में रहकर मजदूरी करता है और अपने परिवार का भरण-पोषण करता है। अभी कुछ ही दिन पहले वह अपने गांव खानपुर वापस लौटा था। उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि गांव लौटते ही उसे इस तरह की हिंसा का सामना करना पड़ेगा। शम्मा के अनुसार, उसकी किसी से कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी, फिर भी उसे निशाना बनाया गया।

​पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। घायल युवक को तुरंत पीरपैंती रेफरल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया। सिर की चोट गहरी होने के कारण उसे टांके लगाए गए हैं और वर्तमान में वह चिकित्सीय देखरेख में है। अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, युवक की स्थिति अब खतरे से बाहर है, लेकिन वह अभी भी गहरे सदमे में है।

पुलिस की कार्रवाई और फायरिंग पर सस्पेंस

​घटना की सूचना मिलते ही पीरपैंती थानाध्यक्ष पंकज राउत ने पुलिस टीम को मौके पर भेजा। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। थानाध्यक्ष पंकज राउत ने बताया कि मारपीट की घटना सत्य है और युवक के सिर पर चोट के निशान मिले हैं। पुलिस ने पीड़ित का बयान दर्ज कर लिया है और मामले की छानबीन की जा रही है।

​हालांकि, हवाई फायरिंग के आरोप पर पुलिस का रुख अभी संतुलित है। थानाध्यक्ष ने कहा कि पीड़ित ने अपने बयान में फायरिंग की बात कही है, लेकिन पुलिस को मौके से कोई खोखा (Empty Shell) बरामद नहीं हुआ है। आसपास के कुछ ग्रामीणों ने शोर की बात तो स्वीकार की है, लेकिन गोली चलने की आवाज की पुष्टि अभी सभी स्तरों पर नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि यह जांच का विषय है कि क्या वास्तव में हथियार का इस्तेमाल किया गया था या केवल दहशत फैलाने के लिए कोई अफवाह फैलाई जा रही है। प्रारंभिक छानबीन में यह बात सामने आई है कि हमलावर युवक पीरपैंती के ही लकड़ाकोल गांव के रहने वाले हो सकते हैं। पुलिस की एक टीम लकड़ाकोल में संदिग्धों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

इलाके में बढ़ता अपराध और सुरक्षा की चुनौती

​पीरपैंती के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ समय से आपसी विवाद में हथियारों का प्रदर्शन और मारपीट की घटनाएं बढ़ी हैं। खानपुर और लकड़ाकोल जैसे गांवों के बीच अक्सर छोटे-मोटे मुद्दों को लेकर तनाव देखा जाता रहा है। मोहम्मद शम्मा के साथ हुई इस घटना ने पुलिस की गश्ती और स्थानीय सूचना तंत्र पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर अपराधी घर पर चढ़कर फायरिंग और मारपीट करने का साहस कर रहे हैं, तो यह पुलिस के इकबाल के लिए बड़ी चुनौती है।

​पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस मारपीट के पीछे कोई पुराना विवाद या पैसों का लेनदेन तो नहीं था। हालांकि, पीड़ित ने ऐसी किसी भी बात से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हमले का असली मकसद क्या था। फिलहाल, लकड़ाकोल गांव के कुछ संदिग्धों के घरों पर पुलिस की दबिश दी गई है, लेकिन वे घर छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं।

​मोहम्मद शम्मा की इस आपबीती ने उन प्रवासियों के मन में भी डर पैदा कर दिया है जो बाहर से काम करके अपने गांव लौटते हैं। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। थानाध्यक्ष पंकज राउत ने स्पष्ट किया है कि कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी भी गांव का रहने वाला हो। आने वाले 24 घंटों में पुलिस इस मामले में बड़ी गिरफ्तारी कर सकती है।

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