
द वॉयस ऑफ बिहार | भागलपुर (20 फरवरी 2026)
भागलपुर के डीआरडीए (DRDA) परिसर में पुलिस कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी और त्वरित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। इस सत्र में नवगछिया पुलिस जिला और बांका जिले के इंस्पेक्टर व दरोगाओं को कानूनी बारीकियों से रूबरू कराया गया।
अदालतों का बोझ कम करने की कवायद
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य थाना स्तर पर ही मामलों के निष्पादन की गति को बढ़ाना और अदालतों में लंबित मुकदमों के अंबार को कम करना है:
- विशेषज्ञ मार्गदर्शन: प्रशिक्षण सत्र का संचालन सेवानिवृत्त न्यायाधीश (Retd. Judge) विष्णु कुमार अग्रवाल द्वारा किया गया।
- 40 महत्वपूर्ण धाराएं: रिटायर्ड जज ने अधिकारियों को बताया कि भारतीय कानून में लगभग 40 ऐसी धाराएं हैं, जिनका समाधान और निष्पादन सीधे थाना स्तर पर ही किया जा सकता है।
- विधिसम्मत निपटारा: यदि इन धाराओं के अंतर्गत आने वाले मामलों का थाने में ही विधिसम्मत तरीके से निपटारा हो जाए, तो आम जनता को कोर्ट-कचहरी के चक्करों से मुक्ति मिलेगी।
व्यावहारिक प्रशिक्षण और त्वरित राहत
ट्रेनिंग के दौरान केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक पहलुओं पर भी जोर दिया गया:
- केस स्टडी: पुलिस अधिकारियों को विभिन्न व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि किस प्रकार सही कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए जटिल मामलों का समाधान निकाला जाए।
- जनता को लाभ: इस पहल का सीधा लाभ आम लोगों को मिलेगा, क्योंकि उन्हें छोटे-छोटे विवादों और मामलों के लिए वर्षों तक अदालती कार्यवाही का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
न्याय व्यवस्था में मजबूती
इस विशेष प्रशिक्षण सत्र के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि नवगछिया और बांका जिले के थानों में लंबित कांडों के निष्पादन में तेजी आएगी। इससे न केवल न्याय व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित होगा।
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