
भागलपुर जिले में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस का एक और मामला सामने आया है। मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव में दिनदहाड़े बदमाशों ने एक घर में घुसकर महिला और उसकी बेटी को बंधक बना लिया तथा सोने-चांदी के जेवर, नकदी और अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए विशेष जांच टीम का गठन किया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
यह वारदात मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव की है, जहां दिन के समय अपराधियों ने पूरी योजना के साथ लूट की घटना को अंजाम दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, रविशंकर कुमार की पत्नी नीतू देवी अपने घर के बाहर मौजूद थीं। इसी दौरान तीन से चार युवक वहां पहुंचे। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने किसी बहाने से बातचीत शुरू की और महिला को घर के अंदर जाने के लिए तैयार कर लिया। जैसे ही महिला घर के भीतर पहुंचीं, अपराधियों ने अपना असली इरादा जाहिर कर दिया।
घर के अंदर प्रवेश करते ही बदमाशों ने नीतू देवी को अपने कब्जे में ले लिया। उन्हें धमकाते हुए आंखों पर पट्टी बांध दी गई और घर में रखी अलमारी की चाबी मांगी गई। महिला के विरोध करने पर अपराधियों ने डराने-धमकाने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि बदमाश पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्हें घर के अंदर मौजूद सामान के बारे में भी कुछ जानकारी थी।
घटना के दौरान एक और चिंताजनक स्थिति तब उत्पन्न हुई जब नीतू देवी की बेटी स्कूल से घर लौटकर पहुंची। जैसे ही वह घर के भीतर दाखिल हुई, बदमाशों ने उसे भी अपने कब्जे में ले लिया। बच्ची को एक स्थान पर बैठाकर चुप रहने की धमकी दी गई ताकि वह किसी प्रकार का शोर न मचा सके। इस दौरान घर के दोनों सदस्यों को भय के माहौल में रखा गया और अपराधी आराम से लूट की वारदात को अंजाम देते रहे।
इसके बाद बदमाशों ने घर की अलमारी खोलकर उसमें रखे सोने और चांदी के जेवर, नकद रुपये तथा अन्य कीमती सामान निकाल लिया। अपराधियों ने पूरे घर की तलाशी भी ली और जो भी मूल्यवान वस्तुएं मिलीं, उन्हें अपने साथ ले गए। जाते समय बदमाश घर में मौजूद मोबाइल फोन भी लेकर निकल गए ताकि पीड़ित परिवार तुरंत किसी को सूचना न दे सके।
हालांकि कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद बदमाश मोबाइल फोन को रास्ते में फेंककर फरार हो गए। माना जा रहा है कि अपराधियों ने मोबाइल केवल तत्काल सूचना देने से रोकने के उद्देश्य से अपने साथ लिया था। घटना के बाद जब बदमाश वहां से चले गए तो नीतू देवी किसी तरह खुद को संभालते हुए बाहर निकलीं और शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।
महिला की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पूरे गांव में भय और चिंता का माहौल पैदा कर दिया। लोगों का कहना है कि आबादी वाले इलाके में इस तरह की वारदात सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े करती है।
सूचना मिलने के बाद मधुसूदनपुर थाना पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। इसके बाद सिटी एसपी भी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। पुलिस अधिकारियों ने घर के अंदर और आसपास से आवश्यक साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। तकनीकी जांच के साथ-साथ आसपास के लोगों से भी पूछताछ की गई ताकि अपराधियों के बारे में कोई सुराग मिल सके।
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। अधिकारियों का मानना है कि कैमरों में अपराधियों की गतिविधियां कैद हुई हो सकती हैं, जिससे उनकी पहचान करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा घटनास्थल के आसपास आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। यह टीम घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर अपराधियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने भरोसा दिलाया कि लूटकांड में शामिल सभी आरोपियों की जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है और किसी भी पहलू को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है। अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर भी छापेमारी की तैयारी की जा रही है।
पीड़िता नीतू देवी ने बताया कि बदमाश अचानक घर के अंदर घुस आए और उन्हें धमकाते हुए अलमारी की चाबी मांगी। उन्होंने कहा कि उस समय वह काफी घबरा गई थीं। बाद में जब उनकी बेटी स्कूल से घर लौटी तो अपराधियों ने उसे भी अपने कब्जे में ले लिया। परिवार के दोनों सदस्य डर के कारण किसी प्रकार का विरोध नहीं कर सके। बदमाशों के जाने के बाद ही उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि दिन के उजाले में इस तरह की वारदात से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। लोगों ने पुलिस से इलाके में नियमित गश्त बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
पुलिस फिलहाल लूटे गए सामान की वास्तविक कीमत का आकलन करने में जुटी है। पीड़ित परिवार से जेवर, नकदी और अन्य सामान का विस्तृत विवरण लिया जा रहा है। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अपराधियों ने पहले से रेकी की थी या फिर किसी अन्य तरीके से घर की जानकारी जुटाई थी।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं दिनदहाड़े हुई इस लूट की घटना ने एक बार फिर जिले में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। स्थानीय लोग अब पुलिस कार्रवाई और अपराधियों की गिरफ्तारी का इंतजार कर रहे हैं।


