
भागलपुर। विक्रमशिला सेतु पर यातायात बाधित होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच आवागमन तथा माल परिवहन की समस्या से जूझ रहे लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब गंगा नदी के रास्ते दोनों क्षेत्रों के बीच संपर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से बरारी घाट से नई मालवाहक और यात्री जहाज सेवा की शुरुआत कर दी गई है। इस सेवा के शुरू होने से न केवल यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन का विकल्प मिलेगा, बल्कि व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।
बरारी घाट स्थित एफएम मॉल के समीप से शुरू की गई इस नई सेवा का संचालन जिरीया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है। यह जहाज बरारी घाट से चलकर नवगछिया क्षेत्र के जाह्नवी चौक तक संचालित होगा। विशेष बात यह है कि इस जहाज में मालवाहक वाहनों के साथ-साथ लगभग 100 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था भी की गई है। इससे यह सेवा केवल परिवहन का साधन नहीं बल्कि भागलपुर और नवगछिया के बीच आर्थिक और सामाजिक संपर्क की नई कड़ी बनकर उभर सकती है।
गौरतलब है कि विक्रमशिला सेतु पर तकनीकी क्षति के बाद यातायात प्रभावित हो गया था। पुल पर वाहनों की आवाजाही बंद होने से सबसे अधिक परेशानी व्यापारियों, किसानों, ट्रांसपोर्टरों और दैनिक यात्रियों को उठानी पड़ रही थी। जहां सामान्य यात्री छोटी नावों के सहारे किसी तरह गंगा पार कर रहे थे, वहीं मालवाहक वाहनों को लंबा वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा था। अधिकांश वाहनों को मुंगेर के रास्ते होकर लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त खपत हो रही थी।
विशेषज्ञों के अनुसार विक्रमशिला सेतु के बंद होने का असर केवल यातायात तक सीमित नहीं था। इससे भागलपुर, नवगछिया, कटिहार, पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र की व्यापारिक गतिविधियों पर भी व्यापक प्रभाव पड़ा। कच्चे माल, कृषि उत्पादों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित हुई, जिससे कई क्षेत्रों में परिवहन लागत बढ़ गई थी। ऐसे समय में जहाज सेवा की शुरुआत को एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।
नई सेवा का उद्घाटन आपदा विभाग के अपर समाहर्ता (एडीएम) कुंदन कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष विपिन मंडल तथा अन्य गणमान्य लोगों ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। उद्घाटन समारोह में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, व्यापारी, परिवहन व्यवसायी और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान लोगों में इस नई पहल को लेकर उत्साह भी देखने को मिला।
उद्घाटन अवसर पर एडीएम कुंदन कुमार ने कहा कि विक्रमशिला सेतु पर आवागमन प्रभावित होने के बाद जिला प्रशासन लगातार वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर काम कर रहा था। उन्होंने बताया कि अब तक लोग छोटी नावों के माध्यम से गंगा पार कर रहे थे, लेकिन मालवाहक वाहनों के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में जिला प्रशासन ने स्थिति का आकलन करते हुए जिरीया प्राइवेट लिमिटेड को जहाज संचालन की अनुमति प्रदान की है ताकि यात्रियों और व्यापारिक गतिविधियों दोनों को राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि इस सेवा के शुरू होने से परिवहन क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। मालवाहक वाहनों को अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और व्यापारियों को सामान की ढुलाई में सुविधा होगी। साथ ही स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा का विकल्प मिलेगा।
जिला परिषद अध्यक्ष विपिन मंडल ने इस पहल को क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के बाद भागलपुर और नवगछिया के बीच व्यापारिक गतिविधियां काफी प्रभावित हो गई थीं। विशेष रूप से नवगछिया क्षेत्र से भागलपुर आने वाले कृषि उत्पाद, निर्माण सामग्री और अन्य कच्चे माल की आपूर्ति बाधित हुई थी। इससे स्थानीय बाजारों और व्यापारियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
उन्होंने कहा कि जहाज सेवा शुरू होने के बाद व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। किसानों, व्यापारियों और परिवहन व्यवसायियों को इससे सीधा लाभ होगा। साथ ही आम यात्रियों को भी सुरक्षित और कम समय में गंगा पार करने की सुविधा मिलेगी।
जिरीया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक राजशेखर ने बताया कि जहाज सेवा को पूरी तरह सुरक्षा मानकों के अनुरूप संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जहाज प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। रात के समय सुरक्षा कारणों से इसका संचालन नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जहाज में यात्रियों और मालवाहक वाहनों दोनों के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है ताकि यात्रा सुरक्षित और सुविधाजनक रहे।
राजशेखर के अनुसार इस परियोजना का उद्देश्य केवल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जहाज सेवा शुरू होने से ट्रांसपोर्टरों को मुंगेर के रास्ते लंबा चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी, जिसका सीधा लाभ व्यापारियों और आम लोगों को मिलेगा।
परिवहन विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा नदी पर आधारित इस प्रकार की सेवाएं सड़क और पुल आधारित परिवहन के प्रभावी विकल्प के रूप में विकसित हो सकती हैं। जलमार्ग परिवहन अपेक्षाकृत कम लागत वाला और पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है। यदि इस सेवा को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाता है तो भविष्य में इसे और विस्तारित भी किया जा सकता है।
स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने भी इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि विक्रमशिला सेतु बंद होने के कारण माल ढुलाई की लागत में काफी वृद्धि हुई थी। अब जहाज सेवा शुरू होने से परिवहन लागत कम होने और व्यापारिक गतिविधियों के सामान्य होने की उम्मीद है। विशेष रूप से कृषि और खाद्यान्न कारोबार से जुड़े लोगों को इसका लाभ मिलने की संभावना है।
यात्रियों के लिए भी यह सेवा राहत लेकर आई है। अब उन्हें छोटी नावों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और अधिक सुरक्षित तथा संगठित तरीके से यात्रा करने का अवसर मिलेगा। परिवारों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और व्यवसायियों के लिए यह सेवा एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है।
भागलपुर और नवगछिया के बीच शुरू हुई यह नई मालवाहक और यात्री जहाज सेवा वर्तमान परिस्थितियों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। विक्रमशिला सेतु पर मरम्मत कार्य पूरा होने तक यह सेवा क्षेत्र की जीवनरेखा के रूप में कार्य कर सकती है। प्रशासन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और निजी कंपनी के संयुक्त प्रयास से शुरू हुई यह पहल न केवल लोगों की परेशानियां कम करेगी बल्कि भागलपुर और नवगछिया के बीच आर्थिक गतिविधियों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी। आने वाले दिनों में इस सेवा की सफलता पर पूरे क्षेत्र की नजर बनी रहेगी।


