​भागलपुर के भीमकित्ता में दुस्साहस की पराकाष्ठा: पुलिस टीम पर पथराव कर अभियुक्तों को छुड़ाने का प्रयास, दो अधिकारी समेत 4 जवान जख्मी, चार प्राथमिकी दर्ज

भागलपुर, 24 मई 2026। भागलपुर जिले के नाथनगर प्रक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मधुसूदनपुर थाना इलाके के भीमकित्ता गांव में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह से मलबे में तब्दील करने और वर्दी की हनक को चुनौती देने वाली एक अत्यंत दुस्साहसिक वारदात सामने आई है। रामपुर खुर्द पंचायत के इस संवेदनशील गांव में कतिपय संगीन मामलों के नामजद अभियुक्तों को विधिक रूप से गिरफ्तार करने गई पुलिस टीम पर अपराधियों और उनके परिजनों के सुगठित सिंडिकेट ने जानलेवा हमला कर दिया।

​अंधेरे का लाभ उठाकर अपराधियों ने पुलिस को चारों तरफ से घेर लिया और कड़क ईंट-पत्थरों व लाठी-डंडों से प्रखर प्रहार लाइव कर दिया। इस खूनी झड़प के दौरान अपराधियों ने न केवल सरकारी कार्य में गंभीर व्यवधान उत्पन्न किया, बल्कि पुलिस वाहनों को मलबे की तरह क्षतिग्रस्त करते हुए हिरासत में लिए गए अभियुक्तों को जबरन छुड़ाने का आक्रामक प्रयास भी मुकम्मत किया। इस औचक पथराव की जद में आकर दो विधिक पुलिस पदाधिकारी और दो सिपाही गंभीर रूप से चोटिल और लहूलुहान हो गए। इस वीभत्स हमले के बाद संपूर्ण नाथनगर और मधुसूदनपुर अंचल के भीतर भारी प्रशासनिक आक्रोश, तनाव और भारी पुलिसिया घेराबंदी की अवस्थिति लाइव मोड पर सक्रिय संधारित देखी जा रही है।

शुक्रवार की आधी रात का खौफनाक चक्रव्यूह: विकास और कक्कू की गिरफ्तारी पर भड़का सिंडिकेट

​इस प्रखर और हिंसक वारदात के धरातलीय लेआउट की स्क्रूटनी करने पर यह प्रामाणिक सत्य पटल पर आता है कि मधुसूदनपुर थाना पुलिस को भीमकित्ता गांव के भीतर कतिपय कुख्यात वारंटियों के छिपे होने का सटीक जासूसी इनपुट हस्तगत हुआ था। इसी विनिर्देश के आलोक में शुक्रवार की देर रात करीब 12:00 बजे मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार मंडल के नेतृत्व में पुलिस का एक सुरक्षा दस्ता सरकारी गाड़ियों के समन्वय से भीमकित्ता गांव में प्रविष्ट हुआ था। पुलिस का प्राथमिक मिशन अंचल के नामजद अभियुक्तों—विकास यादव, विशाल यादव और रमन यादव की भौतिक अवस्थिति को लोकेट कर उन्हें लॉकअप के भीतर डाइवर्ट करना था।

​पुलिस के खोजी दस्तों ने गांव के भीतरी प्रक्षेप में कूटनीतिक दबिश देते हुए मुख्य अभियुक्त विकास यादव और उसके सहोदर भाई कक्कू यादव को उनके आवासीय परिसर के मुहाने से विधिक रूप से दबोच लिया। परंतु, जैसे ही पुलिस बल इन दोनों को अपने घेरे में लेकर मुख्य सड़क मार्ग पर खड़ी सरकारी गाड़ियों की तरफ प्रस्थान करने लगा, वैसे ही अभियुक्तों के परिवारवाले, महिलाएं और कनिष्ठ समर्थक लाठी-डंडों, लोहे के सरियों और भारी पत्थरों से लैस होकर मोर्चे पर लाइव हो गए। अपराधियों ने बिना किसी विधिक खौफ के पुलिस टीम के मुहाने पर प्रखर पथराव शुरू कर दिया।

​पीछे से बरसते तीखे ईंट-पत्थरों के कारण पुलिस के सुरक्षा विन्यास में भगदड़ मच गई। कतिपय पुलिसकर्मियों को अपनी जान की विधिक रक्षा के लिए तंग गलियों के मलबे के पीछे छिपने पर विवश होना पड़ा। इसके बावजूद, पुलिस कप्तानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया और भारी शारीरिक अवसाद झेलते हुए भी विकास यादव और उसके भाई को अपने चंगुल से म्यूट (मुक्त) नहीं होने दिया और उन्हें कस्टडी गाड़ियो के भीतर लॉक कर थाने लाने में सफल संधारित हुए।

सरकारी गाड़ियों के शीशे तोड़े: दो अधिकारी और दो जवान गंभीर रूप से घायल

​अपराधियों के इस हिंसक और अनधिकृत मोर्चे के कारण कानून प्रवर्तन एजेंसी को भारी सांख्यिकीय क्षति उठानी पड़ी है। भीमकित्ता गांव के दबंगों ने दुस्साहस की सभी विधिक सीमाएं लांघते हुए मधुसूदनपुर थाना की मुख्य प्रशासनिक स्कॉर्पियो (Scorpio) और गश्ती दल की बोलेरो (Bolero) गाड़ी को चारों तरफ से घेरकर लाठियों और पत्थरों से प्रहार मुकम्मल किया। इस हमले के कारण दोनों सरकारी वाहनों के मुख्य विंडशील्ड, खिड़कियों के कंक्रीट शीशे और लाइट प्रणालियां पूरी तरह टूटकर मलबे में तब्दील हो गईं।

​इस वीभत्स पथराव की सीधी जद में आने के कारण कुल चार पुलिसकर्मी गंभीर रूप से चोटिल हुए संधारित हैं। घायलों की सांख्यिकी के अनुसार, इसमें दो कनिष्ठ पुलिस पदाधिकारी (सब-इंस्पेक्टर/एएसआई) और दो सशस्त्र सिपाही शामिल हैं। पत्थरों के तीखे प्रहार से एक पुलिस अधिकारी के सिर और आंतरिक धमनियों में गहरा आघात लगा है, जिनकी नाजुक अवस्थिति को देखते हुए उन्हें त्वरित लाइफ-सपोर्ट प्रणालियों के तहत स्थानीय अस्पताल के विशेष वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों का पैनल उनके स्वास्थ्य विन्यासों की पैनी मॉनिटरिंग कर रहा है।

गुरुवार की रात का बैकस्टोरी: अधिकारी के ड्राइवर के घर पर हुआ था हमला

​मधुसूदनपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार मंडल ने मामले के ऐतिहासिक और आंतरिक बैकस्टोरी पर से पर्दा हटाते हुए बताया कि भीमकित्ता गांव का यह आपराधिक सिंडिकेट पिछले दो दिनों से लगातार अशांति का चक्रव्यूह लाइव किए हुए था। घटनाक्रम की शुरुआत दरअसल गुरुवार की रात को हुई थी, जब एक पुलिस अधिकारी के निजी चालक (प्राइवेट ड्राइवर) आशीष कुमार के भीमकित्ता स्थित आवासीय परिसर पर विकास यादव, विशाल यादव और रमन यादव के सशस्त्र गुर्गों ने अचानक धावा बोल दिया था। घर के भीतर प्रविष्ट होकर महिलाओं के साथ अमर्यादित व्यवहार और मारपीट किए जाने की लिखित शिकायत पर गुरुवार की रात भी पुलिस बल मौके पर प्रविष्ट हुआ था।

​गुरुवार की रात को संचालित हुए ऑपरेशन के दौरान पुलिस दस्तों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके से विशाल यादव और रमन यादव को भौतिक रूप से दबोच लिया था। परंतु, उस रात भी अभियुक्तों के परिजनों और कनिष्ठ सहयोगियों ने पुलिस प्रशासन के साथ प्रखर धक्का-मुक्की की, वर्दी को विच्छेदित करने का प्रयास किया और अपनी दबंगई के बल पर दोनों अभियुक्तों को पुलिस अभिरक्षा से जबरन छीनकर अंधेरे के रास्ते डाइवर्ट (फरार) करा दिया था। गुरुवार की रात हुए इस शुरुआती हिंसक प्रक्रम में भी एक पुलिस कर्मी गंभीर रूप से चोटिल होकर म्यूट मोड पर चला गया था, जिसके बाद से ही पुलिस डायरी के भीतर इन अपराधियों की कड़ियों को क्रैक करने की कसमसाहट लाउड मोड पर सक्रिय थी।

प्रतिशोध की आग: पुलिस के लौटते ही ड्राइवर के रिश्तेदार का सिर फोड़ा, मायागंज में भर्ती

​शुक्रवार की आधी रात को जब पुलिस टीम विकास यादव और उसके भाई कक्कू को गिरफ्तार कर थाने के लॉकअप ग्रिड में ले आई, तो पीछे गांव के भीतर अपराधियों का गुस्सा प्रतिशोध के रूप में दोबारा भड़क उठा। पुलिसिया कार्रवाई से बौखलाए विकास यादव के फरार सहयोगियों ने अंचल के भीतर अपनी हनक दोबारा स्थापित करने की नीयत से अधिकारी के निजी चालक आशीष कुमार के घर पर दोबारा हमला बोल दिया। अपराधियों ने वहां मौजूद आशीष के कनिष्ठ रिश्तेदार छोटू कुमार को लाठी-डंडों से घेर लिया और क्रूरतापूर्वक पीटते हुए उसका सिर पूरी कड़ाई से विच्छेदित (फाड़) कर दिया।

​छोटू कुमार को लहूलुहान और अचेत अवस्थिति में मलबे की तरह तड़पता छोड़ अपराधी प्रक्षेत्र से बाहर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस का एक अन्य बैकअप दस्ता तुरंत मौके पर लाइव प्रविष्ट हुआ, जिसने घायल छोटू कुमार को अपनी अभिरक्षा में लेकर बेहतर और आपातकालीन शल्य चिकित्सा के वास्ते भागलपुर के प्रतिष्ठित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (मायागंज अस्पताल) के इमरजेंसी वार्ड में ससमय भर्ती कराया, जहां उसके सिर के टांकों का विन्यास मुकम्मल किया गया है।

वज्र वाहन संग नगर डीएसपी-2 राकेश कुमार की आक्रामक एंट्री: सुबह 3 बजे तक फ्लैग मार्च

​भीमकित्ता गांव के भीतर दो दिनों से चल रहे इस समानांतर आपराधिक सिंडिकेट और पुलिस टीम पर हुए हमले की क्रिटिकल इनपुट जैसे ही जिला पुलिस मुख्यालय के पटल पर फ्लैश हुई, वैसे ही वरिष्ठ कप्तानों के निर्देश पर दंगा नियंत्रण दस्ता और भारी पुलिस बल की संचिका सक्रिय हो गई। शुक्रवार की देर रात करीब 1:00 बजे भागलपुर के नगर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (DSP-2) राकेश कुमार स्वयं अत्याधुनिक हथियारों से लैस क्यूआरटी (QRT) कमांडो दस्ते और अभेद्य वज्र वाहन (Vajra Vehicle) के साथ भीमकित्ता गांव के मुख्य हॉट-स्पॉट पर लाइव प्रविष्ट हुए।

​नगर डीएसपी-2 राकेश कुमार ने अपनी कप्तानी में भीमकित्ता, रामपुर खुर्द और आस-पड़ोस के तंग अंचलों के भीतर भारी पुलिस फोर्स के बूटों की धमक के साथ एक प्रखर “फ्लैग मार्च” (Flag March) का प्रचालन शुरू किया। पुलिसिया वज्र वाहन के सायरन और कमांडो की मुस्तैदी के कारण अभियुक्तों के संरक्षकों और उपद्रवियों के हौसले पूरी तरह से ब्लॉक हो गए और अंचल के भीतर सन्नाटा पसर गया। डीएसपी-2 राकेश कुमार के नेतृत्व में यह फ्लैग मार्च शनिवार की अलसुबह करीब 3:00 बजे तक अनवरत रूप से लाइव मोड पर गतिशील संधारित रहा, ताकि ग्रामीणों के भीतर सुरक्षा मानकों के प्रति अटूट विश्वास को री-स्टोर किया जा सके।

चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज: 21 नामजद अभियुक्तों के खिलाफ कस रहा विधिक शिकंजा

​मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के भीमकित्ता गांव में दो दिनों के भीतर घटित हुई इस अभूतपूर्व कानून-व्यवस्था की विसंगति, पुलिसिया उत्पीड़न और सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के संपूर्ण विन्यासों को लेकर पुलिस प्रशासन ने एक अत्यंत कड़ा और अभेद्य विधिक शिकंजा कसा है। मामले के विधिक स्टेटस को स्पष्ट करते हुए नगर डीएसपी-2 राकेश कुमार और थानाध्यक्ष संजय कुमार मंडल ने बताया कि इस पूरे प्रकरण के अंतर्गत कुल चार अलग-अलग प्राथमिकी (4 FIRs) दर्ज की गई हैं, ताकि केस डायरी के तकनीकी विन्यासों को माननीय अदालत के समक्ष अचूक विनिर्मित किया जा सके।

​इस विधिक कार्रवाई का सांख्यिकीय और श्रेणीवार विवरण निम्नलिखित विन्यास के अनुसार संरेखित संधारित है:

    • पुलिस के बयान पर दर्ज केस (02 FIRs): कानून प्रवर्तन एजेंसी के घायल अधिकारियों और सिपाहियों के विधिक फर्दबयान को आधार बनाकर दो अलग-अलग एफआईआर लॉक की गई हैं। इन दोनों मामलों में सरकारी संपत्ति को डैमेज करने और लोक सेवकों पर सामूहिक जानलेवा हमला करने के आरोप में कुल 10 (दस) मुख्य अपराधियों को सीधे नामजद अभियुक्त विनिर्मित किया गया है।
    • पीड़ित नागरिकों के बयान पर दर्ज केस (02 FIRs): घायल चालक आशीष कुमार और उसके सहोदर रिश्तेदार छोटू कुमार के लिखित आवेदनों पर दो पृथक एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिसके तहत घर में अवैध रूप से प्रविष्ट होने और धारदार हथियारों से सिर फोड़ने के विसंगतिपूर्ण विन्यास में कुल 11 (ग्यारह) दबंगों को नामजद किया गया है।

नगर डीएसपी-2 राकेश कुमार का आधिकारिक विधिक बयान:

​”भीमकित्ता गांव के भीतर पुलिस टीम और आम नागरिकों पर हमला करने की अपराधियों की हिमाकत को किसी भी विन्यास में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने पूरी कड़ाई के साथ कार्रवाई प्रारंभ कर दी है और कुल चार एफआईआर केस डायरी में लॉक की जा चुकी हैं। मुख्य अभियुक्त विकास यादव और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है। विकास यादव का पुराना सर्विस रिकॉर्ड खंगालने पर यह प्रमाणित हुआ है कि उसके खिलाफ पूर्व से ही अंचल के थानों में हत्या (Murder Case) जैसी संगीन और कड़क विधिक धाराएं पंजीकृत संधारित हैं। वह एक पेशेवर हिस्ट्रीशीटर है। साइबर सेल की मदद से फरार चल रहे अन्य सभी 21 नामजद अभियुक्तों के मोबाइल लोकेशंस और कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) को ट्रैकिंग पर ले लिया गया है। बहुत जल्द हम प्रक्षेप के भीतर अतिरिक्त दबिश बढ़ाकर सभी हमलावरों को जेल के अभेद्य सींखचों के पीछे ब्लॉक करना सुनिश्चित करेंगे।”

​सशस्त्र पुलिस कप्तानों के अनुसार, भीमकित्ता गांव की भौगोलिक सीमाओं और निकास मार्गों को जिला पुलिस की विशेष जासूसी विंग ने पूरी कड़ाई से कॉर्डन ऑफ कर रखा है। शनिवार की सुबह गिरफ्तार विकास यादव और उसके भाई को कड़े सुरक्षात्मक पहरे के भीतर कोर्ट के पटल पर प्रस्तुत कर न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजने की विधिक कार्रवाई ससमय पूरी कर ली गई है। पुलिस ने साफ संकेत दिए हैं कि यदि इन फरार अपराधियों को शरण देने या उनके वित्तीय विन्यासों को डाइवर्ट करने में किसी स्थानीय रसूखदार या सफेदपोश लाइनर की आंशिक भूमिका भी फॉरेंसिक रूप से उजागर होती है, तो उनके खिलाफ भी बिना किसी लिपिकीय ढिलाई के सीधे दंडात्मक संचिकाएं लाइव की जाएंगी।

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