
भागलपुर, 17 जुलाई: भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। लालूचक स्थित महावीर मंदिर परिसर से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुए ढाई वर्षीय मासूम आदित्य कुमार का शव नदी से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। जिस परिवार में कुछ दिन पहले नवजात बच्चे के जन्म की खुशियां मनाई जा रही थीं, उसी घर में अब मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मासूम के शव की बरामदगी के बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है। शुरुआती परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस भी हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना ने न केवल स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया है बल्कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार लालूचक निवासी पांचू मंडल के घर में हाल ही में नवजात बेटे के जन्म के बाद छठी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। घर में रिश्तेदारों और मेहमानों की काफी भीड़ थी। परिवार के लोग कार्यक्रम की तैयारियों और मेहमानों की देखभाल में व्यस्त थे। इसी बीच परिवार के मुखिया अपने ढाई वर्षीय बेटे आदित्य कुमार को लेकर घर के पास स्थित महावीर मंदिर परिसर में आराम करने चले गए थे।
बताया जा रहा है कि रात के समय मंदिर परिसर अपेक्षाकृत शांत था और परिवार को लगा कि बच्चा सुरक्षित रहेगा। पिता अपने बेटे को लेकर वहीं सो गए। लेकिन सुबह जब उनकी नींद खुली तो आदित्य उनके पास नहीं था। पहले तो उन्हें लगा कि शायद बच्चा आसपास कहीं चला गया होगा, लेकिन काफी तलाश के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका।
इसके बाद परिवार के लोगों ने मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में खोजबीन शुरू की। रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की मदद से कई घंटों तक बच्चे की तलाश की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। जैसे-जैसे समय बीतता गया, परिवार की चिंता बढ़ती गई और अपहरण की आशंका गहराने लगी।
आखिरकार परिजनों ने नाथनगर थाना पहुंचकर मामले की जानकारी पुलिस को दी और बच्चे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और बच्चे की तलाश शुरू कर दी गई। आसपास के इलाकों में पूछताछ की गई और संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
इसी बीच बुधवार सुबह विदेशी बाबा स्थान के पास नदी की धार में एक बच्चे का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कुछ ही देर बाद परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। जब शव की पहचान आदित्य कुमार के रूप में हुई तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
मां सुलेखा देवी अपने बेटे के शव को देखकर बेसुध हो गईं। परिवार के अन्य सदस्यों और रिश्तेदारों का भी रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिस बच्चे की तलाश में पूरा परिवार उम्मीद लगाए बैठा था, उसका इस तरह शव के रूप में मिलना पूरे गांव के लिए बेहद दर्दनाक और अविश्वसनीय घटना बन गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया, जिसने वहां से जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। खून और पानी के नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए गए हैं ताकि वैज्ञानिक जांच के आधार पर घटना के कारणों का पता लगाया जा सके।
इसके अलावा डॉग स्क्वाड की टीम को भी जांच में शामिल किया गया। टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। पुलिस को उम्मीद है कि तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के जरिए मामले की कई महत्वपूर्ण कड़ियां सामने आ सकती हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। जांच में अपहरण, आपसी रंजिश, व्यक्तिगत दुश्मनी और अन्य संभावित पहलुओं को शामिल किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि बच्चे के अचानक गायब होने और बाद में शव मिलने के पीछे कोई बड़ी वजह हो सकती है।
स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश और चिंता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि इतने छोटे बच्चे का इस तरह लापता होना और बाद में शव मिलना बेहद गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने दोषियों की जल्द पहचान कर उन्हें कड़ी सजा देने की मांग की है।
घटना के बाद पूरे लालूचक और आसपास के इलाकों में शोक और दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखाई दे रहे हैं। कई परिवारों ने बच्चों को अकेला छोड़ने से बचने और उनकी निगरानी बढ़ाने की बात कही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में शुरुआती जांच और साक्ष्यों का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण होता है। घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक प्रमाण और तकनीकी जांच अक्सर मामले की गुत्थी सुलझाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी वजह से पुलिस हर पहलू को बारीकी से खंगाल रही है।
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की भी जांच कर रही है। इसके साथ ही मंदिर परिसर और उसके आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बच्चे को आखिरी बार किसने देखा था और वह किन परिस्थितियों में वहां से गायब हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवार का किसी से कोई बड़ा विवाद नहीं था, इसलिए घटना के पीछे की वजह फिलहाल समझ से परे है। हालांकि पुलिस का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
मासूम आदित्य की मौत ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। गांव के लोग परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं। हर किसी की आंखें नम हैं और सभी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर एक मासूम के साथ ऐसा क्यों हुआ।
परिवार के लोग अब केवल न्याय की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें ऐसी सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह की त्रासदी का सामना न करना पड़े।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारणों और घटना की परिस्थितियों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस हर संभावित सुराग को जोड़ने का प्रयास कर रही है। भागलपुर की यह घटना एक बार फिर समाज को यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्कता तथा संवेदनशीलता की आवश्यकता है।
अब पूरे जिले की निगाहें जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हैं और सभी को उम्मीद है कि जल्द ही इस रहस्यमय घटना की सच्चाई सामने आएगी और मासूम आदित्य को न्याय मिल सकेगा।


