भागलपुर : महापौर बसुंधरा लाल और उप-महापौर सलाहुद्दीन अहसन ने वार्डों में फूंकी ‘जीवनधारा’, राहगीरों को मिलेगी तपिश से राहत

नगर निगम का ‘ब्लू प्रिंट’: साढ़े सात लाख की लागत से बने हाई-टेक प्याऊ अब शहर की गलियों में बुझाएंगे हलक की प्यास; पंचम राज्य वित्त आयोग के बजट से साकार हुई पेयजल की नई संकल्पना

भागलपुर। अंग प्रदेश की राजधानी और सिल्क सिटी के नाम से मशहूर भागलपुर में सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं। जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, सड़कों पर निकलने वाले राहगीरों और दिहाड़ी मजदूरों के लिए पानी की एक-एक बूंद किसी अमृत से कम नहीं रह गई है। इस तपती दोपहरी और भविष्य की जलापूर्ति चुनौतियों को भांपते हुए नगर निगम प्रशासन ने शहर की धमनियों में ‘शीतलता’ का संचार करने का बीड़ा उठाया है। मंगलवार, 7 अप्रैल 2026 को भागलपुर नगर निगम की महापौर डॉ. बसुंधरा लाल और उप-महापौर डॉ. मो. सलाहुद्दीन अहसन ने आपसी समन्वय की एक नई मिसाल पेश करते हुए शहर के विभिन्न वार्डों में नवनिर्मित प्याऊ (पेयजल केंद्रों) का विधिवत उद्घाटन किया। यह केवल ईंट और पत्थर के ढांचे नहीं हैं, बल्कि यह उस प्रशासनिक संवेदनशीलता का प्रमाण है जो नागरिक सुविधाओं को सीधे धरातल पर उतारने की कोशिश कर रही है।

​शहर के व्यस्ततम इलाकों और घनी आबादी वाले वार्डों में इन प्याऊ के चालू होने से अब उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो बोतलबंद पानी खरीदने में असमर्थ हैं या जिन्हें लंबी दूरी तक पानी की तलाश में भटकना पड़ता था। उद्घाटन के दौरान महापौर और उप-महापौर के चेहरों पर एक साझा विजन की चमक थी, जो यह दर्शाती है कि भागलपुर के विकास के लिए नगर निगम का नेतृत्व अब एक साथ कदमताल कर रहा है।

​वार्ड संख्या 28 और 12 में उतरी ‘भागीरथी’: बंगला कोठी से कबीरपुर तक बिछा नेटवर्क

​नगर निगम की इस पेयजल परियोजना का पहला चरण वार्ड संख्या 28 और वार्ड संख्या 12 पर केंद्रित रहा। मंगलवार की सुबह बंगला कोठी रोड पर जब डॉ. बसुंधरा लाल और डॉ. मो. सलाहुद्दीन अहसन पहुंचे, तो स्थानीय निवासियों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। यहां संजय सिंह के घर के निकट नवनिर्मित प्याऊ का फीता काटकर उद्घाटन किया गया। इसके तुरंत बाद, टीम रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित दुर्गा स्थान के पीछे पहुंची, जहां एक और आधुनिक पेयजल केंद्र को जनता के सुपुर्द किया गया। वार्ड 28 के निवासियों के लिए यह एक बड़ी सौगात है, क्योंकि यह इलाका काफी व्यस्त रहता है और यहां आने-जाने वाले राहगीरों के लिए पानी का कोई स्थायी और शुद्ध स्रोत नहीं था।

​इसके पश्चात, प्रशासनिक काफिला वार्ड संख्या 12 की ओर बढ़ा। यहां तफज्जुल हुसैन लेन में मो. मुस्ताक आलम के घर के समीप बने प्याऊ का लोकार्पण किया गया। वार्ड 12 के ही कबीरपुर रोड में एक अन्य इकाई का उद्घाटन हुआ। कबीरपुर रोड पर प्याऊ की स्थापना एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है, क्योंकि यह मार्ग शहर के आंतरिक हिस्सों को जोड़ता है और यहां पैदल चलने वालों की संख्या काफी अधिक रहती है। इन चारों प्याऊ के चालू होने के साथ ही शहर के दो महत्वपूर्ण कोनों में शुद्ध पेयजल की किल्लत काफी हद तक कम हो गई है।

​पंचम राज्य वित्त आयोग का फंड और आधुनिक इंजीनियरिंग का मेल

​इन पेयजल केंद्रों का निर्माण नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार के अंतर्गत ‘पंचम राज्य वित्त आयोग’ के मद से किया गया है। अक्सर सरकारी योजनाओं में बजट को लेकर सवाल उठते हैं, लेकिन यहां पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, प्रत्येक प्याऊ के निर्माण पर लगभग 7,32,500 रुपये की प्राक्कलित राशि खर्च की गई है। साढ़े सात लाख की यह राशि केवल नल लगाने के लिए नहीं, बल्कि एक संपूर्ण वॉटर स्टेशन तैयार करने के लिए इस्तेमाल हुई है।

​इन प्याऊ की तकनीकी संरचना पर गौर करें तो इसमें बोरिंग, उच्च क्षमता वाले फिल्टर, कूलिंग सिस्टम और सुरक्षात्मक रैलिंग का समावेश किया गया है। निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री को इस तरह चुना गया है कि यह लंबे समय तक चलने वाले हों और सड़कों की धूल व प्रदूषण का पानी की शुद्धता पर असर न पड़े। नगर निगम के कनीय अभियंताओं की देखरेख में इसे आधुनिक डिजाइन के साथ बनाया गया है ताकि यह शहर की सुंदरता में भी इजाफा करें।

​”सड़क पर चलने वाला हर प्यासा नागरिक हमारी जिम्मेदारी”— बसुंधरा लाल

​उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए महापौर डॉ. बसुंधरा लाल ने अपने विजन को बहुत ही स्पष्ट शब्दों में साझा किया। उन्होंने कहा कि भागलपुर के विकास का पैमाना केवल बड़ी इमारतें या चौड़ी सड़कें नहीं हो सकतीं, बल्कि वह तब तक अधूरा है जब तक हमारे शहर में एक भी नागरिक को प्यास के कारण लाचारी का अनुभव करना पड़े। गर्मी के आगामी महीनों को देखते हुए नगर निगम ने यह तय किया है कि राहगीरों और उन स्थानीय निवासियों के लिए शुद्ध पेयजल सुनिश्चित किया जाएगा जिनके पास अपने निजी जल स्रोत नहीं हैं।

​बसुंधरा लाल ने जोर देकर कहा कि नगर निगम क्षेत्र के हर वार्ड में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना उनकी प्राथमिकता की सूची में सबसे ऊपर है। उन्होंने वार्ड पार्षदों और अभियंताओं को यह निर्देश भी दिया कि केवल निर्माण कर देना ही काफी नहीं है, बल्कि इनका नियमित रखरखाव और साफ-सफाई भी उतनी ही अनिवार्य है। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे इन सार्वजनिक संपत्तियों को अपनी निजी संपत्ति मानकर सुरक्षित रखें और पानी की बर्बादी न करें।

​समन्वय की राजनीति: उप-महापौर ने गिनाए भविष्य के लक्ष्य

​इस अवसर पर उप-महापौर डॉ. मो. सलाहुद्दीन अहसन ने भी नगर निगम की भावी योजनाओं का खाका खींचा। उन्होंने कहा कि शहर के हर तबके को समान सुविधाएं देना हमारा संवैधानिक और नैतिक दायित्व है। वार्ड 12 और 28 में इन प्याऊ का उद्घाटन एक शुरुआत है। नगर निगम की योजना है कि शहर के उन सभी ‘ब्लैक स्पॉट्स’ को चिन्हित किया जाए जहां पेयजल की गंभीर किल्लत है।

​सलाहुद्दीन अहसन ने विकास कार्यों में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करने की बात कही। उन्होंने कहा कि भागलपुर की जनता ने हमें इसलिए चुना है ताकि हम उनके जीवन को सुगम बना सकें। पंचम राज्य वित्त आयोग के फंड का सही उपयोग करना हमारी कुशलता का प्रमाण है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले समय में अन्य वार्डों में भी इसी तरह के आधुनिक बुनियादी ढांचों का निर्माण किया जाएगा।

​जन-भागीदारी और स्थानीय पार्षदों का उत्साह

​कार्यक्रम के दौरान संबंधित वार्डों के पार्षद, कनीय अभियंता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। वार्ड 28 और 12 के निवासियों के चेहरे पर इस नई सुविधा को लेकर स्पष्ट संतोष देखा गया। स्थानीय नागरिकों का कहना था कि पहले उन्हें पानी के लिए दुकानों से बोतलें खरीदनी पड़ती थीं या किसी घर के बाहर लगे नल का इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब इस व्यवस्थित प्याऊ के बन जाने से उन्हें सम्मानजनक तरीके से शुद्ध पानी मिल सकेगा।

​स्थानीय पार्षदों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि महापौर और उप-महापौर द्वारा एक साथ आकर योजनाओं का उद्घाटन करना एक सकारात्मक संदेश देता है। इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आती है और जनता का भरोसा भी बढ़ता है। कनीय अभियंताओं ने भी आश्वस्त किया कि इन प्याऊ की निगरानी के लिए एक विशेष टीम बनाई जाएगी जो यह सुनिश्चित करेगी कि गर्मियों के दौरान मशीनों में कोई तकनीकी खराबी न आए।

​स्मार्ट सिटी की ओर बढ़ते भागलपुर के कदम

​भागलपुर अब केवल एक पारंपरिक शहर नहीं रह गया है, बल्कि यह स्मार्ट सिटी की राह पर अग्रसर है। स्मार्ट सिटी बनने की पहली शर्त है—नागरिकों की बुनियादी जरूरतों का सम्मान। साढ़े सात लाख की लागत से बना एक-एक प्याऊ यह संदेश दे रहा है कि नगर निगम अब सूक्ष्म स्तर (Micro Level) पर जाकर समस्याओं का समाधान कर रहा है। डॉ. बसुंधरा लाल और डॉ. मो. सलाहुद्दीन अहसन के नेतृत्व में भागलपुर नगर निगम का यह ‘शीतल संकल्प’ आने वाले भीषण गर्मी के दिनों में हजारों हलकों को तर करेगा। कबीरपुर रोड से बंगला कोठी तक फैली यह पेयजल की नई व्यवस्था भागलपुर के शहरी प्रबंधन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद की जाएगी। अब चुनौती इन केंद्रों की सुरक्षा और निरंतरता को बनाए रखने की है, ताकि सरकारी धन का यह सदुपयोग भागलपुर के लोगों के स्वास्थ्य और सुविधा में दीर्घकालिक बदलाव ला सके।

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