​भागलपुर में रसोई गैस की नई व्यवस्था: अब घर बैठे मिलेगा सिलेंडर, गोदामों पर जाने पर लगा पूर्ण प्रतिबंध

भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में रसोई गैस (LPG) और ईंधन की आपूर्ति को लेकर जिला प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अक्सर देखा जाता है कि गैस की किल्लत की अफवाह या देरी के डर से उपभोक्ता सीधे गैस एजेंसियों के गोदामों पर पहुँच जाते हैं, जिससे वहां न केवल अफरा-तफरी का माहौल बनता है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और यातायात पर भी बुरा असर पड़ता है। इस समस्या के स्थायी समाधान और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि अब जिले में गैस का वितरण केवल ‘होम डिलीवरी’ के माध्यम से ही किया जाएगा। सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि किसी भी परिस्थिति में उपभोक्ताओं को गैस गोदामों से सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। गोदामों से गैस वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। प्रशासन का यह कदम उन बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों पर भी एक बड़ी चोट है जो गोदामों के आसपास सक्रिय रहकर आम जनता को परेशान करते थे।

होम डिलीवरी ही एकमात्र विकल्प: गोदामों पर उमड़ने वाली भीड़ पर प्रशासन की सख्ती

​भागलपुर जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति संख्या 1625 के माध्यम से जिले की जनता को आश्वस्त किया है कि जिले में रसोई गैस (LPG) के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को घबराने या किसी भी प्रकार की अफवाह में आने की जरूरत नहीं है। वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए सभी गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने डिलीवरी वैन और कर्मियों के माध्यम से सीधे उपभोक्ताओं के दरवाजे तक गैस सिलेंडर पहुँचाना सुनिश्चित करें।

​अधिकारी ने विशेष रूप से आग्रह किया है कि उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए स्वयं एजेंसी के गोदाम पर कतई न जाएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गोदामों पर भीड़ इकट्ठा होने से सुरक्षा जोखिम बढ़ता है और वितरण की प्राथमिकता प्रभावित होती है। अब से गैस एजेंसियों के गोदाम केवल भंडारण के लिए उपयोग किए जाएंगे, वितरण के लिए नहीं। यदि कोई एजेंसी गोदाम से गैस वितरण करती पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे केवल अपनी बारी का इंतजार करें और होम डिलीवरी सेवा का लाभ उठाएं।

आंकड़ों में सुधार: बुकिंग से अधिक हो रही है डिलीवरी

​आपूर्ति विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, भागलपुर जिले में गैस वितरण की स्थिति वर्तमान में काफी संतोषजनक है। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों के डेटा विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ है कि जिले में गैस सिलेंडरों की बुकिंग की संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। इसके विपरीत, एजेंसियों द्वारा सिलेंडरों की डिलीवरी (वितरण) की गति बुकिंग की तुलना में काफी अधिक है। इसका सीधा अर्थ यह है कि बाजार में गैस की कोई कमी नहीं है और एजेंसियां ‘बैकलॉग’ को तेजी से खत्म कर रही हैं।

​जब बुकिंग की संख्या कम होती है और डिलीवरी ज्यादा, तो यह बाजार की स्थिरता का संकेत है। प्रशासन का मानना है कि होम डिलीवरी को अनिवार्य बनाने से उन लोगों पर लगाम लगेगी जो अनावश्यक रूप से सिलेंडरों का भंडारण कर लेते थे। अब प्रत्येक सिलेंडर की ट्रैकिंग सीधे उपभोक्ता के घर तक हो रही है, जिससे वितरण प्रणाली में लीकेज की गुंजाइश खत्म हो गई है। पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी प्रशासन ने साफ किया है कि जिले के सभी पंपों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और ईंधन की आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है।

शादी-ब्याह का सीजन: व्यावसायिक गैस के लिए विशेष प्रबंध

​वर्तमान में बिहार में शादियों और मांगलिक कार्यों का सीजन चल रहा है, ऐसे में व्यावसायिक (Commercial) गैस सिलेंडर की मांग में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। विवाह समारोहों में गैस की कमी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने अनुमंडल स्तर पर विशेष कार्ययोजना तैयार की है। सुधीर कुमार ने जानकारी दी कि व्यावसायिक गैस की उपलब्धता और उसकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी अनुमंडल अधिकारियों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

​जो परिवार या कैटरर्स बड़े आयोजनों के लिए गैस सिलेंडर चाहते हैं, उनके लिए अनुमंडल स्तर पर ही व्यवस्था की गई है ताकि उन्हें बाजार में भटकना न पड़े। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि व्यावसायिक गैस की आड़ में घरेलू गैस का उपयोग व्यावसायिक कार्यों में न हो। इसके लिए प्रवर्तन टीमों को सक्रिय किया गया है जो विवाह स्थलों और हलवाइयों के पास मौजूद सिलेंडरों की जांच करेंगी। यदि व्यावसायिक उपयोग में घरेलू सिलेंडर पाया जाता है, तो भारी जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

24/7 कंट्रोल रूम: शिकायतों के लिए 0641 2402871 पर करें संपर्क

​प्रशासनिक पारदर्शिता और उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए भागलपुर जिला प्रशासन ने एक समर्पित ‘जिला नियंत्रण कक्ष’ (District Control Room) को सक्रिय कर दिया है। यह नियंत्रण कक्ष 24 घंटे और सातों दिन (24/7) कार्यरत रहेगा। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, आपूर्ति विभाग के कर्मचारी पालियों में यहाँ तैनात रहेंगे ताकि किसी भी समय प्राप्त होने वाली शिकायतों को दर्ज किया जा सके।

​उपभोक्ता अपनी किसी भी शिकायत के लिए, जैसे—होम डिलीवरी में देरी, एजेंसी द्वारा अतिरिक्त पैसों की मांग, या गैस की गुणवत्ता से जुड़ी समस्या के लिए दूरभाष संख्या 0641 2402871 पर कॉल कर सकते हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने भरोसा दिलाया है कि नियंत्रण कक्ष में प्राप्त हर शिकायत का त्वरित निवारण किया जाएगा। इसके साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली की लगातार ‘रियल-टाइम’ मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों की टीम रैंडम आधार पर डिलीवरी वैन की जांच कर रही है ताकि यह पक्का हो सके कि सिलेंडर वास्तव में उपभोक्ताओं के घर तक पहुँच रहे हैं या नहीं।

अफवाहों से बचें और सुशासन में सहयोग करें

​अक्सर सोशल मीडिया या स्थानीय स्तर पर गैस की कमी या हड़ताल जैसी अफवाहें फैलाकर बाजार में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जाती है। भागलपुर जिला प्रशासन ने ऐसी गतिविधियों के खिलाफ भी चेतावनी जारी की है। आपूर्ति विभाग का कहना है कि जिले में ईंधन का बफर स्टॉक मौजूद है और तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) के साथ लगातार समन्वय बना हुआ है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।

​होम डिलीवरी की इस नई व्यवस्था से न केवल उपभोक्ताओं का समय बचेगा, बल्कि सड़कों पर गैस सिलेंडरों को लेकर होने वाली भाग-दौड़ भी थमेगी। संयुक्त निदेशक जनसंपर्क, भागलपुर द्वारा जारी इस प्रेस विज्ञप्ति का मुख्य उद्देश्य जनता तक सही जानकारी पहुँचाना और बिचौलियों के चंगुल से उन्हें बचाना है। प्रशासन की यह मुस्तैदी दर्शाती है कि भागलपुर में सुशासन के अंतर्गत बुनियादी सेवाओं की आपूर्ति को लेकर किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि होम डिलीवरी का यह मॉडल जिले में कितना प्रभावी साबित होता है, हालांकि शुरुआती रुझान बताते हैं कि जनता ने इस निर्णय का स्वागत किया है।

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