
भागलपुर। जिले में रसोई गैस (एलपीजी) की उपलब्धता और इसके वितरण तंत्र को लेकर जिला प्रशासन ने कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने जिले की वर्तमान आपूर्ति स्थिति की समीक्षा करते हुए बताया कि भागलपुर में गैस के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह से नियमित है। उपभोक्ताओं की सहूलियत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एलपीजी वितरण की पूरी प्रक्रिया को होम डिलीवरी आधारित बना दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव के तहत, अब किसी भी उपभोक्ता को गैस एजेंसी के गोदाम पर जाकर सिलेंडर लेने की अनुमति नहीं होगी। गोदामों से सीधे वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है, जिसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन की इस सक्रियता से यह स्पष्ट है कि आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
होम डिलीवरी व्यवस्था और आपूर्ति की स्थिति
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि भागलपुर के सभी क्षेत्रों में गैस एजेंसियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। वर्तमान में वितरण का जो मॉडल अपनाया गया है, वह पूरी तरह से ‘डोर-स्टेप डिलीवरी’ पर केंद्रित है। प्रशासन का दावा है कि बुकिंग की तुलना में गैस सिलेंडरों की डिलीवरी अधिक संख्या में की जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि किसी भी घर में रसोई का काम न रुके।
उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे अपने घर से ही बुकिंग की प्रक्रिया पूरी करें। गैस एजेंसियां अपने डिलीवरी नेटवर्क के माध्यम से उपभोक्ताओं के पंजीकृत पते पर समयबद्ध तरीके से सिलेंडर पहुँचा रही हैं। इस व्यवस्था के लागू होने से सड़कों पर गैस सिलेंडरों के साथ होने वाली अफरा-तफरी में कमी आई है और कालाबाजारी की संभावनाओं को भी न्यूनतम किया गया है। सुधीर कुमार ने आश्वासन दिया है कि जिले में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए उपभोक्ताओं को घबराने या ‘पैनिक बुकिंग’ करने की आवश्यकता नहीं है।
गोदामों से वितरण पर सख्त प्रतिबंध
जिला प्रशासन ने एक बार फिर कड़े शब्दों में दोहराया है कि उपभोक्ता गैस प्राप्त करने के लिए किसी भी एजेंसी के गोदाम या कार्यालय पर शारीरिक रूप से उपस्थित न हों। गोदामों से गैस वितरण पर पूर्णतः रोक लगाई गई है। इस निर्णय के पीछे मुख्य कारण सुरक्षा मानकों का पालन करना और गोदामों पर लगने वाली अनियंत्रित भीड़ को रोकना है। अक्सर देखा जाता है कि गोदामों पर वितरण के दौरान ट्रैफिक जाम और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां उत्पन्न होती हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई एजेंसी गोदाम से गैस का वितरण करती पाई गई, तो उस पर विभागीय नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं से अनुरोध किया गया है कि वे प्रशासन के इस कदम में सहयोग करें और केवल होम डिलीवरी का ही इंतजार करें। यह व्यवस्था न केवल सुविधाजनक है बल्कि इससे वितरण का डेटा भी सटीक रहता है, जिससे प्रशासनिक निगरानी आसान हो जाती है।
व्यावसायिक आपूर्ति: विवाह और समारोहों के लिए विशेष प्रबंध
अप्रैल और मई के महीनों में शादियों और सामाजिक समारोहों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए व्यावसायिक (Commercial) गैस की मांग में भी इजाफा होता है। जिला प्रशासन ने इस जरूरत को ध्यान में रखते हुए अनुमंडल स्तर पर विशेष कार्ययोजना तैयार की है।
विवाह या अन्य बड़े समारोहों के लिए व्यावसायिक गैस की सुचारू आपूर्ति और उसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने का जिम्मा अनुमंडल स्तर के पदाधिकारियों को सौंपा गया है। आयोजकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित अनुमंडल कार्यालय या अधिकृत वितरकों से संपर्क कर सकते हैं ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि घरेलू गैस के कोटे पर व्यावसायिक गतिविधियों का प्रभाव न पड़े, इसलिए दोनों क्षेत्रों के लिए अलग-अलग निगरानी तंत्र काम कर रहे हैं।
24/7 जिला नियंत्रण कक्ष और त्वरित निवारण
उपभोक्ताओं की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक समर्पित नियंत्रण कक्ष (Control Room) संचालित किया जा रहा है। यह नियंत्रण कक्ष 24/7 यानी चौबीसों घंटे काम कर रहा है, जहाँ प्रशिक्षित कर्मचारी शिकायतों को दर्ज कर संबंधित एजेंसियों को निर्देश जारी करते हैं।
- नियंत्रण कक्ष दूरभाष संख्या: 0641-2402871।
- कार्यप्रणाली: कोई भी उपभोक्ता गैस बुकिंग में देरी, डिलीवरी बॉय द्वारा अतिरिक्त राशि की मांग या पेट्रोल/डीजल पंपों पर होने वाली गड़बड़ी की शिकायत इस नंबर पर दर्ज करा सकता है।
- त्वरित कार्रवाई: जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत का रीयल-टाइम में ट्रैक किया जा रहा है और उनका त्वरित निवारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
प्रशासन द्वारा की जा रही यह निरंतर मॉनिटरिंग यह दर्शाती है कि आम जनता की समस्याओं के प्रति सरकार कितनी गंभीर है। नियंत्रण कक्ष न केवल समस्याओं का समाधान कर रहा है, बल्कि यह जिला प्रशासन के लिए ‘फीडबैक’ तंत्र का भी काम कर रहा है।
पेट्रोल और डीजल की नियमित आपूर्ति
गैस के अलावा, जिले में परिवहन ईंधन की स्थिति भी पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति श्रृंखला में कोई अवरोध नहीं है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और ईंधन की अनावश्यक जमाखोरी न करें। जिला प्रशासन की टीमें समय-समय पर पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कर रही हैं ताकि शुद्धता और मापन के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। कृषि कार्यों और सार्वजनिक परिवहन के लिए ईंधन की उपलब्धता को प्राथमिकता दी जा रही है।


