विक्रमशिला सेतु संकट के बीच पूर्व रेलवे की बड़ी पहल: भागलपुर और कटिहार के बीच आज से चलेगी अनारक्षित विशेष ट्रेन, देखें पूरा टाइम टेबल

भागलपुर/कोलकाता, 23 मई 2026। गंगा नदी पर निर्मित और अंग प्रक्षेत्र को कोसी-सीमांचल से जोड़ने वाले मुख्य लाइफलाइन कॉरिडोर यानी विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद उत्पन्न हुए गंभीर परिवहन संकट को नियंत्रित करने के लिए पूर्व रेलवे ने एक बहुत बड़ा और जनहितैषी कदम उठाया है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के कारण भागलपुर तथा उत्तर-पूर्व बिहार एवं पूरे सीमांचल क्षेत्र के बीच का सड़क संपर्क पूरी तरह से छिन्न-भिन्न हो चुका है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह लॉक हो गया है। इस विषम अवस्थिति को देखते हुए पूर्व रेलवे के कोलकाता मुख्यालय द्वारा प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 2026/05/66 के माध्यम से भागलपुर और कटिहार के बीच एक विशेष अनारक्षित ट्रेन सेवा प्रचालन में लाने का विधिक निर्णय लिया गया है।

​यह विशेष ट्रेन सेवा शनिवार यानी 23 मई 2026 से ही धरातल पर लाइव कर दी गई है, जो आगामी 1 जून 2026 तक दोनों छोरों के बीच निरंतर फेरे लगाकर यात्रियों के सफर को सुगम बनाएगी। रेलवे के इस त्वरित और आक्रामक रिस्पॉन्स के कारण सड़क परिवहन ठप होने से परेशान चल रहे हजारों दैनिक यात्रियों, व्यवसायियों और आम नागरिकों को जलमार्ग के अलावा एक बेहद सुरक्षित, सुलभ और विश्वसनीय वैकल्पिक परिवहन ग्रिड हस्तगत हो गया है।

विक्रमशिला सेतु के क्षतिग्रस्त होने से सीमांचल का सड़क संपर्क ठप, बढ़ा था भारी संकट

​भागलपुर और नवगछिया के बीच गंगा नदी पर संधारित विक्रमशिला सेतु के अचानक तकनीकी विसंगति के कारण क्षतिग्रस्त होने की घटना ने पूरे सूबे की परिवहन सांख्यिकी को हिलाकर रख दिया था। इस मुख्य पुल संपर्क के बाधित हो जाने से न केवल भागलपुर बल्कि कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, नवगछिया, किशनगंज और इसके आस-पड़ोस के तमाम सीमावर्ती प्रक्षेपों के बीच सड़क मार्ग से होने वाला आवागमन पूरी तरह से म्यूट हो गया था। मालवाहक ट्रकों, असैन्य बसों और छोटी गाड़ियों को सैकड़ों किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर काटकर लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी, जिससे समय और पैसे दोनों का भारी नुकसान लाइव मोड पर दर्ज हो रहा था।

​सड़क संपर्क के इस तरह अचानक ब्लॉक हो जाने से सबसे बड़ा अवसाद उन स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों और दफ्तर जाने वाले दैनिक कर्मचारियों के सामने खड़ा हो गया था, जिन्हें अपनी दैनिक आजीविका और शिक्षण कार्यों के लिए हर दिन गंगा के इस पार से उस पार प्रस्थान करना पड़ता है। थोक व्यापारियों के रसद आपूर्ति चेन के टूट जाने से बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की किल्लत की आशंका भी निर्मित हो रही थी। आम जनता की इसी गंभीर पीड़ा और परिवहन व्यवधान को न्यूनतम करने के विनिर्देश पर पूर्व रेलवे प्रशासन ने त्वरित विधिक एक्शन लिया और इस अनारक्षित विशेष ट्रेन को चलाने की आधिकारिक रूपरेखा को धरातल पर लाइव कर दिया।

ट्रेन नंबर 03407 और 03408 का पूरा टाइम शेड्यूल: 1 जून तक प्रतिदिन लगेंगे 10 फेरे

​यात्रियों की सुविधा और सुगमता को ध्यान में रखते हुए पूर्व रेलवे ने इस विशेष अनारक्षित ट्रेन सेवा की समय सारणी को बेहद व्यावहारिक विन्यास में तैयार किया है, ताकि दोनों दिशाओं से सफर करने वाले मुसाफिरों को अनुकूल समय हस्तगत हो सके।

  • ट्रेन संख्या 03407 (भागलपुर से कटिहार): यह अनारक्षित विशेष ट्रेन दिनांक 23.05.2026 से लेकर 01.06.2026 तक प्रतिदिन भागलपुर रेलवे स्टेशन के मुख्य प्लेटफार्म से सुबह ठीक 07:00 बजे प्रस्थान करेगी। रास्ते के सभी विधारित स्टेशनों पर कड़े टाइम-स्टैम्प के साथ रुकते हुए यह गाड़ी उसी दिन दोपहर 13:00 बजे कटिहार जंक्शन के विंग पर अपनी यात्रा मुकम्मल करेगी।
  • ट्रेन संख्या 03408 (कटिहार से भागलपुर): वापसी प्रक्रम के तहत यही विशेष ट्रेन दिनांक 23.05.2026 से 01.06.2026 तक प्रतिदिन कटिहार जंक्शन से दोपहर बाद 14:10 बजे भागलपुर की दिशा में डाइवर्ट होगी। यह गाड़ी कनिष्ठ और वरिष्ठ यात्रियों को लेकर उसी दिन रात्रि के समय 20:20 बजे भागलपुर स्टेशन के मुहाने पर सकुशल प्रविष्ट हो जाएगी।

​रेलवे बोर्ड के विनिर्देश के अनुसार, यह विशेष ट्रेन सेवा दोनों दिशाओं में कुल मिलाकर 10 फेरे (ट्रिप्स) लगाएगी। चूंकि यह पूरी तरह से एक अनारक्षित विशेष ट्रेन संधारित की गई है, इसलिए यात्रियों को लंबी प्रतीक्षा सूची या रिजर्वेशन के चक्रव्यूह से गुजरने की कतई आवश्यकता नहीं होगी। मुसाफिर सीधे स्टेशन काउंटरों से न्यूनतम बजटीय खर्च पर सामान्य टिकट कटाकर बोगियों के भीतर अपनी सीट लॉक कर सकेंगे।

पूर्व रेलवे क्षेत्राधिकार के इन मुख्य स्टेशनों पर दिया गया है विधिक ठहराव

​भागलपुर और कटिहार के बीच संचरण करने वाली इस विशेष ट्रेन के रूट लेआउट को इस प्रकार कूटनीतिक रूप से डिजाइन किया गया है कि भागलपुर और मुंगेर जिलों के मध्य पड़ने वाले ग्रामीण और अर्ध-शहरी प्रक्षेपों के मुसाफिरों को भी इसका शत-प्रतिशत सांगठनिक लाभ हस्तगत हो सके। पूर्व रेलवे के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले निम्नलिखित मुख्य रेलवे स्टेशनों पर दोनों दिशाओं में इस ट्रेन का नियमित और विधिक ठहराव सुनिश्चित किया गया है:

  • अकबरनगर रेलवे स्टेशन
  • सुल्तानगंज रेलवे स्टेशन
  • कल्याणपुर रोड रेलवे स्टेशन
  • बरियारपुर रेलवे स्टेशन
  • रतनपुर रेलवे स्टेशन
  • मुंगेर रेलवे स्टेशन

​इन स्टेशनों पर ठहराव दिए जाने से सुल्तानगंज और बरियारपुर जैसे व्यावसायिक और धार्मिक हॉट-स्पॉट्स से जुड़े व्यापारियों और कर्मचारियों को सीधे कटिहार और कोसी क्षेत्र तक पहुंचने का एक अभेद्य सुरक्षा मार्ग प्राप्त हो गया है। मुंगेर स्टेशन पर ठहराव होने के कारण गंगा नदी पर बने रेल खंड का उपयोग कर यह ट्रेन सीधे उत्तर बिहार के रेल नेटवर्क से एकीकृत हो रही है, जिससे विक्रमशिला सड़क सेतु की विसंगति स्वतः ही म्यूट हो जाएगी।

विद्यार्थियों, कार्यालय कर्मियों और दैनिक व्यापारियों को मिलेगी सबसे बड़ी राहत

​पूर्व रेलवे द्वारा उठाए गए इस कदम का धरातलीय और आर्थिक विन्यास बेहद दूरगामी साबित होने जा रहा है। विशेष रूप से उन छात्र-छात्राओं को इससे एक बहुत बड़ा संबल प्राप्त होगा जो भागलपुर और कटिहार के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों, इंजीनियरिंग कॉलेजों और प्रतियोगी परीक्षाओं के केंद्रों तक जाने के लिए परिवहन के साधनों की तलाश में भटक रहे थे। सड़क मार्ग ब्लॉक होने से छात्रों का करियर ग्राफ आंशिक रूप से प्रभावित होने की कगार पर था, जिसे इस ट्रेन सेवा ने पूरी तरह से री-स्टोर कर दिया है।

​इसके साथ ही, कटिहार और भागलपुर के कपड़ा मंडियों, अनाज बाजारों और फल-सब्जी के थोक व्यापार से जुड़े कनिष्ठ व वरिष्ठ व्यापारियों को अपने व्यावसायिक कंसाइनमेंट्स और नगदी के विन्यास के साथ सुरक्षित यात्रा करने का एक सुलभ माध्यम मिल गया है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, जो बसों के ठप होने से अवकाश लेने पर विवश थे, वे अब सुबह की इस विशेष ट्रेन से ससमय अपने ड्यूटी केंद्रों पर प्रविष्ट हो सकेंगे। रेलवे कप्तानों ने बताया कि ट्रेन के भीतर सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए रेल सुरक्षा बल (RPF) और शासकीय रेल पुलिस (GRP) के जवानों की विशेष गश्ती टीमें बोगियों के भीतर मुस्तैद रहेंगी, ताकि मुसाफिरों की यात्रा पूरी तरह से भयमुक्त और सुखद संधारित रह सके।

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