भागलपुर : काजवलीचक ब्लास्ट केस में दो दोषी करार, 20 जुलाई को सजा पर होगी सुनवाई

भागलपुर: भागलपुर के बहुचर्चित काजवलीचक विस्फोट मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे-11 ज्योति कुमार कश्यप की अदालत ने शुक्रवार को इस मामले में अभियुक्त मो. आजाद और नवीन मंडल को दोषी करार दिया। दोनों दोषियों की सजा पर 20 जुलाई को सुनवाई होगी।

यह मामला 3 मार्च 2022 की रात तातारपुर थाना क्षेत्र के काजवलीचक में हुए भीषण विस्फोट से जुड़ा है। देर रात हुए इस धमाके में महिलाओं और बच्चों समेत कुल 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे और मलबा दूर-दूर तक फैल गया था।

पुलिस जांच में सामने आया था कि मकान में अवैध रूप से पटाखा निर्माण के लिए विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। इसी दौरान हुए धमाके ने पूरे इलाके को दहला दिया था। घटना के बाद राहत और बचाव अभियान चलाकर मलबे से शवों और घायलों को बाहर निकाला गया था।

अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ अपना पक्ष रखा। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए मो. आजाद और नवीन मंडल को दोषी ठहराया। वहीं, साक्ष्य के अभाव में तीन अन्य आरोपियों—आशीष कुमार गुप्ता, अशोक मंडल उर्फ गुड्डू और धनंजय मंडल—को बरी कर दिया गया।

अब इस मामले में दोषी करार दिए गए दोनों आरोपियों की सजा पर 20 जुलाई को बहस होगी, जिसके बाद अदालत अंतिम सजा का ऐलान करेगी। काजवलीचक ब्लास्ट बिहार की सबसे चर्चित औद्योगिक हादसों में शामिल रहा है और इस फैसले को पीड़ित परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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