WJAI ने संगठन को मजबूत करने के लिए बनाई नई रणनीति, हर महीने होगी ऑनलाइन समीक्षा बैठक, कई राज्यों में सदस्यता अभियान तेज करने का फैसला

पटना। डिजिटल पत्रकारों के संगठन वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) ने संगठन को अधिक सक्रिय, जवाबदेह और सदस्य-केंद्रित बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित महासचिव और सचिव स्तरीय ऑनलाइन बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अब संगठन के सदस्यों की समस्याओं के त्वरित समाधान और संगठनात्मक गतिविधियों की नियमित समीक्षा के लिए प्रत्येक माह ऑनलाइन बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि संगठन केवल सदस्य संख्या बढ़ाने तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक सदस्य की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुने और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करे। इसी उद्देश्य से नियमित ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है, ताकि देशभर के पदाधिकारी एक मंच पर जुड़कर संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर सकें और आवश्यक निर्णय समय पर लिए जा सकें।

बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल के निर्देशों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि संगठन की मजबूती का आधार उसके सदस्य हैं। यदि सदस्यों की समस्याओं का समय पर समाधान होगा और उनकी भागीदारी लगातार बनी रहेगी, तो संगठन का विस्तार भी अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। इसी सोच के साथ प्रत्येक महीने ऑनलाइन बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।

संगठन ने इस नई व्यवस्था के संचालन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय समिति के सचिव मिथिलेश मिश्रा और संयुक्त सचिव अनामिका मोंडल को सौंपी है। दोनों पदाधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मासिक बैठक निर्धारित समय पर आयोजित हो, सदस्यों से प्राप्त सुझावों और शिकायतों पर चर्चा हो तथा उनके समाधान की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही बैठक की कार्यवाही और लिए गए निर्णयों की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।

बैठक में संगठन विस्तार को लेकर भी विस्तृत रणनीति तैयार की गई। निर्णय लिया गया कि जिन राज्यों में संगठन की उपस्थिति अभी सीमित है, वहां सदस्यता अभियान को तेज किया जाएगा। इस क्रम में संयुक्त सचिव अनामिका मोंडल को पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि इन राज्यों में सक्रिय डिजिटल पत्रकारों से संपर्क कर संगठन का विस्तार किया जाए और अधिक से अधिक पत्रकारों को सदस्य बनाया जाए।

बैठक में यह भी तय किया गया कि असम और त्रिपुरा में अगस्त माह तक सदस्यता अभियान को गति देते हुए संगठन की मजबूत इकाई तैयार की जाएगी। वहीं पश्चिम बंगाल में अगले सप्ताह तक राज्य स्तरीय समिति के गठन की प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। संगठन का मानना है कि पूर्वी भारत में मजबूत संगठनात्मक ढांचा तैयार होने से डिजिटल पत्रकारों को एक साझा मंच मिलेगा और उनके हितों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी तरीके से उठाया जा सकेगा।

इसी प्रकार संयुक्त सचिव रविशंकर शर्मा को जम्मू-कश्मीर, गोवा, तमिलनाडु और केरल में सदस्यता विस्तार का दायित्व सौंपा गया है। इन राज्यों में डिजिटल मीडिया से जुड़े पत्रकारों के बीच संगठन की पहुंच बढ़ाने, नए सदस्यों को जोड़ने और राज्य स्तर पर संगठनात्मक गतिविधियों को सक्रिय करने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई है। बैठक में कहा गया कि देश के प्रत्येक क्षेत्र में मजबूत इकाइयों का गठन संगठन की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।

राष्ट्रीय महासचिव अमित रंजन ने बैठक को संबोधित करते हुए सभी सचिवों और संयुक्त सचिवों से अपने-अपने दायित्वों का पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की सफलता पदाधिकारियों की सक्रियता और जवाबदेही पर निर्भर करती है। इसलिए प्रत्येक पदाधिकारी को निर्धारित समयसीमा के भीतर सौंपे गए कार्यों को पूरा करना होगा और समय-समय पर उनकी प्रगति की जानकारी भी देनी होगी।

उन्होंने कहा कि संगठन का संचालन संविधान और निर्धारित नियमों के अनुरूप किया जाएगा। सभी पदाधिकारियों से अपेक्षा की गई कि वे संगठनात्मक अनुशासन का पालन करें और व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर संस्था के उद्देश्यों को प्राथमिकता दें। उनका कहना था कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सामूहिक निर्णय की भावना संगठन की सबसे बड़ी ताकत है।

बैठक का संचालन राष्ट्रीय महासचिव मधुप मणि ‘पिक्कू’ ने किया। उन्होंने कहा कि संगठन की गतिविधियों को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाने के लिए नियमित समीक्षा आवश्यक है। इसी कारण अब प्रत्येक माह राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें संगठन के विभिन्न राज्यों में चल रहे सदस्यता अभियान, नई समितियों के गठन, लंबित कार्यों और भविष्य की योजनाओं की विस्तृत समीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि नियमित संवाद से संगठन की कार्यप्रणाली और अधिक मजबूत होगी तथा पदाधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।

बैठक में यह भी विचार व्यक्त किया गया कि डिजिटल पत्रकारिता तेजी से बदलते मीडिया परिदृश्य का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। ऐसे समय में डिजिटल पत्रकारों को एक संगठित मंच उपलब्ध कराना और उनके पेशेवर हितों की रक्षा करना संगठन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सदस्यता विस्तार के साथ-साथ प्रशिक्षण, संवाद और सहयोग की संस्कृति को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया।

बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने संगठन के आगामी कार्यक्रमों, राज्य स्तरीय इकाइयों की सक्रियता, सदस्यता अभियान की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर भी अपने सुझाव साझा किए। सभी ने संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूत बनाने तथा अधिकाधिक डिजिटल पत्रकारों को जोड़ने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई।

ऑनलाइन बैठक में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मंजेश कुमार, सचिव मिथिलेश मिश्रा, सचिव विवेक कुमार, संयुक्त सचिव रविशंकर शर्मा, संयुक्त सचिव अनामिका मोंडल, कार्यालय सचिव रामबालक राय सहित राष्ट्रीय समिति के कई अन्य पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय बनाने और निर्धारित जिम्मेदारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भरोसा दिलाया।

संगठन के इस फैसले को डिजिटल पत्रकारों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। नियमित मासिक बैठक, सदस्यता अभियान के विस्तार, विभिन्न राज्यों में नई समितियों के गठन और पदाधिकारियों की स्पष्ट जवाबदेही तय किए जाने से आने वाले समय में संगठन की गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके साथ ही डिजिटल पत्रकारों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए एक अधिक सक्रिय एवं संगठित व्यवस्था विकसित करने की दिशा में भी इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

  • ये भी पढ़े..

    काजवलीचक विस्फोट: अवैध पटाखा फैक्ट्री संचालित करने के लिए किराये पर लिया था मकान, जांच में कई अहम खुलासे

    Share Add as a preferred…