भागलपुर में दर्दनाक सड़क हादसा: तेज रफ्तार सीएनजी ऑटो ने 7 वर्षीय बच्चे को कुचला, मौत के बाद गांव में मातम

भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। कजरैली थाना क्षेत्र के कुमरत मोड़ के पास तेज रफ्तार सीएनजी ऑटो की चपेट में आने से एक 7 वर्षीय मासूम बच्चे की मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव और आसपास के इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।

बताया जा रहा है कि हादसा सोमवार दोपहर करीब तीन बजे हुआ, जब बच्चा सड़क पार कर रहा था। इसी दौरान तेज गति से आ रही एक सीएनजी ऑटो ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क पर कई बार पलट गया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जबकि स्थानीय लोग घायल बच्चे को बचाने के लिए दौड़ पड़े।

सड़क पार कर रहा था मासूम, तभी हुआ हादसा

मिली जानकारी के अनुसार मृतक बच्चे की पहचान बिसु कुमार (7 वर्ष) के रूप में हुई है। वह कजरैली थाना क्षेत्र के निवासी निरंजन कुमार का पुत्र था। परिवार के लोगों के अनुसार बिसु रोज की तरह अपने घर के आसपास खेल रहा था।

दोपहर के समय वह सड़क पार कर रहा था। उसी दौरान एक सीएनजी ऑटो तेज रफ्तार से वहां पहुंची और बच्चे को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन की रफ्तार काफी अधिक थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका।

हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले बच्चा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा।

टक्कर के बाद कई बार पलटी ऑटो

स्थानीय लोगों के अनुसार टक्कर के बाद सीएनजी ऑटो पूरी तरह अनियंत्रित हो गई। वाहन सड़क पर चार से पांच बार पलटता हुआ आगे बढ़ गया।

घटना का दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग दहशत में आ गए। आसपास के दुकानदार और राहगीर तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और राहत कार्य शुरू किया।

लोगों ने बताया कि यदि ऑटो की गति कम होती तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना नहीं होती। वाहन की तेज रफ्तार ही हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है।

अस्पताल पहुंचाने से पहले ही टूट गई सांस

हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने घायल बच्चे को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया। लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

बताया जा रहा है कि चिकित्सकीय सहायता मिलने से पहले ही मासूम की हालत बेहद नाजुक हो चुकी थी। इलाज के प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां, पिता और अन्य परिजन बेसुध हो गए। गांव में हर कोई इस घटना से स्तब्ध नजर आया।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

मृतक बिसु कुमार अपने माता-पिता का इकलौता या बेहद प्रिय पुत्र बताया जा रहा है। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया।

परिजनों का कहना है कि कुछ ही देर पहले तक बच्चा घर के आसपास खेल रहा था और अचानक आई इस दुर्घटना ने पूरे परिवार की दुनिया उजाड़ दी।

मृतक के परिजन रोशन कुमार सहित अन्य रिश्तेदारों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घर के बाहर लोगों की भीड़ जुटी रही और हर कोई परिवार को ढांढस बंधाने की कोशिश करता दिखाई दिया।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

घटना की सूचना मिलते ही कजरैली थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दुर्घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए।

इसके बाद बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

दुर्घटनाग्रस्त ऑटो जब्त

हादसे के बाद पुलिस ने दुर्घटना में शामिल सीएनजी ऑटो को जब्त कर लिया है। वाहन को कजरैली थाना लाया गया है, जहां उसकी जांच की जा रही है।

हालांकि दुर्घटना के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुट गई है।

अधिकारियों का कहना है कि चालक की पहचान करने और उसे गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई की जा रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।

कुमरत मोड़ को लेकर लोगों में नाराजगी

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि कुमरत मोड़ के आसपास सड़क दुर्घटनाएं लगातार होती रहती हैं, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए हैं।

लोगों के अनुसार इस क्षेत्र में वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए न तो पर्याप्त स्पीड ब्रेकर हैं और न ही यातायात नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था है। इसी वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस क्षेत्र को दुर्घटना संभावित क्षेत्र घोषित कर सुरक्षा उपाय बढ़ाए जाएं।

सड़क सुरक्षा को लेकर उठे सवाल

मासूम बच्चे की मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाना सड़क हादसों की सबसे बड़ी वजह है।

विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कम होने के कारण दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति और अधिक खतरनाक साबित होती है।

यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में स्पीड कंट्रोल सिस्टम, चेतावनी संकेतक और नियमित निगरानी आवश्यक है ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।

पूरे इलाके में शोक की लहर

बिसु कुमार की मौत के बाद कुमरत मोड़ और आसपास के गांवों में शोक का माहौल है। लोग इस बात को लेकर दुखी हैं कि एक मासूम की जान केवल एक चालक की लापरवाही के कारण चली गई।

गांव के लोगों का कहना है कि बच्चे की मुस्कान और उसकी चंचलता अब केवल यादों में रह जाएगी। परिवार और गांव के लोगों को अभी भी विश्वास नहीं हो रहा कि कुछ क्षणों में एक हंसता-खेलता बच्चा हमेशा के लिए उनसे दूर हो गया।

फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश जारी है। वहीं परिजन और स्थानीय लोग प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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