​कहलगाँव में ‘मौत के सौदागरों’ पर पुलिस का बड़ा प्रहार: 58 ग्राम ब्राउन शुगर और नशे की खेप के साथ चार तस्कर गिरफ्तार

कहलगाँव (भागलपुर)। सिल्क सिटी भागलपुर के ग्रामीण इलाकों में पांव पसार रहे नशे के काले कारोबार के विरुद्ध पुलिस ने एक ऐसी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की है, जिसने तस्करी के सिंडिकेट की कमर तोड़कर रख दी है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) भागलपुर के कड़े निर्देशों के आलोक में चलाए जा रहे ‘क्लीन सिटी-सेफ सिटी’ अभियान के तहत शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को कहलगाँव पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की। शहर के शिव पार्वती नगर स्थित एक रिहायशी मकान में चल रहे ‘ड्रग्स पैकेजिंग यूनिट’ का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने सवा 58 ग्राम कीमती ब्राउन शुगर, भारी मात्रा में नशीली गोलियाँ और वजन तौलने की मशीनों के साथ चार आरोपितों को रंगे हाथों दबोच लिया। यह कार्रवाई न केवल नशे के बढ़ते जाल पर एक करारी चोट है, बल्कि यह उन परिवारों के लिए एक चेतावनी भी है जिनके युवा सदस्य धीरे-धीरे इस ‘सफेद जहर’ की गर्त में समाते जा रहे हैं। पुलिस की इस मुस्तैदी ने कहलगाँव और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय तस्करों के बीच हड़कंप मचा दिया है।

शिव पार्वती नगर में ‘जहर’ की पैकिंग: पुलिस की पैनी नजर और छापेमारी

​इस पूरी कार्रवाई की पटकथा शनिवार की दोपहर तब लिखी गई, जब पुलिस को एक गुप्त लेकिन बेहद सटीक सूचना मिली। सूचना यह थी कि कहलगाँव थाना क्षेत्र के शिव पार्वती नगर में विजय तांती नामक व्यक्ति के घर के भीतर कुछ लोग बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों का भंडारण कर रहे हैं और वहां से छोटे-छोटे पैकेट बनाकर बाजार में सप्लाई की तैयारी चल रही है।

​वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में तत्काल एक उच्चस्तरीय टीम का गठन किया गया। इस टीम का नेतृत्व अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) कहलगाँव-01 और कहलगाँव थानाध्यक्ष श्यामला कुमार को सौंपा गया। पुलिस टीम जब शिव पार्वती नगर पहुँची और विजय तांती के घर की घेराबंदी की, तो अंदर का मंजर चौंकाने वाला था। घर के एक कमरे में चार युवक पूरी तन्मयता के साथ ब्राउन शुगर की पुड़िया बनाने और नशीली दवाओं की पैकिंग करने में व्यस्त थे। पुलिस बल को अचानक सामने देख चारों ने भागने का असफल प्रयास किया, लेकिन पहले से तैयार सशस्त्र बल के जवानों ने उन्हें कमरे के भीतर ही धर दबोचा।

बरामदगी: वजन मशीन से लेकर सिल्वर पेपर तक, पेशेवर तस्करी का खुलासा

​पुलिस ने जब कमरे की सघन तलाशी ली, तो वहां से जो सामान बरामद हुआ, वह यह साबित करने के लिए काफी था कि यह कोई साधारण नशाखोरी नहीं बल्कि एक संगठित आपराधिक धंधा था। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान विधिवत् जब्त किया है:

  • ब्राउन शुगर: 58.028 ग्राम (डिबिया सहित)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
  • नशीली टैबलेट: 270 पीस (कुल 27 पत्ते)। ये दवाएं अक्सर बिना डॉक्टर के पर्चे के और नशे के विकल्प के रूप में इस्तेमाल की जाती हैं।
  • वजन मशीन (Weight Machines): सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस ने 05 डिजिटल वेट मशीनें बरामद की हैं। इतनी अधिक मशीनों का होना यह दर्शाता है कि यहाँ से थोक और रिटेल दोनों स्तरों पर नशीले पदार्थों की बिक्री होती थी।
  • सिल्वर पेपर और चिल्लम: ब्राउन शुगर के सेवन के लिए इस्तेमाल होने वाला 01 रौल सिल्वर पेपर और मिट्टी का एक चिल्लम भी बरामद हुआ है।
  • नगद और मोबाइल: 800 रुपये नकद और 02 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। मोबाइल फोन के जरिए पुलिस अब उन ‘व्हाट्सएप ग्रुप्स’ और ‘संपर्कों’ की तलाश कर रही है जहाँ से यह माल मंगाया जाता था।

गिरफ्तारी: एक ही परिवार के दो सगे भाई समेत चार सलाखों के पीछे

​पुलिस की गिरफ्त में आए चारों आरोपित कहलगाँव के ही रहने वाले हैं और काफी समय से पुलिस की रडार पर थे। गिरफ्तार आरोपितों का विवरण इस प्रकार है:

  1. मुन्ना कुमार (पिता- विजय तांती)
  2. गोविन्द कुमार (पिता- विजय तांती)
  3. सोनू कुमार (पिता- कारू तांती)
  4. राजा कुमार (पिता- बैजू तांती)

​पकड़े गए मुन्ना और गोविन्द सगे भाई हैं और वे अपने पिता विजय तांती के घर को ही इस काले कारोबार का सुरक्षित ठिकाना बनाए हुए थे। पुलिस इन सभी से सघन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इनके तार साहिबगंज (झारखंड) या पश्चिम बंगाल के किस बड़े ड्रग माफिया से जुड़े हुए हैं।

तस्करी का नया हब: कहलगाँव और बढ़ती चुनौतियां

​कहलगाँव क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से झारखंड और पश्चिम बंगाल की सीमाओं के करीब है, जिसका फायदा अक्सर तस्कर उठाते रहे हैं। पिछले कुछ समय से कहलगाँव के रिहायशी इलाकों में ब्राउन शुगर की उपलब्धता ने स्थानीय अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी थी। शिव पार्वती नगर में हुई यह छापेमारी यह साबित करती है कि अब नशे के सौदागर सुनसान जगहों के बजाय घनी आबादी वाले मोहल्लों को अपना ‘वेयरहाउस’ बना रहे हैं।

​58 ग्राम ब्राउन शुगर की मात्रा सुनने में छोटी लग सकती है, लेकिन नशे की दुनिया में यह हजारों युवाओं को बर्बाद करने के लिए काफी है। 270 नशीली टैबलेट्स का मिलना यह भी संकेत देता है कि यह गिरोह छात्रों और कम उम्र के लड़कों को अपना मुख्य निशाना बना रहा था। 5 वेट मशीनों की मौजूदगी यह स्पष्ट करती है कि यहाँ माल की शुद्धता और मात्रा को लेकर काफी पेशेवर तरीके से काम किया जा रहा था।

छापेमारी दल की कार्यकुशलता: सुशासन का प्रमाण

​इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाले दल में कहलगाँव पुलिस के चुनिंदा और जांबाज अधिकारियों को शामिल किया गया था। छापेमारी दल का विवरण निम्नलिखित है:

  • पु०नि० सह-थानाध्यक्ष श्यामला कुमार: कहलगाँव थाना।
  • पु०अ०नि० रामाशिष कुमार सिंह: कहलगाँव थाना।
  • सिपाही संतोष कुमार (743): कहलगाँव थाना।
  • सिपाही रवि कुमार पाण्डेय (1389): कहलगाँव थाना।
  • सिपाही रंजीत कुमार (1163): कहलगाँव थाना।

​थानाध्यक्ष श्यामला कुमार के नेतृत्व में टीम ने जिस तरह से सूचना का सत्यापन कर बिना समय गंवाए कार्रवाई की, वह काबिले तारीफ है। पुलिस टीम ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

विस्तृत जांच: मोबाइल चैट्स खोलेंगे बड़े राज

​पुलिस ने जो दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं, उन्हें ‘डिजिटल एविडेंस’ के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में कुछ ऐसे सुराग मिले हैं जो यह बताते हैं कि ये चारों युवक केवल मोहरे हैं। इनके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा है जो इन्हें माल की आपूर्ति करता था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि क्या इन नशीले पदार्थों की पेमेंट डिजिटल माध्यमों (UPI) से की जा रही थी?

​वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ यह जंग अब और तेज होगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उनके आस-पास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो वे तुरंत पुलिस को सूचित करें। कहलगाँव की यह कार्रवाई भागलपुर पुलिस की अपराधियों के प्रति ‘नो टॉलरेंस’ नीति का जीवंत उदाहरण है।

समाज को मिलकर लड़नी होगी यह जंग

​कहलगाँव के शिव पार्वती नगर में हुई यह गिरफ्तारी और बरामदगी सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन यह समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। जब रिहायशी मकानों में ‘जहर’ की पैकिंग होने लगे, तो यह समझ लेना चाहिए कि खतरा हमारे घर के दरवाजे तक पहुँच चुका है।

​मुन्ना, गोविन्द, सोनू और राजा जैसे युवाओं का इस काले कारोबार में शामिल होना यह दर्शाता है कि शॉर्टकट से पैसा कमाने की चाहत उन्हें किस अंधेरी गली में ले जा रही है। पुलिस अपना काम कर रही है, लेकिन अभिभावकों और स्थानीय लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है। ‘द वॉइस ऑफ बिहार’ इस कार्रवाई के लिए कहलगाँव पुलिस की सराहना करता है और उम्मीद करता है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह के ‘आकाओं’ को भी सलाखों के पीछे पहुँचाया जाएगा। फिलहाल, चारों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया जारी है।

  • ये भी पढ़े..

    कोसी में इस साल का सबसे अधिक जलप्रवाह, अलर्ट जारी; तटबंधों पर बढ़ा दबाव

    Share Add as a preferred…

    श्राद्ध भोज खाने के बाद 150 से अधिक लोग बीमार, दाल में मरी छिपकली मिलने से मचा हड़कंप

    Share Add as a preferred…